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Punjab News: देश की सेवा में शहीद हो गया फौजी बेटा, अब माता-पिता का नाम राशन कार्ड सूची से कटा
Thu, 16 Mar 2023 12:54 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोगा (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोगा (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 16 Mar 2023 12:54 AM IST
सार
गांव के सरपंच पवनदीप सिंह का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। लखबीर सिंह के शहीद होने के बाद परिवार में काम करने वाला कोई नहीं है। माता-पिता बीमार रहते हैं। अचानक सरकार ने राशन कार्ड सूची से नाम भी हटा दिया है। राशन कार्ड से मिलने वाले गेहूं से परिवार की थोड़ी मदद हो जाती थी।
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शहीद बेटे की तस्वीर दिखाते माता-पिता।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
पंजाब के मोगा जिले के गांव डेमरू खुर्द के शहीद सिपाही लखबीर सिंह के परिवार का नाम राशन कार्ड की सूची से हटा दिया गया है। शहीद लखबीर सिंह के परिवार में माता-पिता और एक भाई और बहन है। माता-पिता काम करने की हालत में नहीं हैं। अब राशन कार्ड सूची से उनका नाम भी हटा दिया गया है। शहीद का परिवार पंजाब सरकार से मदद की अपील की।
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शहीद लखबीर सिंह की माता जसबीर कौर और पिता ने बताया कि बेटे के शहीद होने के बाद सरकार ने 30 लाख रुपये की मदद की थी। इसमें 14 लाख रुपये कर्ज अदा करने में खर्च हो चुके हैं। बाकी पैसा लखबीर सिंह की पत्नी लेकर चली गई और उन्हें सरकारी नौकरी भी मिल गई। हमारे परिवार से रिश्ते तोड़कर वह मायके चली गई। परिवार के आर्थिक हालात बहुत खराब हैं। कोई काम करने की हालात में नहीं है। अब सरकार ने बिना वजह राशन कार्ड काट दिया है। उन्होंने आर्थिक स्थिति के आधार पर सरकार से मदद की अपील की।
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बही गांव के सरपंच पवनदीप सिंह का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। लखबीर सिंह के शहीद होने के बाद परिवार में काम करने वाला कोई नहीं है। माता-पिता बीमार रहते हैं। अचानक सरकार ने राशन कार्ड सूची से नाम भी हटा दिया है। राशन कार्ड से मिलने वाले गेहूं से परिवार की थोड़ी मदद हो जाती थी।
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चीन सीमा पर शहीद हुए थे लखबीर सिंह
लखबीर सिंह 2014 में सेना में भर्ती हुए थे और साल 2019 में उनकी शादी हुई थी। 22 जुलाई 2020 को अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन पर वास्तविक सीमा रेखा पर तैनात थे। सिपाही लखबीर सिंह अपने साथी सतविंदर सिंह के साथ पेट्रोलिंग पर थे। इसी दौरान एक नदी पर लकड़ी के पुल को पार करते वक्त पैर फिसलने के कारण नीचे गिरने से लखबीर सिंह और साथी सतविंदर सिंह शहीद हो गए थे।