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बेटियों के कारण 55 साल बाद मिला शहीद को सम्मान

Fri, 26 Jun 2015 02:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Fri, 26 Jun 2015 02:27 PM IST
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martyr got honour due to daughters after 55 years

भारत-चीन युद्घ में शहीद हुए शहर के एक सैनिक को करीब 55 साल बाद उसकी वीरता का सम्मान हासिल हुआ है। यह सम्मान उसकी बेटियों की लगन और एक्स सर्विसमैन ग्रीवसेंज सेल की कोशिशों से मिल पाया है। सेना ने शहीद के परिवार को बैज ऑफ सेक्रीफाइज सौंप है।

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एक्स सर्विसमैन ग्रीवसेंज सेल के प्रधान लेफ्टिनेंट कर्नल एसएस सोही ने बताया कि नायक बच्चन सिंह दो सिख लाइट इन्फ्रेंट्री में तैनात थे। 1962 में हुए भारत चीन यद्घ में देश के लिए लड़ते हुए वह शहीद हो गए थे। पर उस समय उनकी विधवा जागीर कौर को सेना की तरफ से बैज ऑफ सेक्रीफाइस नहीं दिया गया था।
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सम्मान के इंतजार में ही विधवा की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि शहीद की दो बेटियां थीं। उनका विवाह गरीब परिवार में हुआ था। इसी बीच  शहीद का कच्चा मकान भी गिर गया। मकान पर किसी ने कब्जा कर लिया। इसके चलते शहीद के दस्तावेज भी गुम हो गए थे।
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ऐसे में परिवार को सम्मान मिलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया था। लेकिन, शहीद की बेटी गुलजार कौर अपने पिता का रिकॉर्ड तलाशने में पूरी ताकत से लगीं रहीं। लेकिन, उन्हें रिकॉर्ड नहीं मिला। इसी बीच यह मामला एक्स सर्विसमैन ग्रीवसेंज में सेल जा पहुंचा।


सेल ने इस मामले को गंभीरता से सेना के सामने उठाया। लेकिन, वहां के डीलिंग स्टाफ ने मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। इसके बाद परिवार ने अदालत में जाने की पूरी तैयारी कर ली थी। पर इस दौरान ही सेना ने शहीद के दोहते को मेडल सौंप दिया।

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