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Chandigarh News: कई वेंडिंग साइट खाली, नियमित लाइसेंस फीस देने वालों को मिलेगा मौका
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चंडीगढ़। शहर में अभी भी कई ऐसे वेंडर हैं, जिन्हें साइट आवंटित नहीं हुई है लेकिन वह हर महीने निगम को लाइसेंस फीस जमा करा रहे हैं। ऐसे वेंडर्स को नगर निगम जल्द ही वेंडिंग साइट ऑफर करेगा। नगर निगम ने इसका खाका तैयार कर लिया है। टाउन वेंडिंग कमेटी की जल्द होने वाली बैठक में यह प्रस्ताव लाया जाएगा। नगर निगम ने पाया है कि ऐसे करीब 350 लोग हैं, जो नियमित रूप से लाइसेंस फीस चुका रहे हैं। शहर में वेंडर ज्यादा थे लेकिन साइट कम थी, जिसकी वजह से कई लोगों को साइट आवंटित नहीं हुए। वह जहां बैठे थे, आज भी वहीं बैठकर काम कर रहे हैं। इसमें से कई लोगों ने लाइसेंस फीस जमा करानी बंद कर दी लेकिन कई लोग ऐसे हैं, जो नियमित रूप से लाइसेंस फीस जमा करा रहे हैं। ऐसे लोगों को ही साइट आवंटित की जाएगी ताकि वह अपनी जगह पर बैठकर काम कर सकें। यह वेंडिंग साइट वह हैं, जिन्हें या तो वेंडर ने खुद छोड़ दिया है या फिर जिन्हें नगर निगम ने रद्द किया है।
नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि साइट आवंटित होने के बाद कई ने साइट पर काम करने से मना कर दिया और फिर उन्होंने निगम को साइट सरेंडर कर दी। इसके अलावा शिकायतों के बाद कई साइट निगम ने रद्द भी किए हैं। इस तरह से कई साइट खाली पड़ी हैं। यह मुद्दा टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में आएगा। बता दें कि नगर निगम में 10,920 वेंडर पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें से करीब साढ़े तीन हजार वेंडर की ही हर माह लाइसेंस फीस जमा करवा रहे हैं, जबकि शहर में इससे चार गुना वेंडर काम कर रहे हैं। अन्य वेंडर नगर निगम को अपनी लाइसेंस फीस जमा नहीं करवा रहे हैं। ऐसे में नगर निगम को लाखों रुपये की चपत लग रही है।
2018 से लाइसेंस फीस नहीं चुकाने वाले वेंडर्स की हो रही सुनवाई
कई वेंडर ने वर्ष 2018 के बाद से लाइसेंस फीस नहीं चुकाया है। उनका लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया नगर निगम ने शुरू कर दी है। संयुक्त आयुक्त की ओर से वेंडरों की व्यक्तिगत सुनवाई चल रही है। व्यक्तिगत सुनवाई के बाद भी अगर वेंडर फीस नहीं भरते हैं तो उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। छह जुलाई को ही टाउन वेंडिंग कमेटी ने यह सैद्धांतिक निर्णय ले लिया था कि जिन वेंडरों ने अप्रैल 2018 से अब तक फीस नहीं जमा कराई है, उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। अखबारों में नोटिस भी निकाला था और फीस जमा कराने का समय दिया था लेकिन इन्होंने फीस जमा नहीं कराई। निगम के एक अधिकारी ने बताया कि कई वेंडर्स ने ज्ञापन दिया है। उन सभी को केस-टू-केस के आधार पर देखा जा रहा है। इन वेंडरों का इसी वित्तीय वर्ष में फैसला कर दिया जाएगा।
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नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि साइट आवंटित होने के बाद कई ने साइट पर काम करने से मना कर दिया और फिर उन्होंने निगम को साइट सरेंडर कर दी। इसके अलावा शिकायतों के बाद कई साइट निगम ने रद्द भी किए हैं। इस तरह से कई साइट खाली पड़ी हैं। यह मुद्दा टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में आएगा। बता दें कि नगर निगम में 10,920 वेंडर पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें से करीब साढ़े तीन हजार वेंडर की ही हर माह लाइसेंस फीस जमा करवा रहे हैं, जबकि शहर में इससे चार गुना वेंडर काम कर रहे हैं। अन्य वेंडर नगर निगम को अपनी लाइसेंस फीस जमा नहीं करवा रहे हैं। ऐसे में नगर निगम को लाखों रुपये की चपत लग रही है।
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2018 से लाइसेंस फीस नहीं चुकाने वाले वेंडर्स की हो रही सुनवाई
कई वेंडर ने वर्ष 2018 के बाद से लाइसेंस फीस नहीं चुकाया है। उनका लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया नगर निगम ने शुरू कर दी है। संयुक्त आयुक्त की ओर से वेंडरों की व्यक्तिगत सुनवाई चल रही है। व्यक्तिगत सुनवाई के बाद भी अगर वेंडर फीस नहीं भरते हैं तो उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। छह जुलाई को ही टाउन वेंडिंग कमेटी ने यह सैद्धांतिक निर्णय ले लिया था कि जिन वेंडरों ने अप्रैल 2018 से अब तक फीस नहीं जमा कराई है, उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। अखबारों में नोटिस भी निकाला था और फीस जमा कराने का समय दिया था लेकिन इन्होंने फीस जमा नहीं कराई। निगम के एक अधिकारी ने बताया कि कई वेंडर्स ने ज्ञापन दिया है। उन सभी को केस-टू-केस के आधार पर देखा जा रहा है। इन वेंडरों का इसी वित्तीय वर्ष में फैसला कर दिया जाएगा।
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