पंजाब में आईएसआई रच रही नापाक साजिश, सीमा से सटे गांवों के कई लोगों के पास पाक हथियार
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पाकिस्तान से आए हथियार सीमावर्ती गांवों में रहने वाले ज्यादातर लोगों के पास है। सरहदी गांवों के कई कम उम्र के नौजवान हेरोइन व हथियार तस्करी से जुड़े हैं, जिनका रिकॉर्ड सुरक्षा एजेंसियों के पास नहीं है। इनके पास पाक से आए ऑटोमेटिक पिस्टलें व अन्य आधुनिक हथियार है। पंजाब का कुख्यात तस्कर जोगिंदर सिंह उर्फ सम्मी मौजूदा समय में नाभा जेल में बंद है, जिसके पाक तस्करों से गहरे संबंध हैं और हवेली भी सतलुज नदी के किनारे बनाई हुई है।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक यह तस्कर पाक से हेरोइन के साथ खतरनाक हथियार मंगवाकर गैंगस्टरों को सप्लाई करता है। नाभा जेल में बंद होने के बावजूद भी इसका कारोबार चल रहा है। मालूम हो कि अमृतसर से जम्मू-कश्मीर जा रहे ट्रक से पकड़े गए हथियारों के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर पुलिस पंजाब की जेल में बंद कुख्यात तस्करों से भी पूछताछ कर सकती है, जो हेरोइन के साथ हथियारों की तस्करी करते रहे हैं।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक पंजाब से सटी भारत-पाक सीमा के पास बसे ममदोट ब्लाक, फिरोजपुर, फाजिल्का व तरनतारन ऐसे क्षेत्र हैं कि यहां से हेरोइन व हथियारों की तस्करी आसान है। सीमांत गांवों के कम उम्र के नौजवान पैसों की चकाचौंध में हेरोइन व हथियार तस्करी के धंधे से जुड़े हैं। कई बार बीएसएफ व पुलिस ऐसे नौजवानों को तस्करी के कारोबार में पकड़ चुकी है।
पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारियों की तस्करों से सांठगांठ हैं, इसीलिए पाक तस्कर हेरोइन के साथ-साथ नये तस्करों को हथियार भी भेज रहे हैं, यही नहीं जिन लोगों तक हथियार पहुंचाने हैं वो भी कार्य तस्करों को सौंप देते हैं। अमृतसर में बैठे विभिन्न प्रकार के कारोबार कर रहे कई लोग पाक तस्करों के संपर्क में है लेकिन माल उन लोगों से सरहद से मंगवाते हैं, जिनकी जमीनें फेंसिंग पार है, ऐसे लोगों को मोटी रकम देकर हेरोइन व हथियार फेंसिंग पार से मंगवा लेते हैं।
पकड़े गए तस्करों ने सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष इस बात का खुलासा भी किया है। कई ऐसे लोग हैं, जो सरहदी गांवों में बड़ी-बड़ी हवेली बनाकर बैठे हैं और सियासी लोगों के संपर्क में है। ये लोग सरहद पार से आने वाली हेरोइन व हथियार मंगवाकर आगे गैंगस्टरों व अन्य शरारती तत्वों को सप्लाई करते हैं।
सियासी नेताओं से लेकर पुलिस और बीएसएफ से अपराधियों के संपर्क
कई गैंगस्टरों से संबंध रखने वाले लोगों की गतिविधियां सियासी लोगों के साथ देखी गई हैं। जानकारों के मुताबिक कई तस्कर ऐसे हैं, जिनके संबंध पुलिस व बीएसएफ के जवानों से हैं, जो तस्करी करने में मदद करते रहे हैं, ऐसे जवान पकड़े भी गए हैं। ममदोट, तरनतारन व फिरोजपुर में बहुत से तस्कर सक्रिय हैं।
कई बार तस्करों की धरपकड़ कर पुलिस उनके घरों में छापामारी कर हेरोइन व हथियार के साथ पचास लाख रुपये के करीब की नकदी पकड़ चुकी है। उल्लेखनीय है कि कई बार ऐसा हुआ है कि फेंसिंग पार खेतों में हेरोइन व हथियार की खेप पाक तस्कर पहुंचा देते हैं, पर बीएसएफ को इसकी भनक नहीं लगती। लेकिन अन्य सुरक्षा एजेंसियों की सूचना पर खेप पकड़ी जा चुकी है। कई बार तस्कर बीएसएफ को चकमा देकर आसानी से सरहद से हेरोइन व हथियारों की खेप लेकर निकल जाते हैं।
पंजाब में अशांति फैलाने की साजिश
काउंटर इंटेलीजेंस के एआईजी अजय मलुजा ने इस संबंध में बताया कि विभाग समय-समय पर ऐसे अभियान चलाता है। जिसके जरिये हथियारों व हेरोइन की खेप होती रही है। सरहद पार से आए बहुत से हथियार तस्करों से पकड़े हैं। सरहदी गांवों में रहने वाले कई शरारती तत्वों के पास पाकिस्तान से आए हथियार हैं। मलुजा ने बताया कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन के मुखिया पंजाब में गैंगस्टरों से बड़ी वारदातें करवा रहे हैं। यही नहीं खालिस्तानी आकाओं ने तस्करों को भी अपने साथ मिला रखा है। ये सब कुछ पंजाब में अशांति फैलाने का कार्य कर रहे हैं।