फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Many Important Projects are incomplete in Chandigarh Due to Corona

चंडीगढ़: कोरोना ने लगाया प्रशासक के ड्रीम प्रोजेक्ट्स पर ब्रेक, शूटिंग रेंज से लेकर विंटेज म्यूजियम का काम रूका

Wed, 23 Jun 2021 04:40 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 23 Jun 2021 04:40 PM IST
सार

चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर का कार्यकाल 22 अगस्त को खत्म हो रहा है। उनके ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल इंटरनेशनल शूटिंग रेंज, बेअंत सिंह मेमोरियल, विंटेज कार म्यूजियम, बस क्यू शेल्टर और सिटी फॉरेस्ट में पक्षीशाला का निर्माण कार्य अभी तक अधर में लटका है।

विज्ञापन
Many Important Projects are incomplete in Chandigarh Due to Corona
सुखना लेक के पीछे सिटी फॉरेस्ट में पक्षीशाला (बर्ड एवीयरी) का था प्रोजेक्ट - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

कोरोना महामारी के चलते चंडीगढ़ के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अधर में हैं। इनमें से कई प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जो यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के ड्रीम प्रोजेक्ट हैं। इनमें सेक्टर-25 में बन रही इंटरनेशनल शूटिंग रेंज, बेअंत सिंह मेमोरियल, विंटेज म्यूजियम, बस क्यू शेल्टर और सिटी फॉरेस्ट में बर्ड एवीयरी (पक्षीशाला) प्रमुख हैं।

विज्ञापन


इन्हें लेकर प्रशासक खुद खासे उत्साहित हैं और समय-समय पर इन परियोजनाओं की समीक्षा करते रहते हैं। 22 अगस्त 2021 को प्रशासक बदनौर का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इससे पहले वह उन सभी परियोजनाओं का उद्घाटन करना चाहते हैं, लेकिन कोरोना की वजह से इन सभी की रफ्तार या तो थम गई है, या धीमी पड़ गई है। आइए जानते हैं वो कौन सी परियोजनाएं हैं, जिन्हें प्रशासक अगस्त से पहले शहरवासियों को सौंपना चाहते हैं।

विज्ञापन

बस क्यू शेल्टर का निर्माण ठंडे बस्ते में

2017 में शहर में अत्याधुनिक बस क्यू शेल्टर बनवाने की कवायद हुई थी, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब तो अधिकारियों ने भी इसे गंभीरता से लेना छोड़ दिया है। यह हाल तब है, जब इसे प्रशासक वीपी सिंह बदनौर का ड्रीम प्रोजेक्ट कहा जाता है। कई बार टेंडर भी हो चुका है, लेकिन हर बार इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। कुल 497 में से 294 बस क्यू शेल्टर नए बनने हैं, जबकि 203 बस क्यू शेल्टरों का नवीकरण होना है।

यह बस क्यू शेल्टर बिल्ट ऑपरेट ट्रांसफर (बीओटी) के आधार पर बनने हैं। बहुत कम कंपनियां ऐसी हैं, जो दोनों काम करती हों। इसी वजह से इंजीनियरिंग विभाग की ओर से कई बार टेंडर निकालने की पहल की गई, लेकिन हर बार उसे निराशा ही हाथ लगी। चीफ इंजीनियर सीबी ओझा का कहना है कि कोरोना की वजह से भी इसमें देरी हुई है। जल्द आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इस महीने खत्म होना था बेअंत सिंह मेमोरियल का काम, बैठक तक नहीं हुई
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर सेक्टर-42 के सरदार बेअंत सिंह मेमोरियल कांप्लेक्स को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की तर्ज पर बनाना चाहते हैं। इसे क्लब बनाने की भी तैयारी हो रही है, जिसके सदस्य चंडीगढ़ और पंजाब के वरिष्ठ अधिकारी, जज, सेना के पूर्व अधिकारी व अन्य होंगे। इसके लिए चंडीगढ़ ने 12 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जबकि पंजाब सरकार ने 10 करोड़ दिए हैं।

इस प्रोजेक्ट के लिए एक गवर्निंग काउंसिल बनाई गई है, जिस पर पंजाब सरकार की तरफ से कुछ आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इसके बाद फैसला लिया गया था कि प्रशासक की अध्यक्षता में एक बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें तमाम मुद्दों पर चर्चा होगी, लेकिन कोरोना के चलते अब तक बैठक ही नहीं हो पाई है। इसके अलावा यहां एक मीडिया सेंटर था, जिसे अब कैफेटेरिया के रूप में बदला जा रहा है, इसका काम भी जून 2021 में खत्म होना था।

विंटेज कार म्यूजियम : कंपनी की तलाश में दो बार टेंडर, असफल रहा प्रशासन

शहर में विंटेज कारों के काफी शौकीन हैं। इसलिए सेक्टर-18 स्थित गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग में प्रेस का काम बंद होने के बाद प्रशासन ने इसे विंटेज कारों का म्यूजियम बनाने का आदेश दिया था। इस पर भी कई महीनों से काम चल रहा है। बीते दिनों यूटी प्रशासन ने तीसरी बार इच्छुक कंपनियों व एजेंसियों से आवेदन मांगे हैं, जो भी कंपनी इस काम के लिए तय की जाएगी, वह स्थापना के साथ ही म्यूजियम को चलाने और उसके रखरखाव काम भी देखेगी।

विंटेज कार म्यूजियम में करीब 50 विंटेज कारें खड़ी हो सकेंगी। यहां खड़ी होने वाली विंटेज कारें मालिकों के नाम से होंगी। इससे पहले प्रशासन दो बार कंपनी की तलाश के लिए टेंडर कर चुका है, लेकिन उसमें असफल रहा है। साथ ही म्यूजियम के एक हिस्से में चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर को भी रखा जाएगा, जो विदेश में लाखों में बिकता है लेकिन ये कब तक बन कर तैयार होगा, यह कहा नहीं जा सकता है।

विज्ञापन

सिटी फॉरेस्ट में पक्षीशाला बनने में भी अभी लगेगा समय

प्रशासक बदनौर सुखना के पीछे सिटी फॉरेस्ट में एक पक्षीशाला (बर्ड एवीयरी) बनाना चाहते हैं। इसके लिए कई महीनों से काम चल रहा है। वन विभाग और इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से कोरोना की पहली लहर के बाद भी यहां काम जारी रहा लेकिन दूसरी लहर की वजह से काम पूरा नहीं हो पाया।

यह पक्षीशाला सुखना लेक और रॉक गार्डन के बीच में है। प्रशासन इसे शहर का तीसरा प्रमुख पर्यटन स्थल बनाना चाहता है। यहां एक ओपन जिम और बच्चों के लिए चिल्ड्रेन पार्क भी बनाया जाना है। अप्रैल 2021 में इसका उद्घाटन प्रशासक द्वारा किया जाना था लेकिन कोरोना के चलते सभी काम बंद होने की वजह से इसमें भी देरी हुई है। विभाग का अब भी कहना है कि वह अगले एक से डेढ़ महीने में काम पूरा कर लेंगे।

11 एकड़ जमीन के चक्कर में लटका इंटरनेशनल शूटिंग रेंज का निर्माण
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को शूटिंग से खासा लगाव है, इसलिए वह शहर में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का शूटिंग रेंज बनाना चाहते हैं। इसलिए सेक्टर-25 के शूटिंग रेंज को इंटरनेशनल शूटिंग रेंज बनाने का प्रस्ताव बनाया गया ताकि राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय व ओलंपिक की तैयारियों के लिए खिलाड़ियों को कहीं बाहर न जाना पड़े।

करीब डेढ़ साल पहले इस पर काम शुरू हुआ लेकिन वर्तमान शूटिंग रेंज को अपग्रेड करने के लिए वन विभाग की 11 एकड़ जमीन की जरूरत है। इसके लिए प्रशासक ने मंजूरी दे दी लेकिन अंतिम मंजूरी के लिए मंत्रालय के पास फाइल भेजी गई है, अब तक मामला अटका हुआ है। प्रशासक ने 9 दिसंबर 2020 को अधिकारियों के साथ इस शूटिंग रेंज का दौरा भी किया था। अब बदनौर के कार्यकाल में इस शूटिंग रेंज का उद्घाटन मुश्किल लग रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed