कैबिनेट का फैसला: हरियाणा के युवाओं को निजी क्षेत्र में 75 फीसदी नौकरी देने को विधेयक लाएगी सरकार
- विधानसभा का मानसून सत्र फिर बुलाने की तैयारी, 3 या 10 नवंबर के बाद शुरू होने की उम्मीद
- राज्य जल प्राधिकरण बनाने को मंजूरी, पंचकूला में सीटीयू बसों पर अब टैक्स नहीं
विस्तार
हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में शुक्रवार शाम अहम निर्णय लिए गए। निजी क्षेत्र की नौकरियों में प्रदेश के युवाओं को 75 फीसदी रोजगार सुनिश्चित करने लिए सरकार अब विधानसभा में विधेयक लाएगी। इससे जुड़े अध्यादेश को वापस लेने के लिए सरकार ने राज्यपाल से आग्रह किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में मानसून सत्र को दोबारा से बुलाने पर सहमति बनी है।
सीएम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को पिछले सत्र को दोबारा से चलाने के लिए कहा जाएगा। उनसे चर्चा के बाद सत्र को दोबारा शुरू करने की तिथि निश्चित की जाएगी। 3 या 10 नवंबर के बाद सत्र की कार्यवाही दोबारा शुरू हो सकती है। सरकार अपना राज्य जल प्राधिकरण बनाएगी। अभी तक केंद्रीय जल प्राधिकरण के निर्णय ही मान्य होते थे। मंत्रिमंडल ने अपना प्राधिकरण बनाने को मंजूरी दे दी है। देश में आठ राज्य अपना जल प्राधिकरण बना चुके हैं।
निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत रोजगार युवाओं को देने के लिए सरकार अध्यादेश लाई थी। मंत्रिमंडल में इसका निर्णय लिया गया था। अध्यादेश मंजूरी के लिए राज्यपाल को भेजा गया लेकिन उन्होंने उस पर हस्ताक्षर नहीं किए। सरकार ने हस्ताक्षर करने का आग्रह भी किया लेकिन बात नहीं बनी।
अब सरकार ने मंत्रिमंडल बैठक में विधानसभा में विधेयक लाने का निर्णय लिया है। जिसे सदन में चर्चा के बाद पारित कराकर कानून बनाया जाएगा। वहीं सरकार ने पंचकूला में सीटीयू बसों को करमुक्त करने का निर्णय लिया है। इन बसों से अब कोई कर पंचकूला आने पर नहीं लिया जाएगा। जिससे किराए में भी कमी आने की उम्मीद है।
ये निर्णय भी लिए
- हरियाणा बिजली वितरण निगमों की रिपोर्ट पेश की गई। उदय योजना के समय कुछ शर्तें लगाई थीं, इनमें बदलाव किया गया है। 8 हजार 670 करोड़ रुपये की बचत पिछले 5 साल में बचत हुई है। 4525 गांवों में म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत 24 घंटे बिजली दी जा रही है।
- ये हरियाणा का अब तक का इतिहास है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने 700 करोड़ का लोन लिया है। इसके लिए राज्य सरकार ने गारंटी दी है।
- 55 करोड़ रुपये रोहतक के मेगा फूड प्रोजेक्ट के लिए कर्ज की गारंटी दी।
- शिक्षक तबादला नीति में बदलाव को मंजूरी। अविवाहित और विधवा महिला शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- हाउसिंग फॉर आल के नाम से हाउसिंग विभाग का नाम रखने को मंजूरी। इसमें अब हाउसिंग से जुड़ी सभी योजनाएं शामिल की जाएंगी।
- एमएसएमई को और मजबूत करने के लिए इसके काम को तीन जगह बांटा गया।
- बरोदा के जनता कॉलेज बुटाना को यूनिवर्सिटी बनाने के एजेंडा को आचार सहिंता के चलते वापस लिया गया।