फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Many houses in Mirchpur do not burn in stove

मिर्चपुर में कई घरों में नहीं जले चूल्हे, दुकानें भी बंद रहीं, ताश खेलने भी नहीं आए बुजुर्ग

Sun, 26 Aug 2018 10:11 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार Updated Sun, 26 Aug 2018 10:11 AM IST
विज्ञापन
Many houses in Mirchpur do not burn in stove
मिर्चपुर

दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद शनिवार को भी मिर्चपुर ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगातार प्रदेश सरकार को इनपुट भेजते रहे। गांव में करीब 70 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। खुफिया विभाग की टीम भी लगातार निगरानी कर रही है। गांव में लगे सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग भी लगातार मुख्यालय भेजी जा रही है। 

विज्ञापन


गांव की शांति कमेटी के प्रधान मा. चंद्र प्रकाश ने कहा कि फैसला चौंकाने वाला है। कोर्ट ने हमारे शांति के प्रयासों की अनदेखी की है। कोर्ट के इस फैसले में कई निर्दोषों को भी लपेटे में ले लिया है। दोनों समुदायों के बीच सुलह कर गांव में दोबारा से बसाए जाने के प्रयासों को धक्का लगा है। आठ साल की मेहनत से भाईचारे का माहौल तैयार हो रहा था।
विज्ञापन


निर्दोषों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ही एक सहारा बचा है। जज की गाड़ी जलाने के मामले में भी हमारे गांव को बदनाम किया गया। बाहर के लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया था। इसमें हमें दस-दस साल की सजा भुगतनी पड़ रही है। कमेटी के शांति प्रयास के बाद गांव में एक भी मामला दर्ज नहीं होने दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


आगे भी शांति के प्रयास जारी रहेंगे। कमेटी के सदस्य वजीर सिंह, मेहर सिंह, राजेश, रोहतास सोनी, मा. देवासिंह, रायसिंह शर्मा, कृष्ण नंबरदार, रामफल, सजना, सत्यवान शर्मा, महावीर नबरदार, मा.समत सिंह, फतेहसिंह व रघुबीर मिलकर शांति के मुद्दे पर विचार करते हैं। 

सविल ड्रेस में खुफिया तंत्र और पुलिसकर्मी नियुक्त
नारनौंद के डीएसपी जोगिंद्र सिंह ने कहा कि गांव से बाहर पुलिस के पुख्ता प्रबंध हैं। सिविल ड्रेस में खुफिया तंत्र और पुलिसकर्मी नियुक्त किए गए हैं। बाहर से आने वाले लोगों पर खास निगरानी की जा रही है।  


सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार जोगेंद्र सिंह ने कहा कि गांव में किसी भी प्रकार से माहौल को खराब होने से रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरों की मदद से गांव की पूरी निगरानी कर रहे हैं। गांव में वीरानगी सी छाई रही। गांव के बस अड्डे पर ज्यादातर दुकानें भी बंद रहीं। चबूतरों पर ताश खेलने वाले बुजुर्ग भी नहीं दिखे। राजेश गिल, सुरेश कुमार, अनिल कुमार व रणधीर ने बताया कि सजा पाने वाले 33 परिवारों में कइयों के घरों में चूल्हे नहीं जले।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed