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कई दावेदार.. पीयू को नवंबर में मिल सकता है स्थायी रजिस्ट्रार
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय को नवंबर में स्थायी रजिस्ट्रार मिल सकता है। इस पद के लिए कई दावेदार हैं जो अपने-अपने स्तर से सिफारिश लगा रहे हैं। कुछ शिक्षक अधिक मजबूत हैं, जिनको इस कुर्सी पर बैठाया जा सकता है। तीन साल के लिए वह इस कुर्सी पर रहकर कार्य करेंगे।
पीयू के रजिस्ट्रार रहे प्रो. करमजीत सिंह के पंजाब के एक विश्वविद्यालय के वीसी बनने के बाद यह कुर्सी खाली हो गई। रजिस्ट्रार का कार्य महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में इस पद का चार्ज एफडीओ विक्रम नैयर को दे दिया गया। वह लगभग एक माह से इसका संचालन कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि उन्हें चार्ज इसलिए दिया गया था कि ताकि सीनेटर आदि विरोध दर्ज न करवाएं। 31 अक्तूबर तक सीनेट का कार्यकाल है। उसके बाद यहां दूसरे व्यक्ति को चार्ज दिया जाएगा या स्थायी रूप से नियुक्ति होगी। सूत्रों का कहना है कि एफडीओ का पद जिम्मेदारी का है। उस पद से अधिक कार्य रजिस्ट्रार पद का है। ऐसे में एक व्यक्ति दोनों पदों का सफल संचालन नहीं कर पाएगा। इसलिए रजिस्ट्रार किसी अन्य व्यक्ति को बनाया जाएगा। चार शिक्षकों के नाम प्रमुखता से चल रहे हैं। मंगलवार को कई कार्यालयों में इसको लेकर चर्चा रही। तमाम शिक्षकों की राय भी है कि रजिस्ट्रार का कार्य दूसरे व्यक्ति को दिया जाए ताकि एफडीओ अपने मूल पद पर बेहतर कार्य कर पाएं।
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पीयू के रजिस्ट्रार रहे प्रो. करमजीत सिंह के पंजाब के एक विश्वविद्यालय के वीसी बनने के बाद यह कुर्सी खाली हो गई। रजिस्ट्रार का कार्य महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में इस पद का चार्ज एफडीओ विक्रम नैयर को दे दिया गया। वह लगभग एक माह से इसका संचालन कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि उन्हें चार्ज इसलिए दिया गया था कि ताकि सीनेटर आदि विरोध दर्ज न करवाएं। 31 अक्तूबर तक सीनेट का कार्यकाल है। उसके बाद यहां दूसरे व्यक्ति को चार्ज दिया जाएगा या स्थायी रूप से नियुक्ति होगी। सूत्रों का कहना है कि एफडीओ का पद जिम्मेदारी का है। उस पद से अधिक कार्य रजिस्ट्रार पद का है। ऐसे में एक व्यक्ति दोनों पदों का सफल संचालन नहीं कर पाएगा। इसलिए रजिस्ट्रार किसी अन्य व्यक्ति को बनाया जाएगा। चार शिक्षकों के नाम प्रमुखता से चल रहे हैं। मंगलवार को कई कार्यालयों में इसको लेकर चर्चा रही। तमाम शिक्षकों की राय भी है कि रजिस्ट्रार का कार्य दूसरे व्यक्ति को दिया जाए ताकि एफडीओ अपने मूल पद पर बेहतर कार्य कर पाएं।
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