आम बजट पर टिकी मेन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की नजरें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार मेन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने की बात कर रहे हैं। जिससे रोजगार के मौके बढ़ेंगे। इसलिए पंजाब के मेन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को इस बार केंद्रीय बजट से खास उम्मीदें हैं।
उद्यमियों को लगता है कि वित्तमंत्री अरुण जेटली 28 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट में इस सेक्टर को खास तोहफे देंगे। पंजाब के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में साइकिल, मशील टूल्स, हैंड टूल्स, ऑटो पार्ट्स समेत तमाम तरह की इंडस्ट्री है।
यहां के उद्यमियों की प्रमुख मांग है कि उन्हें लेवल प्लेइंग फील्ड मिलना चाहिए। उत्पादन लागत घटाने की कोशिश होनी चाहिए। इंडस्ट्री के मुताबिक टैक्स सिस्टम और सारी प्रक्रियां बहुत जटिल हैं। मल्टिपल टैक्स सिस्टम को खत्म कर जल्द से जल्द जीएसटी लागू किया जाना चाहिए।
टैक्स सिस्टम और प्रक्रिया का हो सरलीकरण
उद्यमियों को उम्मीद है कि सर्विस टैक्स और सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी पर सरकार कोई फैसला ले सकती है। उनकी मांग है कि सर्विस टैक्स घटना चाहिए।
साथ ही सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी का कैप बारह फीसदी से घटा कर आठ फीसदी किया जाना चाहिए। कच्चे माल पर इंपोर्ट ड्यूटी भी कम की जानी चाहिए। उद्यमियों की यह भी मांग है कि टैक्स रिफंड की प्रक्रिया में सुधार किया जाना चाहिए।
गलत प्रक्रिया के चलते उद्यमियों की करीब तीस फीसदी वर्किंग कैपिटल एक्साइज और कस्टम जैसे विभागों के पास फंसी रहती है। दूसरी तरफ वे बैंकों को ब्याज भी देते हैं। मेन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को मिनिमम आल्टरनेटिव टैक्स की दर घटने की उम्मीद है, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
स्माल स्केल इंडस्ट्री की लिमिट बढ़नी चाहिए
इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल केचेयरमैन (नॉर्दर्न रीजन) एससी रल्हन कहा कि मंदी का दौर चल रहा है। अगर आयकर में पांच साल के लिए छूट दी जाए तो निर्यात बढ़ सकता है।
सरकार को स्माल स्केल इंडस्ट्री की लिमिट बढ़ानी चाहिए। इसके साथ ही केंद्र सरकार की एक आधुनिकीकरण की योजना है, उसका दायरा भी बढ़ाया जाना चाहिए। प्रक्रियाएं काफी जटिल हैं, जिससे दलाल सक्रिय हो गए हैं। सारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण होना चाहिए।