मनोज परिदा ने हरियाणा की मुख्य सचिव को लिखा पत्र, सेक्टर-17 में जुटी भीड़ पर जताई आपत्ति
- चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार ने हरियाणा की मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जताई आपत्ति
- केंद्र शासित प्रदेश को दोनों राज्यों की सरकारें नहीं कर रहीं सहयोग
- बीते मंगलवार को सेक्टर-17 में हरियाणा के विभिन्न जिलों से पहुंच गए थे सैकड़ों नवनियुक्त लिपिक
विस्तार
हरियाणा और पंजाब की मनमानी कोरोना के मामले में चंडीगढ़ पर भारी पड़ रही है। दोनों राज्य सरकारों से सहयोग न मिलने के कारण केंद्र शासित प्रदेश में महामारी तेजी से पांव पसार रही है। इस मामले में चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने हरियाणा के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।
बता दें कि बीते मंगलवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में दमकल विभाग के साथ लगते ग्राउंड में सैकड़ों नवनियुक्त लिपिक ज्वाइनिंग के लिए एकत्रित हो गए थे। उनके साथ बड़ी संख्या में परिजन भी मौजूद थे। इस दौरान कई युवकों ने न तो मास्क पहना था और न ही सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का ध्यान रखा।
मामला स्थानीय प्रशासन के संज्ञान में आया। अमर उजाला ने भी इसे फोटो सहित प्रकाशित किया। चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा को पत्र लिखकर व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है।
मनोज परिदा ने अपने पत्र में लिखा है कि 691 नवनियुक्त लिपिकों को सेक्टर-17 स्थित नए सचिवालय में एक साथ ज्वाइनिंग के लिए बुला लिया गया। इनमें से कई अपने माता-पिता के साथ आए हुए थे। आप भलीभांति जानती हैं कि चंडीगढ़ में कोरोना तेजी से फैल रहा है।
सैकड़ों केस सामने आ रहे हैं, ऐसे में इतनी संख्या में भीड़ बड़े स्तर पर संक्रमण फैला सकती है, जो चंडीगढ़ प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बनेगा। परिदा ने मुख्य सचिव, हरियाणा से आग्रह किया है कि कोरोना को देखते हुए सभी विभागों को निर्देश दें, वे चरणबद्ध तरीके से लिपिकों को ज्वाइनिंग के लिए बुलाएं। अगर ये बेहद जरूरी है तो ही लिपिक बुलाए जाएं, अन्यथा भीड़ एकत्रित न करें।
केंद्र को विश्वास में लिया
सूत्रों के अनुसार चंडीगढ़ प्रशासन ने हरियाणा की मुख्य सचिव को पत्र लिखने से पहले केंद्र सरकार को विश्वास में लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया। चूंकि बीते कुछ दिनों से चंडीगढ़ में कोरोना के रिकॉर्ड केस सामने आ रहे हैं।
ट्राइसिटी लॉकडाउन पर नहीं मिला साथ
ट्राइसिटी में केस बढ़ने पर चंडीगढ़ प्रशासन ने बीते महीने हरियाणा व पंजाब को सप्ताहांत बंदी (वीकेंड लॉकडाउन) की पेशकश की थी, जिसे दोनों राज्यों ने ठुकरा दिया। इसके कुछ दिन बाद पंजाब व हरियाणा ने संक्रमित मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी पर सप्ताहांत बंदी का निर्णय लिया। अगर दोनों सरकारें चंडीगढ़ का प्रस्ताव मान लेतीं तो स्थिति कुछ और हो सकती थी। चंडीगढ़ को कोरोना के मामले में दोनों राज्यों से हरसंभव सहयोग में कहीं न कहीं कमी दिखी है।