पराली पर घमासान: मनोहर का मान पर पलटवार, पंजाब ने जरा सा भी काम नहीं किया, हरियाणा से सीखें प्रबंधन
मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पराली न जलाने व पराली के उचित प्रबंधन के लिए 1000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया है। पराली की गांठ बनाने के लिए 50 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि और पराली प्रबंधन के उपकरणों पर सब्सिडी दी जाती है।
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हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने पराली के मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और उन पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से रोकने पर पंजाब सरकार जरा सा भी काम नहीं कर रही है। आंकड़े पेश करते हुए मनोहर लाल ने नसीहत दी है कि पंजाब सरकार को चाहिए कि वह पराली प्रबंधन के लिए हरियाणा की तरह किसानों को प्रोत्साहन राशि दे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पराली जलाने का हल निकालने के बजाय पंजाब के मुख्यमंत्री आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहे हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री किसानों को भड़का रहे हैं और अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए केंद्र पर आरोप लगा रहे हैं। उन्हें केंद्र सरकार या किसी और पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पराली जलने की घटनाओं की मॉनिटिरिंग सेटेलाइट से होती है और इसमें कोई दो राय नहीं है कि पंजाब सरकार राज्य में पराली प्रबंधन में पूरी तरह से फेल हुई है और अब वह अपनी नाकामी का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ रही है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
पराली का मुद्दा कई वर्षों से गंभीर है। पंजाब सरकार इसे लेकर जरा भी चिंतित नहीं है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में इस साल 25 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2022 में अब तक हरियाणा में पराली जलाने की महज 2249 घटनाएं सामने आई हैं, जबकि पंजाब में इन घटनाओं में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
पंजाब में अब तक पराली जलाने की 21500 घटनाएं सामने आई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप पार्टी के नेता पहले तो फ्री की घोषणाएं करते हैं और फिर उन्हें पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ देखते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहले दिल्ली में प्रदूषण के लिए पंजाब और हरियाणा के किसानों को दोषी मानते थे और अब यह दोष सिर्फ हरियाणा के किसानों पर लगाया जा रहा है। यही हाल दिल्ली में यमुना का है जिसमें प्रदूषण इतना ज्यादा है कि वह नाला बन कर रह गई है। आम आदमी पार्टी की सरकारों को चाहिए कि वह तुच्छ राजनीति करने के बजाय कुछ काम करके दिखाए।
हरियाणा सरकार दे रही प्रोत्साहन राशि
मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पराली न जलाने व पराली के उचित प्रबंधन के लिए 1000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया है। पराली की गांठ बनाने के लिए 50 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि और पराली प्रबंधन के उपकरणों पर सब्सिडी दी जाती है। वहीं, फसल अवशेष प्रबंधन के उपकरण 50 प्रतिशत और कस्टम हायरिंग सेंटर पर 80 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
अगर किसान करनाल और पानीपत के इथनॉल टू प्लांट में पराली की गांठ बनाकर ले जाता है तो उन्हें दो हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। किसान किसी गौशाला में पराली ले जाता है तो उसे 1500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। रेड जोन क्षेत्र में पराली न जलाने पर पंचायत को सरकार 10 लाख रुपये तक पुरस्कार देती है। पिछले वर्ष पराली प्रबंधन के लिए सरकार ने 216 करोड़ का प्रावधान किया था।