आम की 2 हजार वैरायटीज देखनी हैं तो पहुंचें पिंजौर
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चंद्रमोहन, मैंगो फिजा व चांद मोहम्मद... जी हां, ये हैं आम की कुछ ऐसी वेराइटियां जिसे लोगों ने काफी पसंद किया। कई लोग इन नामों से पहले से वाकिफ हैं, लेकिन फलों के राजा को जब इन नामों से संबोधित किया गया तो खूबियां और भी बढ़ गईं। इनके चाहने वालों की संख्या भी कम नहीं है।
मैंगो मेले में देश भर के अलग-अलग हिस्सों से दो हजार से अधिक वेराइटियां प्रदर्शित की गई हैं। नाम ऐसे-ऐसे जो सुने चौंक जाए। एपल मैंगो, फिश मैंगो, बर्ड मैंगो, सोहन चितला, रोशन तब्बात सहित दर्जनों वेराइटियों के लजीज आमों का स्वाद चखने के लिए सैकड़ों दीवाने शनिवार को पिंजौर के यादविन्द्रा गार्डन में 23वें दो दिवसीय मैंगो मेले में पहुंचे। यह मेला बागवानी व पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित किया जा रहा है।
अलग-अलग किस्में लोगों के आकर्षण का केन्द्र
मेले में पहले दिन आमों की अलग-अलग किस्में लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहीं। एपल मैंगो, फिश मैंगो, बर्ड मैंगो, सोहन चितला, रोशन तब्बात सहित दर्जनों वेराइटियों को लोगों ने खूब पसंद किया। हालांकि इनमें से अधिकतर आम बिकने के लिए नहीं बल्कि सिर्फ प्रदर्शित करने के लिए लाए गए थे। यहां पहुंचे लोग इनके बारे में जानकारियां हासिल करने के लिए काफी उत्साहित दिखे। मैंगो मेले में देश भर के अलग-अलग हिस्सों से दो हजार से अधिक वेराइटियां प्रदर्शित की गई हैं। इसके बारे में जानकारी लेने के लिए लोगों में खासा उत्साह दिखा।
सहारनपुर से आए आम विक्रेता उस्मान ने बताया कि रोशन तब्बात का वजन डेढ़ किलोग्राम तक भी हो जाता है। साथ ही पकने के बाद इसकी मिठास कई गुना अधिक हो जाती है। इसी तरह फिश मैंगो, बर्ड मैंगो और एपल मैंगो की खूबियां ही अन्य प्रजातियों से बिल्कुल अलग हैं। इनसे से कुछ वेराइटी ऐसी हैं जो एक्सपोर्ट की जाती हैं। इसलिए घरेलू मार्केट में कम दिखती हैं।
पहले दिन हुईं विभिन्न प्रतियोगिताएं
यादविन्द्रा गार्डन में आयोजित मैंगो मेले के पहले दिन विभिन्न प्रतियोगिताएं हुईं। इसमें बेबी शो, सोलो डांस, फेस पेंटिंग, मैगो इटिंग तथा मैंगो स्टोरी राइटिंग शामिल थी। इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को बाद में सम्मानित किया गया।
पंचकूला की समीरा ने जीता बेबी शो
बेबी शो में 6 माह से एक वर्ष तक के बच्चों में पंचकूला निवासी दीपक सहगल की पुत्री समीरा सहगल प्रथम, मनीमाजरा के करनवीर सिंह की पुत्री मुराद कुमारी खेरा द्वितीय और मुंबई के सावन की पुत्री आहना तृतीय स्थान पर रही। इसके अलावा एक से दो वर्ष तक के बच्चों में कुरुक्षेत्र के रजत शर्मा की पुत्री रिधी को प्रथम, ढकोली के विकास के पुत्र तेजस को द्वितीय व पिंजौर के संदीप की पुत्री नक्षिता को तृतीय स्थान मिला।
इसी प्रकार दो से तीन वर्ष के बच्चों की प्रतियोगिता में पंचकूला के सैक्टर 20 के मोहित सिंह की पुत्री आशिनी को प्रथम, कालला निवासी विनय भाटिया की पुत्री निपाशा को द्वितीय तथा पिंजौर के सुमीत की पुत्री सानवी को तृतीय पुरस्कार के लिए सम्मानित किया गया।
सोलो डांस में बच्चों का धमाल
सोलो डांस प्रतियोगिता में 4 से 8 वर्ष के आयु वर्ग में कनिका व राधिका, 9 से 13 वर्ष में राजस्थानी डांस प्रस्तुत करने पर प्रीती को, हिंदी डांस पर वैशाली व प्रियंका को विजेता घोषित किया गया। इसके अलावा 14 से 18 वर्ष के वर्ग में पूजा को हरियाणवी डांस के लिए, सिमरन को पंजाबी डांस के लिए तथा देवयांशी को हिंदी डांस के लिए सम्मानित किया गया।
वहीं फेस पेंटिंग में भवन विद्यालय सेक्टर 15 पंचकूला के शुभम व अदिति को प्रथम, राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कालका के रोहित व आशु को द्वितीय तथा मानव मंगल स्कूल पंचकूला की अंजलि व महक को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया।
मैंगो इटिंग में पूनम और मनोज जीते
मैंगो इटिंग प्रतियोगिता में महिलाओं में पूनम, पुरुषों में मनोज तथा बच्चों में बलविंदर अव्वल रहे। वहीं मैंगो स्टोरी राइटिंग में एचआरए मॉडर्न पब्लिक स्कूल पंचकूला की ऊमा भारती की कहानी ‘दी बेस्ट फ्रैंड ऑफ चिल्ड्रन’ को प्रथम, नोबल हाई स्कूल की शिवानी की कहानी ‘आम की सच्ची दोस्ती’ को द्वितीय तथा आर्या कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की रीतिका की कहानी ‘बच गये आम के पेड़’ को तृतीय घोषित किया गया।
एक ग्राम का अंगूरदाना तो दो किलो का हाथी झूला
ऐतिहासिक यादविन्द्रा गार्डन में आयोजित मैंगो मेले में दो हजार 744 किस्मों की एंट्री आई। पिछले दो वर्ष से हिन्द केसरी आम खिताब के विजेता उस्मान खान रायपुर सहारनपुर इस बार 219 किस्में लेकर आए है। गत वर्ष वह मेले में 268 नई आम की किस्में लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि इस बार आम का उत्पादन पिछले वर्षों की तुलना में 65 प्रतिशत कम है।
इस बार सबसे छोटी किस्म में अंगूरदाना करीब एक ग्राम का और सबसे बड़ा हाथी झूला दो किलो का आम दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। उस्मान खान ने बताया कि इस बार भी उन्हें उम्मीद है कि वह हिन्द केसरी का खिताब जीतेंगे। उन्होंने बताया कि चांद मोहम्मद, मैंगो फिजा और चंद्र मोहन नई किस्म के आम भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वहीं हिटलर, हुसनेरा, हुसन का धोखा, याश, तंबूरिया, जुलेखान, कैदी, रूप की रानी, जुगनू आदि आम की नई किस्में मेले में डिस्पले की गई हैं। सहारनपुर उत्तर प्रदेश से आकर मांगेराम ने आम की 40 किस्में प्रदर्शित की हैं।