बेटी की डोली से पहले ही उठ गई खुद की अर्थी
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बेटी का रिश्ता पक्का हो गया। बस शादी की तारीख ही तय करनी बाकी रह गई...लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। बेटी की शादी की तारीख तय करने की उधेड़बुन में उसकी मौत की घड़ी आ गई।
यह वाकया है बखतारपुर गांव का। गांव के पास सोमवार देर रात सड़क हादसे में गोरछी गांव निवासी पटवारी मनोज शर्मा की मौत हो गई। वहीं उसका सहयोगी दर्शन भी गंभीर रूप से घायल हो गया। झज्जर के मातनहेल गांव में कार्यरत पटवारी अपनी बेटी की शादी की तैयारी में जुटा था।
इसी सिलसिले में वह ड्यूटी से लौटते समय जैनावास गांव में बहन से मिलकर सहयोगी दर्शन के साथ अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान सोमवार रात कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। परिजनों ने बताया है कि मनोज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्शन के पैर टूट गए।
घायल को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस ने मनोज के शव का सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है।
पहले हादसे में बच गई थी जान
घायल दर्शन ने बताया कि वे झज्जर से पहले मनोज की बहन से मिलने के लिए जैनावास चले गए। वहां से देर रात वे सिवानी होकर गांव गोरछी वापस जा रहे थे। सामने से आ रहे वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी।
परिजनों ने बताया कि काफी समय पहले भी मनोज सड़क हादसे का शिकार हो चुका था। उस वक्त मनोज की जान बच गई, लेकिन चोट के बाद शरीर कम ही काम कर पा रहा था। हादसे के बाद से वह गांव के ही अपने एक साथी दर्शन को सहायक के रूप में अपने साथ रखने लगा था।
घर में चल रही थी शादी की तैयारियां
मृतक के भाई संजय ने बताया है कि मनोज शर्मा को दो बेटियां व एक बेटा हैं। बड़ी बेटी की हाल ही में शादी करनी थी। शादी को लेकर तैयारियां भी चल रही थीं, केवल तारीख तय करनी बाकी थी।