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Chandigarh News: मॉल प्रबंधन ने फूड कोर्ट का रास्ता किया बंद, थाने पहुंचे दुकानदार
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चंडीगढ़। एलांते मॉल में टॉय ट्रेन के पलटने से 11 वर्षीय बच्चे की मौत का मामला अभी सुर्खियों में ही है कि एक और विवाद सामने आ गया है। मॉल प्रबंधन पर अब फूड कोर्ट का रास्ता बंद करने का आरोप लगा है। बुधवार सुबह जब दुकानदार मॉल में पहुंचे तो फूड कोर्ट का रास्ता बंद मिला और कोई जवाब देने को तैयार नहीं था। इसके बाद मामला थाने में पहुंचा और दुकानदारों ने मॉल प्रबंधन के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी।
जानकारी के मुताबिक, अयान फूड्स नामक फर्म ने एलांते मॉल में फूड कोर्ट को 9 साल के लिए लीज पर लिया है लेकिन कोरोना महामारी के दौरान फर्म ने मॉल मैनेजमेंट को इसका किराया जमा नहीं करवाया। वर्ष 2022 में भी मॉल प्रबंधन ने फूड कोर्ट का रास्ता बंद कर दिया था, जिसके बाद यह मामला कोर्ट तक पहुंचा था। कोर्ट ने फर्म को 2 अगस्त 2024 तक 6 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया है लेकिन फर्म संचालक पुनीत गुप्ता पैसे जमा करवाने के बजाय इस फूड कोर्ट को मॉल प्रबंधन को सरेंडर कर दिया है लेकिन दुकानदार हर महीने अपना किराया फर्म के पास जमा करवाते रहे।
इसी बीच बुधवार सुबह मॉल मैनेजमेंट ने फूड कोर्ट की सारी दुकानों को खाली करवाने के मकसद से इनका रास्ता ही बंद कर दिया। इसके चलते सारे दुकानदार एकत्र हुए और औद्योगिक थाने में मैनेजमेंट के खिलाफ शिकायत दी। इसके बाद पुलिस इन दुकानदारों के साथ मॉल में पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत की लेकिन अब तक कोई फैसला नहीं होने के कारण यह मामला अधर में ही लटका है।
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जानकारी के मुताबिक, अयान फूड्स नामक फर्म ने एलांते मॉल में फूड कोर्ट को 9 साल के लिए लीज पर लिया है लेकिन कोरोना महामारी के दौरान फर्म ने मॉल मैनेजमेंट को इसका किराया जमा नहीं करवाया। वर्ष 2022 में भी मॉल प्रबंधन ने फूड कोर्ट का रास्ता बंद कर दिया था, जिसके बाद यह मामला कोर्ट तक पहुंचा था। कोर्ट ने फर्म को 2 अगस्त 2024 तक 6 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया है लेकिन फर्म संचालक पुनीत गुप्ता पैसे जमा करवाने के बजाय इस फूड कोर्ट को मॉल प्रबंधन को सरेंडर कर दिया है लेकिन दुकानदार हर महीने अपना किराया फर्म के पास जमा करवाते रहे।
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इसी बीच बुधवार सुबह मॉल मैनेजमेंट ने फूड कोर्ट की सारी दुकानों को खाली करवाने के मकसद से इनका रास्ता ही बंद कर दिया। इसके चलते सारे दुकानदार एकत्र हुए और औद्योगिक थाने में मैनेजमेंट के खिलाफ शिकायत दी। इसके बाद पुलिस इन दुकानदारों के साथ मॉल में पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत की लेकिन अब तक कोई फैसला नहीं होने के कारण यह मामला अधर में ही लटका है।
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