फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   makar sankranti coincident after 68 years

इस मकर संक्रांति पर बना ये अनोखा योग

Tue, 14 Jan 2014 03:59 PM IST
नीरज कुमार/ अमर उजाला,चंडीगढ़
नीरज कुमार/ अमर उजाला,चंडीगढ़ Updated Tue, 14 Jan 2014 03:59 PM IST
विज्ञापन
makar sankranti coincident after 68 years

मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी मंगलवार को चतुर्दशी के दिन दोपहर एक बजकर 13 मिनट पर आद्रा नक्षत्र के प्रथम चरण मेष लग्न में और मिथुन राशि में बृहस्पति के साथ चंद्रमा के साथ होने से गजकेसरी योग बन रहा है।

विज्ञापन


इस योग में ही मकर राशि का प्रवेश हो रहा है और मकर राशि में ही सूर्य प्रवेश कर रहा है। ऐसा संयोग 68 वर्षों के बाद बना है। यह कहना है सेक्टर-30 श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र का।
विज्ञापन


बीरेंद्र नारायण मिश्र का कहना है कि 68 वर्ष बाद मकर राशि में सूर्य का प्रवेश और सूर्य, शनि और राहु के साथ तुला राशि उच्च का है। यह अद्भूत संयोग है।

मकर संक्रांति के दिन सूर्य की उपासना कर आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। उनका कहना है कि जिनका जन्म कृतिका नक्षत्र में हुआ है या कुंडली में जन्म के समय सूर्य या राहु एवं शनि शुभ न होने के कारण अशुभ फल दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनको मकर संक्रांति के दिन सूर्य की उपासना करनी चाहिए। राहु के लिए मकर संक्रांति के दिन नौ दूर्वा भगवान शंकर पर चढ़ाकर चावल के साथ काली उड़द, काले तिल या उड़द का बना पापड़ दान करना चाहिए। चंद्रमा के लिए चावल के साथ मलका मसूर का दान करना चाहिए।

बुध के लिए चावल, हरी मूंग का दाल, बृहस्पति के लिए चावल, चने की दाल, केसर, हल्दी, पीला कपड़ा दान करना चाहिए। इससे विद्या और बुद्धि में बढ़ोतरी होगी और संतान का भी योग बनेगा, क्योंकि इस वर्ष मकर संक्रांति पर चंद्रमा और बृहस्पति का संयोग होने से गजकेसरी योग बन रहा है।

इस लिए जिसके जन्म कुंडली में बृहस्पति अच्छा नहीं है, उन्हें विष्णु सहस्र का पाठ, गजेंद्र मोक्ष का पाठ विशेषकर मीन और धनु राशि वालों के लिए जरूरी है।

मकर संक्रांति के दिन दान
सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी लाल बहादुर दुबे और सेक्टर-15 स्थित जय श्री राम ज्योतिष केंद्र के प्रमुख स्वामी राम बहादुर मिश्र का कहना है कि मकर संक्रांति के दिन सुबह उठकर गंगाजल के साथ या तीर्थ के जल में सफेद तिल डालकर दोबारा जल डालें।

बिना साबुन के स्नान करके भगवान विष्णु का ध्यान करना चाहिए। इसके बाद खिचड़ी और तिल दान करना चाहिए। इस दिन स्नान, दान, जप, तप श्राद्ध और अनुष्ठान का बहुत ही विशेष महत्व है।


इस दिन सूर्य मकर राशि में करेगा प्रवेश
सेक्टर-30 स्थित शिव शक्ति मंदिर के प्रमुख पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री का कहना है कि प्रयाग में संगम पर मकर संक्रांति पर प्रयाग (इलाहाबाद) के संगम पर सभी देवता अपना स्वरूप बदलकर स्नान करने आते हैं।

इस दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होकर मकर राशि में प्रवेश करता है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति पर्व में दान का विशेष महत्व है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed