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खुलासाः चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा की धरती पर दौड़ते थे चार सींगों वाले दरियाई घोड़े और जिराफ
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 29 Oct 2018 01:26 PM IST
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शोध में खुलासा
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पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की धरती पर 50 लाख साल पहले चार सींगों वाले दरियाई घोड़े, जिराफ, हाथी, शेर और लंबे दांतों वाले चूहे पाए जाते थे। इसका खुलासा पंजाब विश्वविद्यालय के मानव संरचना विभाग के प्रोफेसर राजन गौड़ के शोध में हुआ है। एंथ्रोपोलॉजिस्ट प्रो. राजन गौड़ को हिमाचल के सुकेती, मिर्जापुर, चंडीगढ़ के नेपली, पंजाब के मसोल, सिसवा, हरियाणा के नाडा, मोगीनांद आदि स्थानों के ऊपरी शिवालिक से जीवाश्म मिले थे।
इसमें दांत, हड्डियां और सींग शामिल हैं। इनके आकार पर अध्ययन करने के बाद इनकी पहचान की गई। अध्ययन में पाया गया है कि अफ्रीका में जो जिराफ की नस्ल है वह भी यहां पाई जाती थी। कछुए के जीवाश्म भी यहां मिले हैं। प्रो. राजन गौड़ ने बताया कि ये जीव 50 लाख साल पहले इन क्षेत्रों में निवास करते थे जो अत्यधिक ठंड के कारण लुप्त होते चले गए। इन क्षेत्रों में सर्वाधिक संख्या में दरियाई घोड़े पाए जाते थे। जीवाश्मों में उनके सींग काफी संख्या में मिले हैं।
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इसमें दांत, हड्डियां और सींग शामिल हैं। इनके आकार पर अध्ययन करने के बाद इनकी पहचान की गई। अध्ययन में पाया गया है कि अफ्रीका में जो जिराफ की नस्ल है वह भी यहां पाई जाती थी। कछुए के जीवाश्म भी यहां मिले हैं। प्रो. राजन गौड़ ने बताया कि ये जीव 50 लाख साल पहले इन क्षेत्रों में निवास करते थे जो अत्यधिक ठंड के कारण लुप्त होते चले गए। इन क्षेत्रों में सर्वाधिक संख्या में दरियाई घोड़े पाए जाते थे। जीवाश्मों में उनके सींग काफी संख्या में मिले हैं।
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