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नशे के खिलाफ महाअभियान, बीएसएफ ने बिछाया 'महाजाल'

Tue, 01 Aug 2017 09:25 AM IST
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 01 Aug 2017 09:25 AM IST
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Major campaign against drug addiction
- फोटो : Demo Pic
देश के युवाओं की नसों में नशा घोल देश को खोखला करने का प्रयास करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए बीएसएफ महाजाल बिछा रहा है। तस्करी को रोकने के लिए बीएसएफ ने इसमें आर्मी, आईबी, एसआईटी के साथ दूसरी एजेंसियों को भी शामिल किया गया।
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इन सभी के बीच नशे को लेकर सूचनाएं सांझा होंगी और रणनीति तैयार करने के लिए भी सब साथ रहेंगे। बैठक के दौरान सभी एजेेंसियों की जिम्मेदारी तय की गई है। अब एक बार फिर से इनकी बैठक होगी जिस पर आगे की कार्रवाई का खाका तैयार होगा। इसके तहत नशे के बड़े सौदागर निशाने पर होंगे। पंजाब में अरबों के ड्रग्स कारोबार को लेकर पूर्व डीजीपी शशिकांत के पत्र पर हाईकोर्ट के स्वत: संज्ञान पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सोमवार को यह जानकारी दी। हाईकोर्ट ने इस कदम की जमकर तारीफ की और कहा कि यह बैठक रूटीन में हो।
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सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल चेतन मित्तल हाईकोर्ट के सामने ड्रग्स के खिलाफ मास्टर प्लान रखा गया। इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से सीमा पर लगाई जाने वाली तारों के बारे में तथा सीमा से सटी सड़कों के मामले में एक सीलबंद रिपोर्ट सौंपी गई। रिपोर्ट में सीमा पार से आने वाली ड्रग्स को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के साथ ही अंतरिम रूप से चल रहे प्रोजेक्टों के बारे में जानकारी दी गई। केंद्र सरकार ने बताया कि अब तक दो पायलट प्रोजेक्ट पूरे किए जा चुके हैं। सीमा सुरक्षा के लिए पूरा खाका तैयार है जिसके तहत पांच लंबी अवधि की योजना है। 
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आधुनिक तकनीक से कितने समय में सील होगी सीमा

Major campaign against drug addiction
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
पंजाब ने नियुक्त किया नोडल आफिसर:
मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने बताया कि हरियाणा, हिमाचल व आस-पास के राज्यों से ड्रग तस्करी रोकने के लिए तालमेल स्थापित करने को प्रिंसिपल सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी को नोडल आफिसर नियुक्त किया है। इसके अलावा राज्य में ड्रग्स की सप्लाई लाइन को तोड़ने के लिए एसटीएफ का गठन किया है। उसने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को दे दी है जिस पर काम चल रहा है। हाईकोर्ट ने इसके लिए राज्य सरकार को दो सप्ताह में एसटीएफ द्वारा दिए गए सुझावों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

आधुनिक तकनीक से कितने समय में सील होगी सीमा :
हाईकोर्ट को बताया गया कि सर्विलांस के लिए टेक्नोलॉजिक सोल्यूशन अपनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई पर केंद्र बताए कि कितने समय में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके तहत लेजर से लेकर अन्य नवीनतम तकनीकों से सीमा की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाना है।

केमिस्ट शॉप पर कसा शिकंजा
पंजाब सरकार ने बताया कि दवा की दुकानों से नशे की सप्लाई को रोकने के लिए सख्ती से काम किया जा रहा है। हाईकोर्ट के निर्देशों पर केमिस्ट शॉप की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में 100 से अधिक दुकानों में नियमों की अवहेलना सामने आई है। 52 दुकानों के पास लाइसेंस नहीं थे। इन सभी को नोटिस जारी कर दिया गया है। यह कार्रवाई लगातार जारी है।

नशे के कारोबार से जुड़े सभी मामलों का रिकार्ड तलब :
नशे की छोटे और बड़े स्तर पर बिक्री को रोकने के उपायों पर भी हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान चर्चा हुई। इस दौरान नशे के वितरण का स्तर जानने के लिए हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से पिछले एक वर्ष में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज सभी एफआईआर, गिरफ्तार किए गए आरोपी, उनसे की गई रिकवरी और इन मामलों में पेश किए गए सभी चालान की जानकारी मांग ली है। मामले की अगली सुनवाई तीन अक्टूबर को होगी। 
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