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फैसले से पहले आसाराम केस के अहम गवाह महेंद्र ने बताया जान का खतरा, मांगी सुरक्षा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 25 Apr 2018 08:22 AM IST
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महेंद्र चावला
आसाराम व उसके पुत्र नारायण साईं के खिलाफ चल रहे केसों में अहम गवाह पानीपत के गांव सनौली निवासी महेंद्र चावला ने एक बार फिर दोनों से अपनी व अपने परिवार की जान को खतरा बताया है। हालांकि उनको हरियाणा पुलिस ने सुरक्षा दे रखी है। लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं है। उन्होंने राज्य व केंद्र सरकार से केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल की सुरक्षा की मांग की है।
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बता दें कि 2014 में महेंद्र चावला पर गांव सनौली में दो बदमाशों ने जानलेवा हमला किया था। हमलावरों ने एक के बाद एक दो गोलियां महेंद्र को मारी थी। महेंद्र ने हमलावरों का डट कर मुकाबला किया था और दीवार फांद कर जान बचाई थी। चावला ने मंगलवार को कहा कि अदालत को किशोरी का यौन शोषण करने के अपराधी आसाराम को फांसी की सजा सुनानी चाहिए।
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आसाराम व उसका पुत्र संत नहीं दरिंदे हैं। दोनों पाखंडी है और धर्म की आड़ लेकर जनता को बेवकूफ बना रहे थे। वे दोनों के काफी करीब रहे हैं। वे उन्हें संत समझ कर उनकी शरण में आत्मशांति के लिए गए थे। लेकिन जब दोनों का जीवन करीब से देखा तो पता चला कि दोनों संत नहीं दरिंदे हैं।
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उन्होंने अदालत से आसाराम को फांसी दिए जाने की मांग करते हुए कहा कि उनको फांसी की सजा मिलने से बच्चियों के साथ दरिंदगी करने वालों के लिए कठोर संदेश जाएगा। यदि आसाराम को फांसी की सजा होती है तो वे समझेंगे कि उनका संघर्ष सफल हुआ।
उन्होंने हरियाणा व केंद्र सरकार को पत्र लिख कर मांग कि है कि आसाराम और नारायण साईं उनपर पहले भी हमला करवा चुके हैं। अब भी उनके परिवार को जान का खतरा है। इसलिए उन्हें केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल की सुरक्षा दी जाए। हरियाणा पुलिस ने एक एएसआई, एक हेड कांस्टेबल व एक कांस्टेबल की सुरक्षा महेंद्र चावला को दे रखी है।
इधर,आसाराम को जोधपुर में आज अदालत सजा सुनाएगी। इसके मद्देनजर पानीपत पुलिस ने जिले के शहरी व ग्रामीण अंचल में सुरक्षा व्यवस्था को चौकस किया है। गौरतलब है कि आसाराम व नारायण साईं के पानीपत में बड़ी संख्या में भक्त हैं और उनका गांव डाढोला में आश्रम भी है। आसाराम की गिरफ्तारी के बाद पानीपत में उनके भक्तों ने कई दिनों तक आंदोलन किया था।
वहीं, नारायण साईं की तलाश के लिए गुजरात पुलिस ने कई बार पानीपत में दबिश दी थी। जबकि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम सिंह इंसा को सजा सुनाने के बाद पानीपत में हिंसा हुई थी। इसके मद्देनजर पुलिस ने आसाराम प्रकरण के चलते सुरक्षा व्यवस्था को चौकस किया है।