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चंदेरी सिल्क की साड़ियां चाहिएं तो जरूर पहुंचे यहां
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 08 Feb 2014 12:36 PM IST
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मध्य प्रदेश के प्रमुख चंदेली सिल्क में हाथ से बने सूट, साड़ियां और कुर्ते शुक्रवार को लाजपत राय भवन-15 में मृगनयनी प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए गए।
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इस प्रदर्शनी का आयोजन मृगनयनी एम्पोरियम मध्य प्रदेश हस्तशिल्प एवं हत्थकरघा विकास निगम लि. भोपाल की ओर से किया गया है।
प्रदर्शनी का उद्घाटन भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण कीडिप्टी डायरेक्टर जनरल केसनी आनंद अरोड़ा ने किया। प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश के लगभग 40 कारीगर शामिल हुए हैं, जो अपने प्रदेश के प्रमुख हस्तशिल्प और हाथ से बनी कारीगरी को चंडीगढ़ में पेश कर रहे हैं।
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प्रदर्शनी में खास
मध्य प्रदेश की मुख्य चंदेरी सिल्क में लक्ष्मीबाई साड़ी सबसे महंगी है। इसकी कीमत 60 से 80 हजार तक है। अपनी विशिष्ट कारीगरी से चार स्टेट अवार्ड जीत चुके कारीगर मोहम्मद अबरार ने बताया कि लक्ष्मीबाई साड़ी का नाम इसमें इस्तेमाल होने वाले बार्डर की वजह से।
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इसमें खास किस्म की कारीगरी होती है। इसमें सिर्फ हाथों से डिजाइन बनाए जाते हैं। इसे बनाने में एक साल तक का वक्त लगता है। प्रदर्शनी में भोपाल गैस पीड़ित कारीगरों ने भी जूट से बना सामान प्रदर्शित किया है।
प्रदर्शनी के प्रभारी केएस मिश्रा ने कहा कि जूट से बना सामान उन महिलाओं का है जो कभी भोपाल गैस त्रासदी से पीड़ित थीं।
इनमें आपको झूलों के अलावा सूत के कारपेट भी मिलेंगे। प्रदर्शनी में गजलक्ष्मी दीप भी मुख्य आकर्षण का केंद्र है। इसकी कीमत 80,000 रुपये है। इसका वजन 35 किलो है, जो पीतल से बना है और लंबाई 3.5 फीट है।
प्रदर्शनी में वस्त्रों की रेंज
सूट-700 से 2000 रुपये तक
साड़ियां-1000 से 8000 रुपये तक
कुर्ते-600 से 2000 रुपये तक