{"_id":"59dcebbe4f1c1bee688b5165","slug":"loss-of-476-crores-from-gst-to-haryana","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी से हरियाणा को 476 करोड़ का घाटा, केंद्र सरकार ने की भरपाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी से हरियाणा को 476 करोड़ का घाटा, केंद्र सरकार ने की भरपाई
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 11 Oct 2017 09:10 AM IST
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gst
- फोटो : File Photo
हरियाणा को जीएसटी लागू होने के बाद पहले दो माह जुलाई और अगस्त में 476 करोड़ रुपये की राजस्व चपत लगी है। इन महीनों में बीते वर्ष के टैक्स कलेक्शन की तुलना में इस साल कम राजस्व प्राप्त हुआ। हालांकि, जीएसटी लागू किए जाने से पहले के अपने वादे मुताबिक केंद्र सरकार ने इस राशि की क्षतिपूर्ति हरियाणा सरकार को कर दी है।
जीएसटी लागू होने के बाद मुनाफाखोरी भी बढ़ी है और मुनाफाखोरी निरोधक प्राधिकरण के पास 43 शिकायतें आई हैं। इसके साथ ही कैमिस्ट ने दवाओं पर डिस्काउंट देना भी बंद कर दिया है। इसकी शिकायत आने पर सरकार कमेटी बनाकर जांच कराने की तैयारी में है। हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने जीएसटी पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए हर मुद्दे पर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने कहा कि जीएसटी के तहत 1,01,409 नए डीलरों के पंजीकरण के साथ प्रदेश में कर दाताओं की कुल संख्या बढ़कर 3,31,786 हो गई है। इनमें 44.02 प्रतिशत माइग्रेटेड डीलर्स हैं जो पहले हरियाणा में वैट और सेवा कर के तहत पंजीकृत थे।
जीएसटी माल से जुलाई एवं अगस्त माह में लगभग 2,822 करोड़ रुपये का कुल राजस्व एकत्रित हुआ। जीएसटी के क्रियान्वयन के कारण जुलाई व अगस्त 2017 में हुए राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए हरियाणा को 476 करोड़ रुपये की राशि मुआवजे के तौर पर मिल चुकी है। कंपोजिशन स्कीम का विकल्प लेने वाले ट्रेडर्स की संख्या 25,979 है। कुल करदाताओं की तुलना में कंपोजिशन करदाता 7.83 प्रतिशत हैं। एंटी-प्रॉफिटरिंग प्राधिकरण 43 शिकायतों की जांच करेगा।
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जीएसटी लागू होने के बाद मुनाफाखोरी भी बढ़ी है और मुनाफाखोरी निरोधक प्राधिकरण के पास 43 शिकायतें आई हैं। इसके साथ ही कैमिस्ट ने दवाओं पर डिस्काउंट देना भी बंद कर दिया है। इसकी शिकायत आने पर सरकार कमेटी बनाकर जांच कराने की तैयारी में है। हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने जीएसटी पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए हर मुद्दे पर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने कहा कि जीएसटी के तहत 1,01,409 नए डीलरों के पंजीकरण के साथ प्रदेश में कर दाताओं की कुल संख्या बढ़कर 3,31,786 हो गई है। इनमें 44.02 प्रतिशत माइग्रेटेड डीलर्स हैं जो पहले हरियाणा में वैट और सेवा कर के तहत पंजीकृत थे।
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जीएसटी माल से जुलाई एवं अगस्त माह में लगभग 2,822 करोड़ रुपये का कुल राजस्व एकत्रित हुआ। जीएसटी के क्रियान्वयन के कारण जुलाई व अगस्त 2017 में हुए राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए हरियाणा को 476 करोड़ रुपये की राशि मुआवजे के तौर पर मिल चुकी है। कंपोजिशन स्कीम का विकल्प लेने वाले ट्रेडर्स की संख्या 25,979 है। कुल करदाताओं की तुलना में कंपोजिशन करदाता 7.83 प्रतिशत हैं। एंटी-प्रॉफिटरिंग प्राधिकरण 43 शिकायतों की जांच करेगा।
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प्लाईवुड उद्योग के लिए नया स्लैब जल्द
जीएसटी
निर्यातकों को राहत
जीएसटी क्रियान्वयन के प्रारंभिक चरण के दौरान विभिन्न कारणों से निर्यात क्षेत्र को मंदी का सामना करना पड़ा। आईजीएसटी और अन्य सन्निहित करों के रिफंड देने में देरी के चलते निर्यात क्षेत्र में सुस्ती आई।
तैयार माल पर जीएसटी के अग्रिम भुगतान के कारण व्यापारी निर्यातकों के लिए अपेक्षित कार्यशील पूंजी भी बढ़ गई थी। सीमा शुल्क प्राधिकरण निर्यातकों को जुलाई का रिफंड 10 अक्टूबर से कर करना शुरू कर देगा। अगस्त 2017 का रिफंड 18 अक्टूबर 2017 से शुरू होगा। बैकलॉग का निपटारा करने के बाद अगले महीने का रिफंड शीघ्रता से किया जाएगा।
प्लाईवुड उद्योग के लिए नया स्लैब जल्द
कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि प्लाईवुड उद्योग पर अभी जीएसटी की 28 प्रतिशत दर लागू है। इसके विरोध में उद्यमी आंदोलन कर रहे हैं। जीएसटी परिषद की 22वीं बैठक में इस पर चर्चा हुई है। प्लाईवुड उद्यमियों को राहत प्रदान करने के लिए 18 और 28 प्रतिशत स्लैब के बीच जीएसटी की नई दर बनाने पर विचार चल रहा है।
जीएसटी क्रियान्वयन के प्रारंभिक चरण के दौरान विभिन्न कारणों से निर्यात क्षेत्र को मंदी का सामना करना पड़ा। आईजीएसटी और अन्य सन्निहित करों के रिफंड देने में देरी के चलते निर्यात क्षेत्र में सुस्ती आई।
तैयार माल पर जीएसटी के अग्रिम भुगतान के कारण व्यापारी निर्यातकों के लिए अपेक्षित कार्यशील पूंजी भी बढ़ गई थी। सीमा शुल्क प्राधिकरण निर्यातकों को जुलाई का रिफंड 10 अक्टूबर से कर करना शुरू कर देगा। अगस्त 2017 का रिफंड 18 अक्टूबर 2017 से शुरू होगा। बैकलॉग का निपटारा करने के बाद अगले महीने का रिफंड शीघ्रता से किया जाएगा।
प्लाईवुड उद्योग के लिए नया स्लैब जल्द
कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि प्लाईवुड उद्योग पर अभी जीएसटी की 28 प्रतिशत दर लागू है। इसके विरोध में उद्यमी आंदोलन कर रहे हैं। जीएसटी परिषद की 22वीं बैठक में इस पर चर्चा हुई है। प्लाईवुड उद्यमियों को राहत प्रदान करने के लिए 18 और 28 प्रतिशत स्लैब के बीच जीएसटी की नई दर बनाने पर विचार चल रहा है।