Punjab: लुधियाना में कर्मचारियों का प्रदर्शन, दिल्ली-अमृतसर हाईवे पर लगा पांच किमी लंबा जाम, लोग परेशान
प्रदर्शनकारियों ने परेशान हो रहे लोगों से माफी मांगी। उन्होंने पंजाब सरकार से कहा कि अगर उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गई तो उनका संघर्ष और तेज होगा। इसके बाद एडीसी हरदयाल सिंह बैंस ने 20 दिसंबर को बैठक का आश्वासन दिया।
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ठेका मुलाजिम संघर्ष मोर्चा पंजाब के बैनर तले शनिवार को आउटसोर्स इनलिस्टमेंट ठेका मुलाजिमों ने लाडोवाल टोल प्लाजा पर धरना लगा दिया। इस दौरान अमृतसर-दिल्ली नेशनल हाइवे जाम रहा। दोनों तरफ से आने जाने वाले वाहनों को पूरी तरह से रोक दिया गया। जाम की वजह से लोगों को काफी परेशान होना पड़ा। हालांकि मुलाजिमों ने पहले से ही धरना तय कर रखा था। पुलिस ने कई स्थानों पर इन्हें रोका। इसके बावजूद प्रदर्शन में भारी संख्या में कर्मचारी पहुंचे और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। कर्मचारियों के परिवार भी धरने में शामिल हुए हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों तरफ करीब पांच किलोमीटर जाम लगा रहा। करीब चार घंटे बाद एडीसी ने मंत्री के साथ बैठक का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारी धरने से उठे। कर्मचारी नेता वरिंदर सिंह मोमी, जसवीर सिंह जस्सी और अन्य ने कहा कि जल सप्लाई और सेनिटेशन, पावरकॉम, सरकारी थर्मल प्लांटस, हाईडल प्रोजेक्ट, वेरका मिल्क, कैटल फीड प्लांट, वाटर सप्लाई समेत अन्य विभागों में कच्चे मुलाजिम लंबे समय से सेवा कर रहे हैं।
इन सभी सरकारी विभागों के आउटसोर्स और इनलिस्टमेंट ठेका मुलाजिम को संबंधित विभागों में मर्ज कर पक्का करने समेत अन्य मांगें लंबे समय से लंबित हैं। कई बार बैठक के बाद भी मौजूदा सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही। मुलाजिमों ने 18 बार मीटिंग करने का समय तय किया लेकिन पैनल मीटिंग नहीं की गई और साफ मना कर दिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार और मुलाजिम वर्ग महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। पंजाब सरकार एक बात भी सुनने को तैयार नहीं है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार को पहले ही चेतावनी दी गई थी कि अगर सात दिसंबर तक उनकी मांगें नहीं मानी गई तो नौ दिसंबर को राष्ट्रीय राजमार्ग करेंगे। मगर उन्हें न तो मीटिंग का समय दिया गया और न ही कोई बात सुनी गई।
प्रदर्शनकारियों ने परेशान हो रहे लोगों से माफी मांगी। उन्होंने पंजाब सरकार से कहा कि अगर उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गई तो उनका संघर्ष और तेज होगा। इसके बाद एडीसी हरदयाल सिंह बैंस ने 20 दिसंबर को बैठक का आश्वासन दिया।
टोल प्लाजा वालों के साथ लोगों की हुई बहस
प्रदर्शनकारियों के धरना हटाने के बाद लोग के वाहन टोल प्लाजा से गुजरने लगे। इस दौरान फास्टैग से टोल का भुगतान भी हो रहा था। लोगों ने टोल प्लाजा घेर लिया और वहां मुलाजिमों के साथ नोकझोंक की। लोगों का कहना है कि पांच मिनट में देरी हो जाए तो टोल प्लाजा वाले टोल नहीं ले सकते, लेकिन चार घंटे बीतने के बाद भी उन्हें टोल देना पड़ रहा है। इसके बाद एक बार टोल वालों ने उन्हें जाने दिया और बाद में फिर से पैसे काटने लगे।
कर्मचारियों की ये हैं मांगें
आउटसोर्स और इनलिस्टमेंट ठेका मुलाजिमों को पक्का किया जाए। सरकारी विभागों के आउटसोर्स और इनलिस्टमेंट ठेका मुलाजिमों का वेतन 15वीं लेबर कॉन्फ्रेंस के फार्मूले के मुताबिक कम से कम 30 हजार रुपये सुनिश्चित किया जाए। सरकारी विभागों में कंपनियों और ठेकेदारों को बाहर निकालकर विभागों और ठेका मुलाजिमों से हो रही लूट को बंद करवाया जाए।