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लुधियाना में कांग्रेस और शिअद हैं ‘बैंस भरोसे’
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 18 Mar 2014 03:17 PM IST
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लुधियाना यानी ‘मैनचेस्टर ऑफ पंजाब’ की चुनावी जंग इस बार खासी दिलचस्प रहने के आसार हैं। कांग्रेस ने मनीष तिवारी पर दोबारा भरोसा जताया है तो अकाली दल ने विधायक मनप्रीत सिंह अयाली को मैदान में उतारा है।
इससे पहले कि कांग्रेस और शिअद दोनों परंपरागत प्रतिद्वंद्वियों के बीच मुकाबले की शुरुआत होती, विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।
वहीं, आप उम्मीदवार एडवोकेट एचएस फूलका ने इस मुकाबले को बहु-कोणीय बना दिया है। अब कांग्रेस और शिअद को लग रहा है कि बैंस उनके विरोधी के वोट बैंक में सेंध लगाएंगे।
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लुधियाना एरिया के लिहाज से सबसे छोटा हलका है। 2007 के डी-लिमिटेशन से पहले यहां ग्रामीण हलके ज्यादा होने के कारण अकालियों को फायदा मिलता था लेकिन 2007 के बाद शहरी हलके बढ़े। संसदीय सीट में अब छह पूर्ण शहरी, दो अर्ध-शहरी और एक पूर्ण ग्रामीण हलका है।
पिछले चुनाव में इस सीट से मनीष तिवारी (449264) ने शिअद के गुरचरण सिंह गालिब (335558) को हराया था। तब तिवारी सिर्फ दो देहाती हलकों दाखा व जगरांव में पिछड़े थे। हालांकि 2012 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सिर्फ तीन सीटें जीत सकी थी, फिर भी पार्टी को 406723 वोट मिले थे।
2012 में शिअद-भाजपा को 371936 वोट और बैंस ब्रदर्स को 100657 वोट मिले थे। कांग्रेस का दांव इसी आंकड़े पर है। पार्टी को भरोसा है कि इस बार भी यही कहानी दोहराई जाएगी और सिमरजीत बैंस अकाली वोट बैंक में सेंध लगाएंगे।
उधर, अकाली दल तीन देहाती सीटों दाखा, जगरांव व गिल पर ज्यादा निर्भर दिख रहा है। दाखा से अयाली खुद विधायक हैं और जगरांव व गिल सीटों पर भी अकालियों का कब्जा है।
अकालियों का मानना है कि बैंस को शहरी वोट मिलेंगे, जोकि कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक है। सिमरजीत बैंस 2012 में आत्म नगर से 28503 वोटों से और उनके भाई बलविंदर बैंस लुधियाना साउथ से 32233 वोटों से आजाद उम्मीवार जीते थे। इंटेलिजेंस एजेंसियां भी बैंस को हलके में नहीं ले रही हैं।
लुधियाना में दंगा पीड़ितों के करीब साठ हजार वोट बैंक को देखते हुए आप ने एडवोकेट एचएस फूलका को उम्मीदवार बनाया है। उनकी नजर 2012 में पीपीपी को मिले 30913 वोटों पर भी है।
विधानसभा हलकों के समीकरण
लुधियाना ईस्ट - रंजीत सिंह ढिल्लों - शिअद
लुधियाना साउथ - बलविंदर सिंह बैंस - आजाद
आत्म नगर - सिमरजीत सिंह बैंस - आजाद
लुधियाना सेंट्रल - सुरिंदर डावर - कांग्रेस
लुधियाना वेस्ट - भारत भूषण आशू - कांग्रेस
लुधियाना नॉर्थ - राकेश पांडे - कांग्रेस
गिल - दर्शन सिंह शिवालिक - शिअद
दाखा - मनप्रीत सिंह अयाली - शिअद
जगरांव - एसआर कलेर - शिअद
लुधियाना संसदीय सीट का इतिहास
2009 - मनीष तिवारी - कांग्रेस
2004 - शरनजीत सिंह ढिल्लों - शिअद
1999 - गुरचरन सिंह गालिब - कांग्रेस
1998 - अमरीक सिंह आलीवाल - शिअद
1996 - अमरीक सिंह आलीवाल - शिअद
1991 - गुरचरन सिंह गालिब - कांग्रेस
1989 - राजिंदर कौर बुलारा - शिअद
1984 - मेवा सिंह गिल - अकाली दल
1980 - दविंदर सिंह गरचा -कांग्रेस
1977 - जगदेव सिंह तलवंडी - अकाली दल
1971 - दविंदर सिंह गरचा - कांग्रेस
1967 - दविंदर सिंह गरचा - कांग्रेस
1962 - कपूर सिंह - अकाली दल
1957 - अजीत सिंह सरहदी - कांग्रेस
1951 - बहादुर सिंह - कांग्रेस
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इससे पहले कि कांग्रेस और शिअद दोनों परंपरागत प्रतिद्वंद्वियों के बीच मुकाबले की शुरुआत होती, विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।
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वहीं, आप उम्मीदवार एडवोकेट एचएस फूलका ने इस मुकाबले को बहु-कोणीय बना दिया है। अब कांग्रेस और शिअद को लग रहा है कि बैंस उनके विरोधी के वोट बैंक में सेंध लगाएंगे।
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लुधियाना एरिया के लिहाज से सबसे छोटा हलका है। 2007 के डी-लिमिटेशन से पहले यहां ग्रामीण हलके ज्यादा होने के कारण अकालियों को फायदा मिलता था लेकिन 2007 के बाद शहरी हलके बढ़े। संसदीय सीट में अब छह पूर्ण शहरी, दो अर्ध-शहरी और एक पूर्ण ग्रामीण हलका है।
पिछले चुनाव में इस सीट से मनीष तिवारी (449264) ने शिअद के गुरचरण सिंह गालिब (335558) को हराया था। तब तिवारी सिर्फ दो देहाती हलकों दाखा व जगरांव में पिछड़े थे। हालांकि 2012 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सिर्फ तीन सीटें जीत सकी थी, फिर भी पार्टी को 406723 वोट मिले थे।
2012 में शिअद-भाजपा को 371936 वोट और बैंस ब्रदर्स को 100657 वोट मिले थे। कांग्रेस का दांव इसी आंकड़े पर है। पार्टी को भरोसा है कि इस बार भी यही कहानी दोहराई जाएगी और सिमरजीत बैंस अकाली वोट बैंक में सेंध लगाएंगे।
उधर, अकाली दल तीन देहाती सीटों दाखा, जगरांव व गिल पर ज्यादा निर्भर दिख रहा है। दाखा से अयाली खुद विधायक हैं और जगरांव व गिल सीटों पर भी अकालियों का कब्जा है।
अकालियों का मानना है कि बैंस को शहरी वोट मिलेंगे, जोकि कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक है। सिमरजीत बैंस 2012 में आत्म नगर से 28503 वोटों से और उनके भाई बलविंदर बैंस लुधियाना साउथ से 32233 वोटों से आजाद उम्मीवार जीते थे। इंटेलिजेंस एजेंसियां भी बैंस को हलके में नहीं ले रही हैं।
लुधियाना में दंगा पीड़ितों के करीब साठ हजार वोट बैंक को देखते हुए आप ने एडवोकेट एचएस फूलका को उम्मीदवार बनाया है। उनकी नजर 2012 में पीपीपी को मिले 30913 वोटों पर भी है।
विधानसभा हलकों के समीकरण
लुधियाना ईस्ट - रंजीत सिंह ढिल्लों - शिअद
लुधियाना साउथ - बलविंदर सिंह बैंस - आजाद
आत्म नगर - सिमरजीत सिंह बैंस - आजाद
लुधियाना सेंट्रल - सुरिंदर डावर - कांग्रेस
लुधियाना वेस्ट - भारत भूषण आशू - कांग्रेस
लुधियाना नॉर्थ - राकेश पांडे - कांग्रेस
गिल - दर्शन सिंह शिवालिक - शिअद
दाखा - मनप्रीत सिंह अयाली - शिअद
जगरांव - एसआर कलेर - शिअद
लुधियाना संसदीय सीट का इतिहास
2009 - मनीष तिवारी - कांग्रेस
2004 - शरनजीत सिंह ढिल्लों - शिअद
1999 - गुरचरन सिंह गालिब - कांग्रेस
1998 - अमरीक सिंह आलीवाल - शिअद
1996 - अमरीक सिंह आलीवाल - शिअद
1991 - गुरचरन सिंह गालिब - कांग्रेस
1989 - राजिंदर कौर बुलारा - शिअद
1984 - मेवा सिंह गिल - अकाली दल
1980 - दविंदर सिंह गरचा -कांग्रेस
1977 - जगदेव सिंह तलवंडी - अकाली दल
1971 - दविंदर सिंह गरचा - कांग्रेस
1967 - दविंदर सिंह गरचा - कांग्रेस
1962 - कपूर सिंह - अकाली दल
1957 - अजीत सिंह सरहदी - कांग्रेस
1951 - बहादुर सिंह - कांग्रेस