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कुरुक्षेत्र में कैडर वोट से जीत की चुनौती
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 27 Mar 2014 10:36 PM IST
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हरियाणा की कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने मौजूदा सांसद नवीन जिंदल को लगातार तीसरी बार मैदान में उतार दिया है। जिंदल का मुकाबला करने के लिए विपक्षी दलों ने भी इस बार कुरुक्षेत्र में अपने-अपने वोट कार्ड खेलने की रणनीति अपनाई है।
इनेलो ने पुराने चेहरे बलबीर सैनी को टिकट दिया है जबकि हजकां-भाजपा गठबंधन ने भी राजकुमार सैनी के रूप में सैनी गोत्र के उम्मीदवार को उतारा है। बसपा चतर सिंह कश्यप के साथ पिछड़े वर्ग का कार्ड खेलना चाहती है जबकि आम आदमी पार्टी ने किसान वर्ग से संबंधित उम्मीदवार को मैदान में उतारा है।
प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंदा कुरुक्षेत्र से दो बार 1967 और 1971 में सांसद चुने गए थे। उस समय इस सीट का नाम कैथल था। 1977 में इसका नाम कुरुक्षेत्र हो गया और कैथल जिला इसमें शामिल हो गया। वैसे कुरुक्षेत्र सीट का इतिहास है कि यहां उद्योगपति चुनाव लड़ते रहे हैं।
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यमुनानगर शुगर मिल मालिक डीडी पुरी यहां से चुनाव लड़े मगर हार गए थे। उद्योगपति ओमप्रकाश जिंदल 1996 में लड़े और जीते लेकिन वे 1998 में हार गए। उनके बेटे नवीन जिंदल दो बार सांसद बन चुके हैं। इस बार कुरुक्षेत्र सीट पर अधिकांश पार्टियों ने वोट बैंक का ख्याल रखकर उम्मीदवार उतारे हैं।
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इनेलो ने पुराने चेहरे बलबीर सैनी को टिकट दिया है जबकि हजकां-भाजपा गठबंधन ने भी राजकुमार सैनी के रूप में सैनी गोत्र के उम्मीदवार को उतारा है। बसपा चतर सिंह कश्यप के साथ पिछड़े वर्ग का कार्ड खेलना चाहती है जबकि आम आदमी पार्टी ने किसान वर्ग से संबंधित उम्मीदवार को मैदान में उतारा है।
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प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंदा कुरुक्षेत्र से दो बार 1967 और 1971 में सांसद चुने गए थे। उस समय इस सीट का नाम कैथल था। 1977 में इसका नाम कुरुक्षेत्र हो गया और कैथल जिला इसमें शामिल हो गया। वैसे कुरुक्षेत्र सीट का इतिहास है कि यहां उद्योगपति चुनाव लड़ते रहे हैं।
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यमुनानगर शुगर मिल मालिक डीडी पुरी यहां से चुनाव लड़े मगर हार गए थे। उद्योगपति ओमप्रकाश जिंदल 1996 में लड़े और जीते लेकिन वे 1998 में हार गए। उनके बेटे नवीन जिंदल दो बार सांसद बन चुके हैं। इस बार कुरुक्षेत्र सीट पर अधिकांश पार्टियों ने वोट बैंक का ख्याल रखकर उम्मीदवार उतारे हैं।
ये है मैदान में उतरे उम्मीदवार
नवीन जिंदल (कांग्रेस)
उद्योगपति नवीन जिंदल कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र से लगातार दो बार सांसद बन चुके हैं। उनके पिता ओमप्रकाश जिंदल भी हविपा-भाजपा गठबंधन में हविपा की टिकट पर 1996 में सांसद रह चुके हैं। हालांकि 1999 में वे इसी सीट से हार गए थे। अब नवीन जिंदल तीसरी बार इसी क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं। उनके परिवार का यह पांचवां चुनाव है। कांग्रेस के पदाधिकारी भी उनके साथ हैं।
बलबीर सैनी (इनेलो)
63 वर्षीय बलबीर सिंह सैनी पिहोवा विधानसभा सीट से 1987 में विधायक बने थे। वे हरियाणा के मंत्री भी रहे हैं। वे लगातार चार विधानसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे। वैसे उन्होंने 1987 में कांग्रेस के दिग्गज नेता तारा सिंह को हराया था। पिछले काफी समय से इनेलो में विभिन्न जिलों व हलका प्रभारी के तौर पर निरंतर काम कर रहे हैं। उन्हें इनेलो के वोट बैंक के अलावा सैनी समुदाय की वोटों का सहारा है।
राज कुमार सैनी (भाजपा)
गठबंधन की ओर से भाजपा उम्मीदवार राज कुमार सैनी हविपा की टिकट पर नारायणगढ़ से विधायक बने थे। बंसीलाल सरकार में मंत्री भी रहे। वे मूल रूप से नारायणगढ़ तहसील के निवासी हैं और बलबीर सैनी के समधी हैं। दोनों समधियों के चुनाव मैदान में होने से इस बार सैनी समुदाय के वोट बंटने का खतरा बन गया है। वे भाजपा में करीब दो साल पहले आए थे।
उद्योगपति नवीन जिंदल कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र से लगातार दो बार सांसद बन चुके हैं। उनके पिता ओमप्रकाश जिंदल भी हविपा-भाजपा गठबंधन में हविपा की टिकट पर 1996 में सांसद रह चुके हैं। हालांकि 1999 में वे इसी सीट से हार गए थे। अब नवीन जिंदल तीसरी बार इसी क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं। उनके परिवार का यह पांचवां चुनाव है। कांग्रेस के पदाधिकारी भी उनके साथ हैं।
बलबीर सैनी (इनेलो)
63 वर्षीय बलबीर सिंह सैनी पिहोवा विधानसभा सीट से 1987 में विधायक बने थे। वे हरियाणा के मंत्री भी रहे हैं। वे लगातार चार विधानसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे। वैसे उन्होंने 1987 में कांग्रेस के दिग्गज नेता तारा सिंह को हराया था। पिछले काफी समय से इनेलो में विभिन्न जिलों व हलका प्रभारी के तौर पर निरंतर काम कर रहे हैं। उन्हें इनेलो के वोट बैंक के अलावा सैनी समुदाय की वोटों का सहारा है।
राज कुमार सैनी (भाजपा)
गठबंधन की ओर से भाजपा उम्मीदवार राज कुमार सैनी हविपा की टिकट पर नारायणगढ़ से विधायक बने थे। बंसीलाल सरकार में मंत्री भी रहे। वे मूल रूप से नारायणगढ़ तहसील के निवासी हैं और बलबीर सैनी के समधी हैं। दोनों समधियों के चुनाव मैदान में होने से इस बार सैनी समुदाय के वोट बंटने का खतरा बन गया है। वे भाजपा में करीब दो साल पहले आए थे।
ये भी आजमा रहे हैं अपनी किस्मत
चतर सिंह कश्यप (बसपा)
62 वर्षीय चतर सिंह कश्यप एसएस मास्टर की सरकारी नौकरी के समय ही बामसेफ से जुड़ गए थे। 2004 में नौकरी से रिटायरमेंट लेकर उन्होंने अपना स्टोन क्रशर का बिजनेस स्थापित किया। बसपा में वे 2010 में शामिल हुए और इस समय प्रदेश के उपाध्यक्ष हैं। उनका ग्रुप ऑफ इस्टीट्यूशंस भी हैं। उन्हें अपनी कश्यप बिरादरी के पौने दो लाख, अनुसूचित जाति के ढाई लाख और अति पिछड़ा वर्ग के डेढ़ लाख वोटरों का सहारा है।
बलविंदर कौर (आप)
चडूनी गांव की निवासी बलविंदर कौर के पति गुरनाम सिंह चडूनी भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष हैं। उन्होंने किसानों के लिए कई आंदोलन चलाए। बलविंदर कौर भी 14 साल से अपने पति के साथ किसान आंदोलन में भाग ले रही हैं। इनेलो सरकार के समय किसान आंदोलन में बलविंदर कौर ने 85 महिलाओं का नेतृत्व किया था और नौ दिन जेल में रहीं। उन्हें मुख्य तौर पर किसानों के वोट बैंक का सहारा है।
62 वर्षीय चतर सिंह कश्यप एसएस मास्टर की सरकारी नौकरी के समय ही बामसेफ से जुड़ गए थे। 2004 में नौकरी से रिटायरमेंट लेकर उन्होंने अपना स्टोन क्रशर का बिजनेस स्थापित किया। बसपा में वे 2010 में शामिल हुए और इस समय प्रदेश के उपाध्यक्ष हैं। उनका ग्रुप ऑफ इस्टीट्यूशंस भी हैं। उन्हें अपनी कश्यप बिरादरी के पौने दो लाख, अनुसूचित जाति के ढाई लाख और अति पिछड़ा वर्ग के डेढ़ लाख वोटरों का सहारा है।
बलविंदर कौर (आप)
चडूनी गांव की निवासी बलविंदर कौर के पति गुरनाम सिंह चडूनी भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष हैं। उन्होंने किसानों के लिए कई आंदोलन चलाए। बलविंदर कौर भी 14 साल से अपने पति के साथ किसान आंदोलन में भाग ले रही हैं। इनेलो सरकार के समय किसान आंदोलन में बलविंदर कौर ने 85 महिलाओं का नेतृत्व किया था और नौ दिन जेल में रहीं। उन्हें मुख्य तौर पर किसानों के वोट बैंक का सहारा है।
पिछले लोकसभा चुनाव में ये रहे परिणाम
2009
नवीन जिंदल-----------------कांग्रेस----------------3,97,204
अशोक अरोड़ा----------------इनेलो----------------2,78,475
2004
नवीन जिंदल----------------कांग्रेस----------------3,62,054
अभय चौटाला---------------इनेलो----------------2,01,864
1999
कैलाशो सैनी----------------इनेलो----------------4,38,701
ओम प्रकाश जिंदल कांग्रेस 2,75,091
1998
कैलाशो सैनी----------------एचएलडी----------------3,33,387
कुलदीप शर्मा----------------कांग्रेस----------------1,91,867
नवीन जिंदल-----------------कांग्रेस----------------3,97,204
अशोक अरोड़ा----------------इनेलो----------------2,78,475
2004
नवीन जिंदल----------------कांग्रेस----------------3,62,054
अभय चौटाला---------------इनेलो----------------2,01,864
1999
कैलाशो सैनी----------------इनेलो----------------4,38,701
ओम प्रकाश जिंदल कांग्रेस 2,75,091
1998
कैलाशो सैनी----------------एचएलडी----------------3,33,387
कुलदीप शर्मा----------------कांग्रेस----------------1,91,867
कुरुक्षेत्र में पिछले लोकसभा चनाव परिणाम
1996
ओम प्रकाश जिंदल----------------हविपा----------------2,92,172
कैलाशो सैनी----------------समता पार्टी ----------------2,40,395
1991
तारा सिंह----------------कांग्रेस----------------2,12,783
श्याम सिंह----------------जनता पार्टी----------------1,82,758
1989
गुरदयाल सैनी---------------जनता दल------------3,01,640
हरपाल सिंह----------------कांग्रेस----------------2,63,452
1984
हरपाल सिंह----------------कांग्रेस----------------2,75,112
मनोहर लाल----------------लोकदल----------------1,31,836
ओम प्रकाश जिंदल----------------हविपा----------------2,92,172
कैलाशो सैनी----------------समता पार्टी ----------------2,40,395
1991
तारा सिंह----------------कांग्रेस----------------2,12,783
श्याम सिंह----------------जनता पार्टी----------------1,82,758
1989
गुरदयाल सैनी---------------जनता दल------------3,01,640
हरपाल सिंह----------------कांग्रेस----------------2,63,452
1984
हरपाल सिंह----------------कांग्रेस----------------2,75,112
मनोहर लाल----------------लोकदल----------------1,31,836
पिछले लोकसभा चुनाव में ऐसा भी रहा परिणाम
1980
मनोहर लाल----------------जनता पार्टी एस-----------1,59,196
बिशन सिंह ----------------जनता पार्टी----------------1,31,267
1977
रघबीर सिंह----------------बीएलडी----------------3,22,164
देवीदत्त पुरी----------------कांग्रेस----------------71,322
1971 (कैथल)
गुलजारी लाल नंदा----------कांग्रेस----------------1,55,000
इंद्र सिंह-----------------बीजेएस----------------1,16,988
1967 (कैथल)
गुलजारी लाल नंदा ----------------कांग्रेस----------------1,80,770
आई. सिंह----------------एसडब्ल्यूए----------------1,53,760
मनोहर लाल----------------जनता पार्टी एस-----------1,59,196
बिशन सिंह ----------------जनता पार्टी----------------1,31,267
1977
रघबीर सिंह----------------बीएलडी----------------3,22,164
देवीदत्त पुरी----------------कांग्रेस----------------71,322
1971 (कैथल)
गुलजारी लाल नंदा----------कांग्रेस----------------1,55,000
इंद्र सिंह-----------------बीजेएस----------------1,16,988
1967 (कैथल)
गुलजारी लाल नंदा ----------------कांग्रेस----------------1,80,770
आई. सिंह----------------एसडब्ल्यूए----------------1,53,760