फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Loksabha Election 2019, Cpatain Amrinder Singh Statement on Congress Relations with Khalistani

खालिस्तानियों से कांग्रेस के संबंध होने के आरोपों को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किया खारिज, कहते हैं...

Fri, 31 Aug 2018 10:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/चंडीगढ़ Updated Fri, 31 Aug 2018 10:59 AM IST
विज्ञापन
Loksabha Election 2019, Cpatain Amrinder Singh Statement on Congress Relations with Khalistani
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस द्वारा खालिस्तानियों का समर्थन करने के शिरोमणि अकाली दल के आरोपों को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह अकालियों की लोगों को गुमराह करने की भद्दी चाल है। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल और डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल हमेशा सूबे को बांटने का प्रयास करते हैं। कैप्टन ने कहा कि खालिस्तानियों के समर्थन का सवाल ही पैदा नहीं होता। वे हमेशा ही आईएसआई और खालिस्तानियों जैसे विघटनकारी तत्वों के विरुद्ध डटकर आवाज उठाते आए हैं। राज्य की अमन-शांति में किसी को भी विघ्न डालने की हरगिज इजाजत नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन


एक इंटरव्यू में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के प्रस्तावित बेअदबी विरोधी कानून का जमकर समर्थन किया, जिसके अंतर्गत सभी धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करने पर उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम राष्ट्र को तोड़ने की हर कोशिश को रोक पाएगा। कैप्टन ने कहा कि पंजाब के बुरे दौर के लिए प्रकाश सिंह बादल ही जिम्मेदार हैं और इसमें आतंवाद का वह काला दौर भी शामिल है, जिसमें 35000 बेकसूर लोगों की जानें गईं। पंजाब में अमन के लिए समझौता करने के लिए उठाए जाने वाले हर कदम में बादल हमेशा ही रुकावट डालते रहे हैं। जब कभी हम मसले के हल के नजदीक पहुंचते थे तो वह किए कराए पर पानी फेर देते थे। मुख्यमंत्री ने अकाली नेता को गड़बड़ी का मास्टर करार दिया। मुख्यमंत्री ने बादलों के साथ नरमी बरते जाने से पूरी तरह से इनकार करते हुए कहा कि वह राजनैतिक बदलाखोरी में विश्वास नहीं रखते।
विज्ञापन


मैं होता तो पाक जनरल की तरफ पीठ कर लेता
पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा को गले लगने पर मुख्यमंत्री ने फिर एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने ही अपने कैबिनेट साथी को शपथ समारोह में जाने की इजाजत दी थी। उन्हें सिद्धू के पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के राष्ट्रपति के साथ बैठने पर कोई एतराज नहीं है क्योंकि सिद्धू उसे पहचानते नहीं थे। उन्होंने एतराज तो सिद्धू द्वारा बाजवा को गले लगाने पर किया था क्योंकि वह कश्मीर में भारतीय सैनिकों की हत्या के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि यह बात बर्दाश्त नहीं की जा सकती। कैप्टन ने कहा कि यदि वह उस स्थिति में होते तो वे बाजवा को गले लगाने की बजाय उसकी तरफ पीठ कर लेते जैसा कि उन्होंने कनाडा के मंत्री हरजीत सज्जन के साथ किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


गुजरात और दिल्ली दंगों की तुलना गलत
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि वह शरणार्थी कैंपों में 1984 के दंगा पीड़ितों से मिले थे, तो उन्होंने जगदीश टाइटलर का नाम नहीं लिया था। लेकिन उन्होंने अन्य कांग्रेसी नेताओं एचकेएल भगत, सज्जन कुमार, अर्जुन दास और धर्म दास शास्त्रीय का नाम लिया था। कुछ व्यक्तियों के शामिल होने पर पूरी कांग्रेस पार्टी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता और यही बात राहुल गांधी ने कही है। कैप्टन ने साल 2002 में हुए गुजरात के दंगों और 1984 के सिख विरोधी दंगों के बीच तुलना को रद्द करते हुए कहा कि गुजरात के दंगे करवाए गए थे जबकि 1984 के सिख विरोधी दंगे कुछ घटनाओं के बाद की प्रतिक्रिया थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन दिनों को कभी भूला नहीं जा सकता और वह जल्द ही इतिहास का हिस्सा बन जाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा 1984 के इस मसले को उठाने से आगामी लोकसभा चुनाव में वोटों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। लोग नौकरियां और विकास चाहते हैं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed