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पटियाला के रण पर आसान नहीं है डगर
रिंपी गुप्ता/अमर उजाला, पटियाला
Updated Sun, 06 Apr 2014 02:47 PM IST
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प्रदेश में हॉट सीट मानी जा रही पटियाला में इस बार टक्कर कड़े होने के आसार हैं। कांग्रेस ने बीते तीन चुनाव से जीतती आ रहीं परनीत कौर पर पर ही भरोसा जताया है, जबकि अकाली दल ने कांग्रेस छोड़कर पार्टी में शामिल होने वाले दीपइंदर सिंह ढिल्लों को मैदान में उतारा है।
आम आदमी पार्टी से डा. धर्मवीर गांधी ने इस मुकाबले को और भी दिलचस्प बना दिया है। डा. गांधी लोगों को सस्ती सेहत सेवाएं देने के साथ-साथ एक समाज सेवक भी हैं, जो उनके लिए प्लस प्वाइंट साबित हो सकता है।
वहीं बेअंत सिंह हत्याकांड में फांसी की सजा पा चुके बलवंत सिंह राजोआना की बहन कमलदीप कौर भी आजाद तौर पर पटियाला सीट से अपना भाग्य आजमा रही हैं। जबकि बसपा की तरफ से राम सिंह धीमान मैदान में उतरे हैं।
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इन सभी उम्मीदवारों ने अपनी जीत के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। बाकी फैसला जनता के हाथ में है, किसे अपना सांसद चुनती है।
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आम आदमी पार्टी से डा. धर्मवीर गांधी ने इस मुकाबले को और भी दिलचस्प बना दिया है। डा. गांधी लोगों को सस्ती सेहत सेवाएं देने के साथ-साथ एक समाज सेवक भी हैं, जो उनके लिए प्लस प्वाइंट साबित हो सकता है।
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वहीं बेअंत सिंह हत्याकांड में फांसी की सजा पा चुके बलवंत सिंह राजोआना की बहन कमलदीप कौर भी आजाद तौर पर पटियाला सीट से अपना भाग्य आजमा रही हैं। जबकि बसपा की तरफ से राम सिंह धीमान मैदान में उतरे हैं।
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इन सभी उम्मीदवारों ने अपनी जीत के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। बाकी फैसला जनता के हाथ में है, किसे अपना सांसद चुनती है।
परनीत कौर
कांग्रेस: केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री परनीत कौर पटियाला के शाही घराने की बहू हैं। शाही परिवार से होने के साथ-साथ परनीत कौर ने लोगों के दिलों में अलग से अपनी एक जगह बनाई है। वह लोगों के हर सुख-दुख में शामिल होती हैं। यही वजह है कि वह पिछले तीन टर्म से लगातार जीतती आ रही हैं। लेकिन उन्हें जीत के लिए पार्टी में अपने विरोधियों को साथ लेकर चलना होगा।
दीपइंद्र सिंह ढिल्लों
शिअद: जिला योजना कमेटी के चेयरमैन रहे दीपइंद्र सिंह ढिल्लों कांग्रेस से ही अकाली दल में आए हैं। साल 2012 में जब उन्हें डेराबस्सी से कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया, तो वह बागी होकर आजाद ही चुनाव लड़े। बाद में वह शिअद में शामिल हो गए। ढिल्लों परनीत कौर के काफी करीबी माने जाते थे, लेकिन अब वह उनके खिलाफ ही खड़े हैं। अकाली दल में आपसी फूट और शहर में विकास कार्य न होना ढिल्लों को महंगा पड़ सकता है। जिसके लिए ढिल्लों को कोई तोड़ ढूंढना पड़ेगा।
डॉ. धर्मवीर गांधी
आप: डॉ. धर्मवीर गांधी लोगों को सस्ती चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ एक समाज सेवक भी हैं। हालांकि राजनीति में उनका कोई खास तजुर्बा नही हैं। लेकिन अन्ना हजारे मूवमेंट जब से देश में शुरू हुई, तब से वह इस संघर्ष के साथ जुड़े हुए हैं। बाद में आप के साथ जुड़े और अब पटियाला सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
आजाद :-पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के केस में फांसी की सजा पा चुके बलवंत सिंह राजोआना की बहन कमलदीप कौर भी आजाद प्रत्याशी के तौर पर पटियाला से चुनाव लड़ रही हैं।
वह इन दिनों गांवों में चुनावी सभाएं करके खूब प्रचार कर रही हैं। कमलदीप कौर लोगों को 1984 में हुए सिख दंगों का हवाला देकर दोनों ही प्रमुख पार्टियों से किनारा करके उन्हें वोट डालने की अपीलकर रही है।
आजाद :-पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के केस में फांसी की सजा पा चुके बलवंत सिंह राजोआना की बहन कमलदीप कौर भी आजाद प्रत्याशी के तौर पर पटियाला से चुनाव लड़ रही हैं।
वह इन दिनों गांवों में चुनावी सभाएं करके खूब प्रचार कर रही हैं। कमलदीप कौर लोगों को 1984 में हुए सिख दंगों का हवाला देकर दोनों ही प्रमुख पार्टियों से किनारा करके उन्हें वोट डालने की अपीलकर रही है।
एक नजर में पटियाला संसदीय सीट
कुल वोटर---15,44,562
पुरुष मतदाता--815700
महिला मतदाता--728862
पोलिंग बूथ--1772
पोलिंग स्टेशन-1085
पुरुष मतदाता--815700
महिला मतदाता--728862
पोलिंग बूथ--1772
पोलिंग स्टेशन-1085