फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   loksabha election 2014, Chandigarh, Punjab University, Teachers

पीयू शिक्षक बोले, वोट चाहिए तो पूरे करो ये वादे

Wed, 09 Apr 2014 11:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 09 Apr 2014 11:59 AM IST
विज्ञापन
loksabha election 2014, Chandigarh, Punjab University, Teachers

लोकसभा चुनाव में शहर के स्कूल, कालेज और यूनिवर्सिटी शिक्षकों के वोट काफी अहम साबित होंगे। पंजाब यूनिवर्सिटी ,कालेज और शहर के स्कूली शिक्षकों के वोट बैंक पर सभी प्रमुख पार्टियों के नेताओं की नजर है।

विज्ञापन


तीनों जगह नॉन टीचिंग स्टॉफ का वोट बैंक भी काफी बड़ा है। पंजाब यूनिवर्सिटी सेक्टर-14 और सेक्टर-25 साउथ कैंपस में ही पीयू शिक्षक और नॉन टीचिंग स्टॉफ के 4 हजार के करीब वोट हैं।
विज्ञापन


इस बार पीयू के शिक्षक और नॉन टीचिंग दोनों ही अपनी मांग सभी उम्मीदवारों के सामने रख रहे हैं। पीयू शिक्षकों की सबसे बड़ी मांग पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा दिलाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर नॉन टीचिंग कर्मचारी सेंट्रल फंडिंग के पक्ष में हैं। अमर उजाला ने पीयू शिक्षकों से आगामी चुनाव में उम्मीदवारों के एजेंडे में उनकी मांग  को लेकर राय जानी।

पूटा ने लोकसभा चुनाव में वोट मांगने आए सभी प्रत्याशियों के सामने पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने का एजेंडा रखा है। कैंपस में बने मकानों की जर्जर हालत है। यूटी कर्मचारियों की तरह पीयू कर्मचारियों को भी हाउसिंग स्कीम का लाभ मिलना चाहिए। पीयू के पास फंड की कमी होने से कई प्रोजेक्ट अधर में लटके हुए हैं।
- डा.अशोक कुमार (पूटा वाइस प्रेसिडेंट पीयू)

सभी चार प्रमुख कैंडीडेट के सामने पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने का एजेंडा रखा गया है। उनका कहना है कि साउथ एशिया का नंबर वन यूनिवर्सिटी होने के बावजूद फंड की काफी कमी है। प्रो.खालिद ने कहा कि शहर में क्वालिटी एजूकेशन की जरूरत है। पीयू शिक्षकों के मकानों की दिक्कत को दूर किया जाना चाहिए।
-प्रो.मोहम्मद खालिद (पूर्व पूटा प्रेसिडेंट)

पीयू में 10 साल से भी अधिक समय से नॉन टीचिंग के 500 कर्मचारियों को रेगुलर किया जाना चाहिए। पीयू को सेंट्रल फंडिंग का लाभ दिया जाना चाहिए। पीयू कैंपस में बी और सी क्लास के मकानों की खस्ता हालत को सुधारने के लिए यूटी की तर्ज पर पैसा मिलना चाहिए।

-दीपक कौशिक (प्रेसिडेंट पीयू नॉन टीचिंग एसोसिएशन)   

शहर के स्कूलों में डेपुटेशन शिक्षकों का मुद्दे को लोकसभा प्रत्याशियों के सामने उठाया गया है। 500 से अधिक टीचर्स सालों से पंजाब और हरियाणा से डेपुटेशन पर डटे हुए हैं। इससे यूटी के कर्मचारियों की प्रमोशनल का मामला अटका हुआ है। प्रत्याशियों को इस मामले को भी अपने एजेंडे में शामिल करना चाहिए।
-स्वर्ण सिंह कंबोज (प्रेसिडेंट यूटी कैडर एजूकेशनल इंपलाइज यूनियन चंडीगढ़) 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed