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लोकसभा चुनाव 2019: पंजाब में 22 लाख युवा बेरोजगार, कई हो गए ओवरएज, फिर भी ये मुद्दा नहीं
Wed, 03 Apr 2019 03:17 PM IST
खुशबू गोयल
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 03 Apr 2019 03:17 PM IST
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पंजाब में लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस जहां अपनी उपलब्धियों की फेहरिस्त तैयार किए बैठी है, वहीं विपक्षी दल नाकामियों को जनता के सामने रखने की तैयारी में जुटे हैं। खास बात यह है कि विपक्ष की ओर से जिन मुद्दों को उठाने की तैयारी है, उनमें किसानों की आत्महत्याएं, कर्ज माफी, वित्तीय संकट के अलावा पंथक मुद्दे सबसे अहम हैं लेकिन बेरोजगारी का मुद्दा पीछे छूट रहा है।
प्रदेश सरकार का दावा है कि रोजगार मेलों के जरिये 5 लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है, लेकिन सेंटर फॉर रिसर्च इन रूरल इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (क्रिड) के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में बेरोजगारों की संख्या 22 लाख से अधिक पहुंच चुकी है, जिनमें 38 हजार युवा ऐसे हैं जो अब तक नौकरी का इंतजार करते-करते ओवरएज हो गए हैं। यानी नौकरी पाने की अधिकतम आयु सीमा 37 साल को पार कर चुके हैं। अकाली दल, भाजपा और आम आदमी पार्टी समय-समय पर बेरोजगारी का मुद्दा तो उठाते रहे हैं।
अकाली दल का आरोप है कि घर-घर रोजगार योजना के नाम पर सरकार ने दो साल में छोटे-मोटे प्राइवेट काम देकर युवाओं को गुमराह किया है। भाजपा इस मामले में कैप्टन सरकार पर चहेतों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाती रही है। आम आदमी पार्टी की ओर से भी कैप्टन सरकार पर युवाओं को रोजगार के नाम पर सब्जबाग दिखाने का आरोप लगता रहा है। लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्षी दल इस मुद्दे को कितने जोरशोर से उठाएंगे, इसे लेकर संशय है, क्योंकि इस मुद्दे को राज्य सरकार की नाकामियों में ही गिना दिया जाएगा।
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प्रदेश सरकार का दावा है कि रोजगार मेलों के जरिये 5 लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है, लेकिन सेंटर फॉर रिसर्च इन रूरल इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (क्रिड) के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में बेरोजगारों की संख्या 22 लाख से अधिक पहुंच चुकी है, जिनमें 38 हजार युवा ऐसे हैं जो अब तक नौकरी का इंतजार करते-करते ओवरएज हो गए हैं। यानी नौकरी पाने की अधिकतम आयु सीमा 37 साल को पार कर चुके हैं। अकाली दल, भाजपा और आम आदमी पार्टी समय-समय पर बेरोजगारी का मुद्दा तो उठाते रहे हैं।
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अकाली दल का आरोप है कि घर-घर रोजगार योजना के नाम पर सरकार ने दो साल में छोटे-मोटे प्राइवेट काम देकर युवाओं को गुमराह किया है। भाजपा इस मामले में कैप्टन सरकार पर चहेतों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाती रही है। आम आदमी पार्टी की ओर से भी कैप्टन सरकार पर युवाओं को रोजगार के नाम पर सब्जबाग दिखाने का आरोप लगता रहा है। लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्षी दल इस मुद्दे को कितने जोरशोर से उठाएंगे, इसे लेकर संशय है, क्योंकि इस मुद्दे को राज्य सरकार की नाकामियों में ही गिना दिया जाएगा।
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सबसे अधिक ओवरएज बेरोजगार रोपड़ में
दूसरी ओर, हाल में 13 लोकसभा सीटों पर कराए गए एक चुनावी सर्वे में यह बात सामने आई है कि 51.70 फीसदी मतदाताओं ने बेरोजगारी को सबसे अहम मुद्दा माना है। यही नहीं, मतदाताओं ने रोजगार मुहैया कराने के सवाल पर प्रदेश सरकार को 5 में से मात्र पौने दो अंक ही दिए हैं।
दरअसल, राज्य सरकार द्वारा लगाए जा रहे रोजगार मेलों में नौकरी के लिए आवेदन करने वाले 100 में से 10 युवाओं को ही नौकरी मिल सकी है, उसमें भी युवाओं की शिकायत है कि रोजगार मेले में ऐसी नौकरियां ही मिल रही हैं, जिनमें वेतन 10 हजार रुपये मासिक से ज्यादा नहीं है। इसके अलावा युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप नौकरियां नहीं मिल रहीं।
उधर, रोजगार उत्पत्ति विभाग के पास दर्ज बेरोजगार युवाओं की तादाद में से करीब 38 हजार युवा 37 साल से अधिक उम्र के हो गए हैं, जबकि राज्य सरकार की नौकरी हासिल करने के लिए अधिकतम आयु सीमा 37 साल ही है। ओवरएज हो चुके युवाओं में सबसे ज्यादा संख्या (3679) रोपड़ जिले से हैं, जबकि पठानकोट (4063) दूसरे और मोहाली (4049) तीसरे स्थान पर हैं।
दरअसल, राज्य सरकार द्वारा लगाए जा रहे रोजगार मेलों में नौकरी के लिए आवेदन करने वाले 100 में से 10 युवाओं को ही नौकरी मिल सकी है, उसमें भी युवाओं की शिकायत है कि रोजगार मेले में ऐसी नौकरियां ही मिल रही हैं, जिनमें वेतन 10 हजार रुपये मासिक से ज्यादा नहीं है। इसके अलावा युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप नौकरियां नहीं मिल रहीं।
उधर, रोजगार उत्पत्ति विभाग के पास दर्ज बेरोजगार युवाओं की तादाद में से करीब 38 हजार युवा 37 साल से अधिक उम्र के हो गए हैं, जबकि राज्य सरकार की नौकरी हासिल करने के लिए अधिकतम आयु सीमा 37 साल ही है। ओवरएज हो चुके युवाओं में सबसे ज्यादा संख्या (3679) रोपड़ जिले से हैं, जबकि पठानकोट (4063) दूसरे और मोहाली (4049) तीसरे स्थान पर हैं।