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लोकसभा चुनाव: सबसे ज्यादा वोटर मनीमाजरा में, फिर भी उपेक्षा का शिकार, नहीं हुआ कोई सुधार
Tue, 09 Apr 2019 02:07 PM IST
खुशबू गोयल
गोविंद परवाना, अमर उजाला, मनीमाजरा
गोविंद परवाना, अमर उजाला, मनीमाजरा
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 09 Apr 2019 02:07 PM IST
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हर बार लोकसभा चुनाव में मनीमाजरा के वोटर सांसद बनाने में अहम रोल निभाते हैं। इसके बावजूद लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। यही नहीं, यहां से जीतने वाले पार्षद दो बार मेयर और दो बार डिप्टी भी रह चुके हैं, लेकिन शहर के हालात जस के तस ही हैं। इसलिए, इस बार यहां के लोगों ने नेताओं से सवाल पूछने की बाकायदा लिस्ट तैयार कर रखी है।
उल्लेखनीय है कि पिछले आम चुनाव में चंडीगढ़ में भाजपा की किरण खेर को 1,91,362 वोट, कांग्रेस प्रत्याशी पवन बंसल को 1,21,720, आप प्रत्याशी गुल पनाग को 1,08,679 और बसपा की जन्नत जहां को 15,934 वोट मिले थे। मनीमाजरा, इंदिरा कालोनी, मौलीजागरां और विकास नगर में लगभग एक लाख वोट थे, जबकि मनीमाजरा में लगभग 67 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।
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उल्लेखनीय है कि पिछले आम चुनाव में चंडीगढ़ में भाजपा की किरण खेर को 1,91,362 वोट, कांग्रेस प्रत्याशी पवन बंसल को 1,21,720, आप प्रत्याशी गुल पनाग को 1,08,679 और बसपा की जन्नत जहां को 15,934 वोट मिले थे। मनीमाजरा, इंदिरा कालोनी, मौलीजागरां और विकास नगर में लगभग एक लाख वोट थे, जबकि मनीमाजरा में लगभग 67 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।
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क्या मुख्य समस्या है
मनीमाजरा में सबसे बड़ी समस्या पार्किंग और साफ सफाई की है। कुछ साल पहले इलाके में 24 घंटे पीने के पानी की सप्लाई की योजना तैयार की गई, परंतु लोगों को इसका फायदा नही हुआ। मनीमाजरा में सीवरेज का पानी घरों में घुस जाता है। पिछले दस साल से मॉडर्न कांप्लेक्स और मनीमाजरा टाउन के अंडरपास का काम अधर में है।
शहर की सबसे बड़ी मार्केट, रेवेन्यू देने में मनीमाजरा के व्यापारी सबसे आगे हैं, परंतु यहां की सड़कें टूटी हुई हैं। पेयजल पाइपें लगभग 30 साल पुरानी होने के कारण पानी पीने योग्य नहीं है। मनीमाजरा में लगभग 400 डार्क प्वाइंट में अभी तक लाइट नहीं लगी हैं। यह दिक्कत एशिया की सबसे बड़ी मोटर मार्केट रह चुकी मनीमाजरा की है। सड़कों की हालत बदहाल, गलियां और अंदर की सड़कें टूटी हुई हैं। कांप्लेक्स में सफाई कर्मियों की कमी है।
मॉडर्न कांप्लेक्स में नहीं कोई सुविधा
सीसीटीवी का बजट है, लेकिन लगे नहीं। न ही मॉडर्न कांप्लेक्स में ई-संपर्क सेंटर खोला गया है। इंदिरा कालोनी में सफाई के नाम पर खानापूर्ति, जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। दस साल पहले इंदिरा कालोनी में पीजीआई की डिस्पेंसरी बनाने की घोषणा पर अभी तक अमल नहीं हुआ। 50 बेड का आयुष अस्पताल बनाने की बात केवल घोषणा ही रह गई। इसी तरह मौलीजागरां में साफ-सफाई में सबसे पीछे है, पर्याप्त सफाई कर्मी नहीं हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर पड़े रहते हैं। इलाके में लावारिस पशुओं और कुत्तों का आतंक है।
शहर की सबसे बड़ी मार्केट, रेवेन्यू देने में मनीमाजरा के व्यापारी सबसे आगे हैं, परंतु यहां की सड़कें टूटी हुई हैं। पेयजल पाइपें लगभग 30 साल पुरानी होने के कारण पानी पीने योग्य नहीं है। मनीमाजरा में लगभग 400 डार्क प्वाइंट में अभी तक लाइट नहीं लगी हैं। यह दिक्कत एशिया की सबसे बड़ी मोटर मार्केट रह चुकी मनीमाजरा की है। सड़कों की हालत बदहाल, गलियां और अंदर की सड़कें टूटी हुई हैं। कांप्लेक्स में सफाई कर्मियों की कमी है।
मॉडर्न कांप्लेक्स में नहीं कोई सुविधा
सीसीटीवी का बजट है, लेकिन लगे नहीं। न ही मॉडर्न कांप्लेक्स में ई-संपर्क सेंटर खोला गया है। इंदिरा कालोनी में सफाई के नाम पर खानापूर्ति, जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। दस साल पहले इंदिरा कालोनी में पीजीआई की डिस्पेंसरी बनाने की घोषणा पर अभी तक अमल नहीं हुआ। 50 बेड का आयुष अस्पताल बनाने की बात केवल घोषणा ही रह गई। इसी तरह मौलीजागरां में साफ-सफाई में सबसे पीछे है, पर्याप्त सफाई कर्मी नहीं हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर पड़े रहते हैं। इलाके में लावारिस पशुओं और कुत्तों का आतंक है।
मनीमाजरा की जितनी जमीन बेच कर सारा फंड चंडीगढ़ के विकास में इस्तेमाल किया गया, उसका आधा भी अगर मनीमाजरा के विकास पर लगाया गया होता तो आज हालात कुछ और होते। यहां पंचायत के समय पर सीवरेज पाइपें डाली गईं, जिनको बदलने की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। यही नहीं, सांसद निधि से मनीमाजरा को कुछ नहीं मिलता, जिसके चलते मनीमाजरा न तो गांव में रहा और न सेक्टर में आया। अब उन्होंने डेढ़ करोड़ की लागत से पुरानी आबादी मनीमाजरा की पाइप लाइन बदला दी और बाकी की बदलने का काम चल रहा है। इसके अलावा कई अन्य विकास कार्य करवाए जा रहे हैं।
-जगतार सिंह जग्गा, पार्षद वार्ड नंबर 25
जब-जब कांग्रेस सरकार रही है, तब-तब मनीमाजरा में विशेष काम करवाएं गए हैं, चाहे वह शिवालिक गार्डन, स्कूल, सामुदायिक केंद्र और सड़कों का निर्माण हो, लेकिन भाजपा सरकार में सांसद ने मनीमाजरा की तरफ ध्यान ही देना बंद कर दिया। इस बार कांग्रेस की जीत के बाद मनीमाजरा के लिए विशेष पैकेज बनाया जाएगा।
- प्रदीप छाबड़ा, प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस
ये सच है कि मनीमाजरा चंडीगढ़ को सबसे ज्यादा रेवेन्यू देता है। इसके आलावा 1996 में जब नगर निगम का गठन हुआ था तो मनीमाजरा ने ही चंडीगढ़ नगर निगम को रेवेन्यू दिया था और उस रेवेन्यू से ही चंडीगढ़ नगर निगम के सभी काम शुरू हुए थे। मनीमाजरा की अनदेखी की गई है, लेकिन इस बार विशेष पैकेज मांगा गया है।
- विनोद अग्रवाल, पार्षद वार्ड नंबर 26
-जगतार सिंह जग्गा, पार्षद वार्ड नंबर 25
जब-जब कांग्रेस सरकार रही है, तब-तब मनीमाजरा में विशेष काम करवाएं गए हैं, चाहे वह शिवालिक गार्डन, स्कूल, सामुदायिक केंद्र और सड़कों का निर्माण हो, लेकिन भाजपा सरकार में सांसद ने मनीमाजरा की तरफ ध्यान ही देना बंद कर दिया। इस बार कांग्रेस की जीत के बाद मनीमाजरा के लिए विशेष पैकेज बनाया जाएगा।
- प्रदीप छाबड़ा, प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस
ये सच है कि मनीमाजरा चंडीगढ़ को सबसे ज्यादा रेवेन्यू देता है। इसके आलावा 1996 में जब नगर निगम का गठन हुआ था तो मनीमाजरा ने ही चंडीगढ़ नगर निगम को रेवेन्यू दिया था और उस रेवेन्यू से ही चंडीगढ़ नगर निगम के सभी काम शुरू हुए थे। मनीमाजरा की अनदेखी की गई है, लेकिन इस बार विशेष पैकेज मांगा गया है।
- विनोद अग्रवाल, पार्षद वार्ड नंबर 26