{"_id":"5ca3333ebdec2213fd299e9c","slug":"lok-sabha-elections-2019-kar-seva-in-golden-temple-new-issue-against-badal-family","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लोकसभा चुनाव 2019: बादल परिवार के सामने खड़ी हुई नई पंथक चुनौती, विरोधियों को मिला मुद्दा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकसभा चुनाव 2019: बादल परिवार के सामने खड़ी हुई नई पंथक चुनौती, विरोधियों को मिला मुद्दा
Tue, 02 Apr 2019 03:34 PM IST
खुशबू गोयल
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 02 Apr 2019 03:34 PM IST
विज्ञापन
प्रकाश सिंह बादल
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऐतिहासिक दर्शन ड्योढ़ी को गिराए जाने पर एसजीपीसी ने बेशक कार सेवा के बाबा जगतार सिंह को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन लोकसभा चुनाव में बादल विरोधियों ने इसको पंथक मुद्दा बना लिया है। शिअद के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के लिए इस मुद्दे पर पंथक वोट बैंक को संतुष्ट करना आसान न होगा। पहले ही बरगाड़ी बेअदबी कांड व बहिबल कलां गोली कांड की तपिश झेल रहे सुखबीर बादल को लगभग 200 वर्ष पुरानी इस विरासत को गिराए जाने का विरोध यकीनन झेलना पड़ेगा।
लोकसभा चुनाव में खडूर साहिब से अकाली प्रत्याशी और एसजीपीसी की पहली महिला अध्यक्ष बीबी जागीर कौर भी इस विरासत को गिराए जाने के बाद असमंजस में है। जानकारी के अनुसार बाबा जगतार सिंह ने तीन दशक में कई ऐतिहासिक इमारतों को कार सेवा के नाम पर तोड़ डाला है। एसजीपीसी ने भी बाबा जगतार सिंह को कार सेवा के नाम पर विरासत को तोड़ने की छूट दे रखी थी, जिसका विरोध सिख बुद्धिजीवी करते रहे हैं।
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव में खडूर साहिब से अकाली प्रत्याशी और एसजीपीसी की पहली महिला अध्यक्ष बीबी जागीर कौर भी इस विरासत को गिराए जाने के बाद असमंजस में है। जानकारी के अनुसार बाबा जगतार सिंह ने तीन दशक में कई ऐतिहासिक इमारतों को कार सेवा के नाम पर तोड़ डाला है। एसजीपीसी ने भी बाबा जगतार सिंह को कार सेवा के नाम पर विरासत को तोड़ने की छूट दे रखी थी, जिसका विरोध सिख बुद्धिजीवी करते रहे हैं।
विज्ञापन
ब्रह्मपुरा ने एसजीपीसी के सिर फोड़ा ठीकरा
तरनतारन में अपने गढ़ को बचाने में संघर्ष कर रहे जत्थेदार रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा और बादल विरोधी उनके साथियों ने सिखों की धार्मिक भावनाओं से जुड़े इस मुद्दे पर बादल परिवार को कटघरे में खड़ा किया है। ब्रह्मपुरा ने दर्शनी ड्योढ़ी को गिराए जाने का एसजीपीसी द्वारा पारित एक प्रस्ताव मीडिया को दिखाया है।
ब्रह्मपुरा ने ड्योढ़ी को गिराए जाने का ठीकरा एसजीपीसी पर फोड़ते हुए कहा कि कमेटी के महासचिव गुरबचन सिंह करमूवाल इस पूरे मामले में लिप्त हैं। बादल परिवार ने एसजीपीसी पर कब्जा कर लिया है। बादल परिवार एसजीपीसी को अपने राजनीतिक हितों के लिए प्रयोग कर रहा है। ब्रह्मपुरा ने कहा कि एसजीपीसी बादल परिवार की कठपुतली बन गई है।
ब्रह्मपुरा ने ड्योढ़ी को गिराए जाने का ठीकरा एसजीपीसी पर फोड़ते हुए कहा कि कमेटी के महासचिव गुरबचन सिंह करमूवाल इस पूरे मामले में लिप्त हैं। बादल परिवार ने एसजीपीसी पर कब्जा कर लिया है। बादल परिवार एसजीपीसी को अपने राजनीतिक हितों के लिए प्रयोग कर रहा है। ब्रह्मपुरा ने कहा कि एसजीपीसी बादल परिवार की कठपुतली बन गई है।
एसजीपीसी कार सेवा के बाबा पर मामला दर्ज करवाए
अकाल पुरख की फौज के मुखिया जसविंदर सिंह एडवोकेट ने इस संदर्भ में एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी डॉ. रूप सिंह को पत्र लिखकर मांग की है कि दर्शनी ड्योढ़ी को गिराए जाने का मामला पंथ को पीड़ा देने वाला है। एसजीपीसी के पास सभी गुरुद्वारे पंथ की अमानत हैं। इस अमानत में खयानत पंथ बर्दाश्त नहीं करेगा।
एसजीपीसी ने यदि कार सेवा के बाबा जगतार सिंह को ड्योढ़ी तोड़ने से रोका था तो एसजीपीसी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाए। एसजीपीसी ड्योढ़ी के साथ जुड़े सभी प्रस्ताव और दस्तावेज सार्वजनिक करे और सभी ऐतिहासिक इमारतों का रिकॉर्ड तैयार करवाकर सार्वजनिक करे।
एसजीपीसी ने यदि कार सेवा के बाबा जगतार सिंह को ड्योढ़ी तोड़ने से रोका था तो एसजीपीसी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाए। एसजीपीसी ड्योढ़ी के साथ जुड़े सभी प्रस्ताव और दस्तावेज सार्वजनिक करे और सभी ऐतिहासिक इमारतों का रिकॉर्ड तैयार करवाकर सार्वजनिक करे।