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लोकसभा चुनाव 2019: बीजेपी की नई रणनीति, जाट आरक्षण की ‘आंच’ से विपक्ष को झुलसाने की कोशिश
Wed, 13 Mar 2019 04:23 PM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 13 Mar 2019 04:23 PM IST
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मनोहर लाल खट्टर (फाइल)
लोकसभा चुनाव में हरियाणा भाजपा जाट-गैर जाट के मुद्दे में नहीं फंसना चाहती। लेकिन जाट आरक्षण के नाम पर जिस तरह से हरियाणा जला, उसकी सच्चाई जरूर भाजपा इन चुनावों में जनता के बीच रखने की रणनीति तैयार कर रही है। इसकी शुरुआत इसी लोकसभा चुनाव से होगी। जाट आरक्षण के दौरान हुई आगजनी की घटनाओं को लेकर भाजपा अपने विपक्षी दल की घेराबंदी करेगी। भाजपा अपने इस हथियार का इस्तेमाल रोहतक, सोनीपत समेत जाटलैंड की अन्य सीटों पर करेगी।
हालांकि प्रदेश भाजपा को इस बात का भी अंदेशा है कि आगजनी के मुद्दे पर विपक्ष उन्हें भी घेर सकता है। लेकिन इससे पहले भाजपा इसी मसले पर विपक्ष की घेराबंदी मजबूत करना चाहती है। दरअसल, फरवरी 2016 में जाट आरक्षण के नाम पर आंदोलन अचानक इस कदर उग्र हुआ कि उपद्रवियों ने रोहतक, झज्जर, सोनीपत समेत आसपास के इलाकों में जबरदस्त आगजनी कर दी थी। इस आगजनी में हरियाणा के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु और पूर्व मंत्री गीता भुक्कल के घर को भी आग लगा दी गई थी। वित्तमंत्री कैप्टन के घर को आग लगाने के मामले की सुनवाई सीबीआई की विशेष अदालत कर रही है।
हरियाणा सरकार ने पूर्व मंत्री गीता भुक्कल को भी उनके आवास पर आगजनी की जांच सीबीआई से करवाने की पेशकश की थी। लेकिन पूर्व मंत्री भुक्कल ने इस बात से इंकार कर दिया था। अब ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ का नारा लेकर आगे बढ़ रही प्रदेश भाजपा चुनाव में जाट-गैर जाट के मुद्दे को गौण रखते हुए जाट लैंड में जाट आरक्षण के नाम पर हुई आगजनी के तथ्यों को जनता के सामने लाने की तैयारी कर रही है। आगजनी के मामले में भाजपा के मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ व राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर ज्यादा मुखर दिखाई दे रहे हैं।
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हालांकि प्रदेश भाजपा को इस बात का भी अंदेशा है कि आगजनी के मुद्दे पर विपक्ष उन्हें भी घेर सकता है। लेकिन इससे पहले भाजपा इसी मसले पर विपक्ष की घेराबंदी मजबूत करना चाहती है। दरअसल, फरवरी 2016 में जाट आरक्षण के नाम पर आंदोलन अचानक इस कदर उग्र हुआ कि उपद्रवियों ने रोहतक, झज्जर, सोनीपत समेत आसपास के इलाकों में जबरदस्त आगजनी कर दी थी। इस आगजनी में हरियाणा के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु और पूर्व मंत्री गीता भुक्कल के घर को भी आग लगा दी गई थी। वित्तमंत्री कैप्टन के घर को आग लगाने के मामले की सुनवाई सीबीआई की विशेष अदालत कर रही है।
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हरियाणा सरकार ने पूर्व मंत्री गीता भुक्कल को भी उनके आवास पर आगजनी की जांच सीबीआई से करवाने की पेशकश की थी। लेकिन पूर्व मंत्री भुक्कल ने इस बात से इंकार कर दिया था। अब ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ का नारा लेकर आगे बढ़ रही प्रदेश भाजपा चुनाव में जाट-गैर जाट के मुद्दे को गौण रखते हुए जाट लैंड में जाट आरक्षण के नाम पर हुई आगजनी के तथ्यों को जनता के सामने लाने की तैयारी कर रही है। आगजनी के मामले में भाजपा के मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ व राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर ज्यादा मुखर दिखाई दे रहे हैं।
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सीबीआई की चार्जशीट के तथ्य बनेंगे हथियार
भाजपा के मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि प्रदेश की जनता जानती है कि जाट आरक्षण के नाम पर आंदोलन उग्र करने वाले और सूबे को जलाने वाले कांग्रेस के ही लोग हैं। कांग्रेस में भी एक खास गुट ने ही यह काम किया है। इसलिए हम चाहते हैं कि जनता भी जाने कि हरियाणा किन लोगों की वजह से जला, इसके पीछे क्या षड्यंत्र था, हरियाणा में समसरता और भाईचारे के असली दुश्मन कौन है। उन्होंने कहा कि ये घटना हरियाणा के लिए एक काला अध्याय थी और प्रदेश की आने वाली पीढ़ियां इसके लिए अपराधियों को कभी माफ नहीं करेगी।
कैप्टन ने कहा कि इस मामले में सीबीआई की चार्जशीट में कई ऐसे चौंकाने वाले तथ्य हैं, जिनका जनता के समक्ष आना जरूरी है, ताकि जनता भी इस आगजनी के असली अपराधियों को पहचान सके। कैप्टन के अनुसार सीबीआई के पास मौजूदा सबूतों में उन उपद्रवियों की ऑडियो रिकार्डिंग मौजूद है, जिन्होंने उनके रोहतक स्थित आवास को जलाने में भूमिका निभाई और इसी ऑडियो में ऐसे नेताओं की मिलीभगत भी खुलासा हो रहा है, जो खुद को हरियाणा का रहनुमा मानते हैं।
कैप्टन ने कहा कि इस मामले में सीबीआई की चार्जशीट में कई ऐसे चौंकाने वाले तथ्य हैं, जिनका जनता के समक्ष आना जरूरी है, ताकि जनता भी इस आगजनी के असली अपराधियों को पहचान सके। कैप्टन के अनुसार सीबीआई के पास मौजूदा सबूतों में उन उपद्रवियों की ऑडियो रिकार्डिंग मौजूद है, जिन्होंने उनके रोहतक स्थित आवास को जलाने में भूमिका निभाई और इसी ऑडियो में ऐसे नेताओं की मिलीभगत भी खुलासा हो रहा है, जो खुद को हरियाणा का रहनुमा मानते हैं।