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Hindi News ›   Chandigarh ›   Lok Sabha Elections 2019, Harsimrat Badal vs Raja Varing vs Sukhpal Khaira for Bathinda Constituency

लोकसभा चुनाव 2019: तीन दिग्गजों के लिए इज्जत का सवाल बनी बठिंडा सीट, कांटे की टक्कर

Mon, 13 May 2019 11:13 AM IST
खुशबू गोयल भारत भूषण मित्तल, अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब)
भारत भूषण मित्तल, अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 13 May 2019 11:13 AM IST
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Lok Sabha Elections 2019, Harsimrat Badal vs Raja Varing vs Sukhpal Khaira for Bathinda Constituency
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल - फोटो : अमर उजाला
पंजाब की लोकसभा सीट बठिंडा इस बार तीन दिग्गज नेताओं के लिए इज्जत का सवाल बन गई, क्योंकि तीनों के बीच कांटे की टक्कर हो रही है। इस सीट पर पहली बार 1952 में चुनाव हुए थे। उसमें कांग्रेस के उम्मीदवार हुक्म सिंह ने जीत हासिल की थी। 1962 में अकाली दल के धन्ना सिंह गुलशन ने जीत हासिल की थी। 1967 में अकाली दल संत ग्रुप, 1971 में सीपीआई कांग्रेस गठजोड़ के उम्मीदवार भान सिंह भोरा, 1977 में अकाली दल के गुलशन, 1980 में कांग्रेस के हुक्म सिंह, 1984 में अकाली दल के तेजा सिंह दर्दी, 1989 में अकाली दल मान के सुच्चा सिंह, 1991 में कांग्रेस के केवल सिंह, 1996 में अकाली दल के हरिंदर सिंह खालसा, 1998 में अकाली दल के चेतन सिंह समाओ, 1999 में सीपीआई कांग्रेस गठजोड़ के भान सिंह भोरा, 2004 में अकाली दल के परमजीत कौर गुलशन और 2009-2014 में अकाली दल के उम्मीदवार हरसिमरत कौर बादल जीत हासिल कर चुके हैं।
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पंजाब में सबसे ज्यादा हॉट सीट और वकार का सवाल माने जाने वाली बठिंडा सीट पर इस बार कांग्रेसी उम्मीदवार अमरिंदर सिंह राजा वडि़ंग और अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल के बीच कांटे की टक्कर बनी हुई है। हालांकि बहुजन समाज पार्टी का समर्थन हासिल कर चुके पंजाब एकता पार्टी से सुखपाल सिंह खैरा, आप से बलजिंदर कौर, शिव सेना हिंदुस्तान से सुखचैन भार्गव चुनाव मैदान में हैं। इस सीट पर पहली बार मुख्य मुद्दे में शामिल किसान खुदकुशी मामले को लेकर एक किसान की विधवा वीरपाल कौर भी चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रही हैं। निवर्तमान सांसद हरसिमरत कौर बादल पहली बार अपनी बेटी हरकीरत कौर और बेटे अनंतवीर सिंह बादल को सुखबीर बादल चुनाव प्रचार के लिए साथ लेकर आई हैं।
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बठिंडा में कांग्रेस के अलावा आप और पीडीए के उम्मीदवार की तरफ से अकाली दल राज में हुई बेअदबी को लेकर शिअद को घेरा जा रहा पर मुख्य मुद्दों जैसे मालवा में फैले कैंसर, किसान खुदकुशी मामले, सेहत और शिक्षा को लेकर कोई बात करने को तैयार नहीं है। कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से गुटका साहिब हाथ में लेकर नशा खत्म करने की कसम को लेकर मतदाता और विरोधी उम्मीदवार कांग्रेसी उम्मीदवार अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को घेर रहे हैं। अगर इन मुख्य मुद्दों को लेकर कोई मतदाता प्रमुख पार्टियों कांग्रेस तथा शिअद के उम्मीदवारों का घेराव कर सवाल जवाब करता है तो पार्टियों के वर्कर सवाल पूछने वाले मतदाता को या तो पीट रहे हैं या फिर उसे विरोधी पार्टी की तरफ से भेजे जाने का आरोप लगाकर चले जाते हैं।
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बठिंडा सीट का वोट गणित

कुल मतदाता - 16,13,616
पुरुष मतदाता - 8,53,501
महिला मतदाता - 7,60,095
थर्ड जेंडर - 20

2014 के चुनाव का गणित
कुल मतदाता - 15,25,289
वोट का इस्तेमाल - 11,76,767
मतदान फीसदी - 77 प्रति
2014 में 19,395 से जीती थीं हरसिमरत
हरसिमरत बादल - 5,14,727 वोट
मनप्रीत बादल - 4,95,332 वोट
जीत का अंतर - 19,395 वोट

बठिंडा लोकसभा क्षेत्र में 9 विधानसभा हलके शामिल हैं  
- बठिंडा शहरी
- बठिंडा देहाती
- मौड़
- भुच्चो
- तलवंडी साबो
- लंबी
- मानसा
-बुढलाडा
- सरदूलगढ़

किसकी क्या मजबूती, क्या कमजोरी

शिअद - हरसिमरत कौर बादल
मजबूती - 2009 और 2014 में जीत चुकी हैं। वे मजीठिया और बादल परिवार से हैं और केंद्रीय मंत्री हैं। बठिंडा के लिए एयरपोर्ट व एम्स जैसे प्रोजेक्ट लेकर आना शिअद उम्मीदवार की मजबूती माना जा रहा है।
कमजोरी - 2014 से लेकर 2017 तक राज्य में हुई बेअदबी की घटनाएं और जीतने के बाद मतदाताओं को स्थानीय नेताओं के सहारे छोड़ना

कांग्रेस - अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग
मजबूती - ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष रहे चुके हैं, राहुल गांधी के करीबी और अकाली दल के मुख्य गढ़ गिद्दड़बाहा से तीन बार जीत हासिल कर चुके हैं। राहुल गांधी ने ही राजा वडि़ंग को बठिंडा सीट पर अकाली दल के रिकार्ड को तोड़ने के मकसद से भेजा है।
कमजोरी - मीडिया के सामने विवादित बयान देना

आप - बलजिंदर कौर
मजबूती - अकाली एवं कांग्रेस के मजबूत विधायक रहे जीत मोहिंदर सिंह सिद्धू को 2017 में चुनाव हराकर तलवंडी साबो विस हलके से विधायक बनना।
कमजोरी - आप में फूट और फर्जी वोट मामले में लगे आरोप  

बसपा एवं पीडीए के सांझे उम्मीदवार - सुखपाल सिंह खैरा
मजबूती - कपूरथला के भुल्लथ से पहली बार कांग्रेस और दूसरी बार आप की टिकट पर विधायक बनना।
कमजोरी - पार्टी को थोडे़ समय में बदलना। आम आदमी पार्टी में रहते समय पार्टी नेताओं के खिलाफ बोलना और बठिंडा में आए एम्स प्रोजेक्ट का विरोध करना।
बठिंडा लोक सभा सीट से पहली बार एक किसान की विधवा वीरपाल कौर चुनाव मैदान में उतरी हैं। वीरपाल के पति, ससुर और पिता ने खुदकुशी कर ली थी। वे अकाली दल एवं कांग्रेस की सरकार की तरफ से किसान खुदकुशी पीड़ित परिवारों को कोई सहायता न किए जाने के मुद्दे को लेकर चुनाव मैदान में उतरी हैं।

 
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