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#VoteKaro: ईवीएम ले जाने वाले वाहनों पर रहेगी चुनाव आयोग की नजर, लगेंगे जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम
Thu, 18 Apr 2019 02:40 PM IST
खुशबू गोयल
अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली
अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 18 Apr 2019 02:40 PM IST
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ईवीएम मशीन
- फोटो : ani
लोकसभा चुनाव 2019 में ईवीएम और वीवीपैट की सुरक्षा पर निर्वाचन कार्यालय की कड़ी नजर होगी। इन्हें लाने-जे जाने वाले वाहनों की कड़ी निगरानी की जाएगा। जिन वाहनों में ईवीएम मतदान केंद्र में पहुंचाई जाएगी, उनकी पल-पल की जानकारी आयोग को मिलती रहेगी। निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी अपने ऑफिर से ही इन पर नजर रखेंगे। ईवीएम व वीवीपैट ले जाने के लिए प्रयोग किए जाने वाले वाहनों में जीपीएस सिस्टम स्थापित किए गए हैं।
एक सॉफ्टवेयर से इस पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। उच्चाधिकारियों का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और ईवीएम मशीनों से छेड़छाड़ के आरोपों से भी छुटकारा मिलेगा। बताया जाता है कि यह कार्रवाई निर्वाचन आयोग के आदेश पर की जा रही है। आयोग ने अपने आदेश में साफ कहा है कि ईवीएम और वीपीपैट की सुरक्षा के लिए स्पेशल ईवीएम कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे।
ईवीएम व वीवीपैट पर मोबाइल एप या वेब पोर्टल से नजर रखी जाए। इनको ले जाने वाले वाहनों पर रियल टाइम नजर रहेगी। जिस वाहन का प्रयोग होना है, उनमें यह प्रक्रिया मतदान से करीब सात दिन पहले पूरी करनी होगी। विभाग द्वारा इसका ट्रायल भी किया जाएगा। मतदान से चार दिन पहले विभाग द्वारा इसकी ट्रेनिंग और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएगी।
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एक सॉफ्टवेयर से इस पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। उच्चाधिकारियों का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और ईवीएम मशीनों से छेड़छाड़ के आरोपों से भी छुटकारा मिलेगा। बताया जाता है कि यह कार्रवाई निर्वाचन आयोग के आदेश पर की जा रही है। आयोग ने अपने आदेश में साफ कहा है कि ईवीएम और वीपीपैट की सुरक्षा के लिए स्पेशल ईवीएम कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे।
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ईवीएम व वीवीपैट पर मोबाइल एप या वेब पोर्टल से नजर रखी जाए। इनको ले जाने वाले वाहनों पर रियल टाइम नजर रहेगी। जिस वाहन का प्रयोग होना है, उनमें यह प्रक्रिया मतदान से करीब सात दिन पहले पूरी करनी होगी। विभाग द्वारा इसका ट्रायल भी किया जाएगा। मतदान से चार दिन पहले विभाग द्वारा इसकी ट्रेनिंग और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएगी।
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7500 वाहनों में प्रयोग होगा यह सिस्टम
जानकारी के मुताबिक, ईवीएम व वीपीएट को मतदान केंद्रों तक लाने और ले जाने में करीब 7500 वाहनों का प्रयोग किया जाएगा। इन सभी वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। यह पहला मौका है कि जब विभाग ने इस सिस्टम का प्रयोग किया है। इऐ प्रयोग करने का मकसद है, लोगों के मन में मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर विश्वास बढ़ाना है।
ऐसे होगी रूम की सुरक्षा
मोहाली जिले में दो लोकसभा हलके हैं। इनमें एक हलका डेराबस्सी, जीरकपुर और हलका खरड़ और मोहाली लोकसभा हलका श्री आनंदपुर साहिब में आते हैं। यहां मतदान के बाद ईवीएम की सुरक्षा के लिए पटियाला और मोहाली में विशेष रूम स्थापित किए जाएंगे। विशेष रूम के बाहर जहां पुलिस और सेंटर की सुरक्षा एजेंसियों का पहरा रहेगा। वहीं, कैमरे से उन पर चौबीस घंटे नजर रखी जाएगी। इसके अलावा किसी को भी वहां तक जाने की अनुमति नहीं होगी। विशेष रूम में कोई अप्रिय घटना न हो। इसलिए वहां का बिजली व पानी का कनेक्शन भी बंद रहेगा।
ऐसे होगी रूम की सुरक्षा
मोहाली जिले में दो लोकसभा हलके हैं। इनमें एक हलका डेराबस्सी, जीरकपुर और हलका खरड़ और मोहाली लोकसभा हलका श्री आनंदपुर साहिब में आते हैं। यहां मतदान के बाद ईवीएम की सुरक्षा के लिए पटियाला और मोहाली में विशेष रूम स्थापित किए जाएंगे। विशेष रूम के बाहर जहां पुलिस और सेंटर की सुरक्षा एजेंसियों का पहरा रहेगा। वहीं, कैमरे से उन पर चौबीस घंटे नजर रखी जाएगी। इसके अलावा किसी को भी वहां तक जाने की अनुमति नहीं होगी। विशेष रूम में कोई अप्रिय घटना न हो। इसलिए वहां का बिजली व पानी का कनेक्शन भी बंद रहेगा।