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नेहा शौरी हत्याकांड: चुनाव आयोग ने लिया संज्ञान, आर्म्स लाइसेंस का मांगा ब्योरा, एसआईटी करेगी जांच
Mon, 01 Apr 2019 10:32 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 01 Apr 2019 10:32 AM IST
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नेहा शौरी हत्याकांड
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नेहा शौरी हत्याकांड एक पहेली बनता जा रहा है। लगातार ऐसे सवाल सामने आ रहे हैं, जिनके जवाब ही इस हत्याकांड की असली वजह तक पहुंचने में मददगार साबित होंगे। वहीं चुनाव आयोग ने अखबारों में छपी खबरों का संज्ञान लेते हुए आरोपी बलविंदर को आर्म्स लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया का ब्योरा मांगा है। उधर, हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि 29 मार्च दिन शुक्रवार को खरड़ स्थित फूड केमिकल टेस्टिंग लैब में घुसकर बलविंदर नामक आरोपी ने जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी डॉ. नेहा शौरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसने खुद को भी गोली मार ली थी। मामले में दोनों की जान चली गई। वहीं अब इस हत्याकांड की चौतरफा जहां निंदा हो रही है। प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी उंगली उठ रही है।
मर्डर के पीछे दस साल पुरानी रंजिश की कहानी भी कई सवाल खड़े कर रही है। जानकारी के मुताबिक, लोकसभा चुनाव 2019 के लिए आचार संहिता लागू होने के बाद आरोपी बलविंदर को आर्म्स लाइसेंस जारी किया गया था, जबकि ऐसा नहीं किया जा सकता। बलविंदर ने इसी आर्म्स लाइसेंस के जरिये ही हथियार खरीदा और उसी से डॉ. नेहा की हत्या की।
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उल्लेखनीय है कि 29 मार्च दिन शुक्रवार को खरड़ स्थित फूड केमिकल टेस्टिंग लैब में घुसकर बलविंदर नामक आरोपी ने जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी डॉ. नेहा शौरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसने खुद को भी गोली मार ली थी। मामले में दोनों की जान चली गई। वहीं अब इस हत्याकांड की चौतरफा जहां निंदा हो रही है। प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी उंगली उठ रही है।
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मर्डर के पीछे दस साल पुरानी रंजिश की कहानी भी कई सवाल खड़े कर रही है। जानकारी के मुताबिक, लोकसभा चुनाव 2019 के लिए आचार संहिता लागू होने के बाद आरोपी बलविंदर को आर्म्स लाइसेंस जारी किया गया था, जबकि ऐसा नहीं किया जा सकता। बलविंदर ने इसी आर्म्स लाइसेंस के जरिये ही हथियार खरीदा और उसी से डॉ. नेहा की हत्या की।
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बलविंदर ने नहीं की थी केमिस्ट का लाइसेंस कैंसिल होने के बाद अपील
डॉ. नेहा की हत्या के बाद विभाग ने आंतरिक जांच करवाई। इसमें सामने आया है कि बलविंदर ने वर्ष 2009 में केमिस्ट शॉप का लाइसेंस कैंसिल होने के बाद से अब तक इसके खिलाफ कोई अपील दायर नहीं की और न ही लाइसेंस के लिए दोबारा अप्लाई किया था, जबकि लाइसेंस कैंसिल होने पर लाइसेंस होल्डर इसके खिलाफ अपील दायर करने का हकदार होता है और अमूमन मामलों में अपील दायर की भी जाती है। ज्ञात रहे कि बलविंदर की केमिस्ट शॉप का लाइसेंस प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री के चलते तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर डॉ. नेहा शौरी ने दस साल पहले रद्द किया था।
डॉ. नेहा और बलविंदर की फोन डिटेल खंगाली
पुलिस ने डॉ. नेहा और बलविंदर की फोन कॉल डिटेल भी खंगाली है। सूत्रों के अनुसार, दोनों के बीच किसी भी तरह की फोन कॉल भी सामने नहीं आई है। दोनों की कॉल डिटेल में पुलिस को ऐसा कुछ भी नहीं मिला है जिससे यह कहा जा सके कि बलविंदर ने नेहा से संपर्क करने की कभी कोशिश की हो।
आर्म्स लाइसेंस के लिए खुद को आयुर्वेदिक चिकित्सक बताया
आरोपी बलविंदर आयुर्वेदिक चिकित्सक था। बलविंदर के पास बैचलर ऑफ आयुर्वेदा एंड मेडिसिन की डिग्री थी। सूत्रों के मुताबिक, आर्म्स लाइसेंस लेने के लिए किए गए आवेदन में भी उसने अपनी डिग्री का ब्योरा देते हुए खुद को डॉक्टर लिखा था। साथ ही आर्म्स लाइसेंस के आवेदन में उसने सेल्फ डिफेंस के लिए हथियार खरीदने की मंशा जताई थी।
डॉ. नेहा और बलविंदर की फोन डिटेल खंगाली
पुलिस ने डॉ. नेहा और बलविंदर की फोन कॉल डिटेल भी खंगाली है। सूत्रों के अनुसार, दोनों के बीच किसी भी तरह की फोन कॉल भी सामने नहीं आई है। दोनों की कॉल डिटेल में पुलिस को ऐसा कुछ भी नहीं मिला है जिससे यह कहा जा सके कि बलविंदर ने नेहा से संपर्क करने की कभी कोशिश की हो।
आर्म्स लाइसेंस के लिए खुद को आयुर्वेदिक चिकित्सक बताया
आरोपी बलविंदर आयुर्वेदिक चिकित्सक था। बलविंदर के पास बैचलर ऑफ आयुर्वेदा एंड मेडिसिन की डिग्री थी। सूत्रों के मुताबिक, आर्म्स लाइसेंस लेने के लिए किए गए आवेदन में भी उसने अपनी डिग्री का ब्योरा देते हुए खुद को डॉक्टर लिखा था। साथ ही आर्म्स लाइसेंस के आवेदन में उसने सेल्फ डिफेंस के लिए हथियार खरीदने की मंशा जताई थी।
दस साल पुरानी रंजिश पर खड़े हो रहे सवाल
डॉ. नेहा शौरी की हत्या के पीछे की वजह अभी तक केमिस्ट शॉप का लाइसेंस कैंसिल करने के कारण बलविंदर के मन में पनप रही रंजिश मानी जा रही है। सवाल यह है कि लाइसेंस कैंसिल होने के बाद बलविंदर अलग-अलग जगहों पर काम करता रहा। उसके पास डॉक्टर की डिग्री भी थी। अगर उसे नेहा से बदला ही लेना था तो उसने दस साल का इंतजार क्यों किया। अगर उसकी आर्थिक हालत बदहाल थी तो फिर आर्म्स लाइसेंस लेने और हथियार खरीदने के लिए उसके पास मोटी रकम कहां से आई।
नहीं आई शिकायत, खुद ही लिया संज्ञान: सीईओ
आरोपी बलविंदर को चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद आर्म्स लाइसेंस जारी किए जाने की कोई शिकायत चुनाव आयोग को नहीं की गई। चुनाव आयोग ने खुद ही इसका संज्ञान लेते हुए आर्म्स लाइसेंस जारी करने का ब्योरा मांगा है। ब्योरा मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
- डॉ. एस. करुणाराजू, चीफ इलेक्शन ऑफिसर पंजाब
एसआईटी हर पहलू पर करेगी जांच : एसएसपी
डॉ. नेहा शौरी हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी बना दी गई है और उसने अपना काम भी शुरू कर दिया है। लाइसेंस कैंसिल होने के कारण रंजिश की थ्योरी के हर पहलू को गहराई से जांचा जा रहा है। एसआईटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी।
-हरचरण सिंह भुल्लर, एसएसपी, मोहाली।
नहीं आई शिकायत, खुद ही लिया संज्ञान: सीईओ
आरोपी बलविंदर को चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद आर्म्स लाइसेंस जारी किए जाने की कोई शिकायत चुनाव आयोग को नहीं की गई। चुनाव आयोग ने खुद ही इसका संज्ञान लेते हुए आर्म्स लाइसेंस जारी करने का ब्योरा मांगा है। ब्योरा मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
- डॉ. एस. करुणाराजू, चीफ इलेक्शन ऑफिसर पंजाब
एसआईटी हर पहलू पर करेगी जांच : एसएसपी
डॉ. नेहा शौरी हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी बना दी गई है और उसने अपना काम भी शुरू कर दिया है। लाइसेंस कैंसिल होने के कारण रंजिश की थ्योरी के हर पहलू को गहराई से जांचा जा रहा है। एसआईटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी।
-हरचरण सिंह भुल्लर, एसएसपी, मोहाली।