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Hindi News ›   Chandigarh ›   Lok Sabha Elections 2019, Dushyant Chautala and Jayant Choudhary Road Show for Narender Singh

लोकसभा चुनाव 2019 में फिर साथ दिखेगी देवीलाल और चरण सिंह की तीसरी पीढ़ी, 30 साल के बाद

Tue, 16 Apr 2019 12:22 PM IST
खुशबू गोयल प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 16 Apr 2019 12:22 PM IST
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Lok Sabha Elections 2019, Dushyant Chautala and Jayant Choudhary Road Show for Narender Singh
दुष्यंत चौटाला - फोटो : फाइल फोटो
लोकसभा चुनाव 2019 में 30 साल बाद चौधरी चरण सिंह और ताऊ देवीलाल की तीसरी पीढ़ी एक साथ नजर आएगी और एक नया समीकरण बनाएगी। जेजेपी नेता और हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला, बागपत से चुनाव लड़ रहे रालोद नेता जयंत चौधरी के साथ मिलकर नरेंद्र सिंह के लिए रोड शो करेंगे। नरेंद्र सिंह मथुरा से हेमा मालिनी के खिलाफ प्रत्याशी हैं। दोनों परिवारों से 30 साल बाद यह सियासी धूल छंटने जा रही है, जिसे हटाने का काम दुष्यंत और जयंत ने किया है।
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पिछले कई दिनों से दुष्यंत और जयंत में नजदीकियां बढ़ी है। उत्तर प्रदेश में पहली बार दोनों नेता एक ही मंच पर दिखेंगे। यही नजारा हरियाणा में भी दिखेगा। जयंत यहां जेजेपी प्रत्याशियों के लिए वोट मांगते नजर आएंगे। दुष्यंत चौटाला ने उत्तर प्रदेश के कई गांव में जयंत के साथ सभाओं का कार्यक्रम भी जारी किया है। गुजरे जमाने में चौधरी चरण सिंह और देवीलाल परिवार के बीच मधुर संबंध थे। सत्तर के दशक में दोनों नेताओं ने मिलकर मोरारजी देसाई की सरकार गिराई थी।
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लेकिन राजनीति के पायदान पर ऊपर पहुंचने के बाद चौधरी चरण सिंह ने देवीलाल परिवार की अनदेखी करनी शुरू कर दी। उसके बाद से रिश्तों पर धूल जमनी शुरू हो गई थी। बात यहां तक पहुंची कि अस्सी के दशक में देवीलाल के खिलाफ चौधरी चरण सिंह ने अपनी पार्टी का प्रत्याशी तक खड़ा किया। हालांकि देवीलाल के सामने चरण सिंह के उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई, लेकिन राजनीति में कुछ भी संभव है। तीसरी पीढ़ी ने सालों से चली आ रही दूरियों को खत्म कर एक नया सिायासी पैंतरा चला है।
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देवीलाल ने लिया था बदला

नब्बे के दशक में जिस समय चौधरी चरण सिंह के पुत्र अजीत सिंह मुख्यमंत्री बनने के लिए लॉबिंग कर रहे थे। उसी समय ताऊ देवीलाल ने पैंतरा बदला और कुश्ती के माहिर मुलायम सिंह को मुख्यमंत्री पद दिलवाने में अहम भूमिका निभाई। मुलायम ने भी उस दौरान सारे विरोधियों को धोबी पाट लगाकर ऐसा चित्त किया कि उनकी और ओम प्रकाश चौटाला की दोस्ती आज भी जिंदा है।

परिवार अलग बनने के बाद बन रहे नए समीकरण
रिश्तों पर जमी इस धूल को चौटाला परिवार ने हटाने का प्रयास नहीं किया। ताऊ देवीलाल की विरासत को संजो रहा चौटाला परिवार अपनी राजनीति में व्यस्त था। इसी बीच पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला जेल गए और परिवार में विघटन शुरू हो गया। अब नई बनी जेजेपी के लिए चुनाव में समर्थन जुटाना अहम हो गया है। जिसके चलते यह नए समीकरण बन रहे हैं।
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