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लोकसभा चुनाव 2019: पंजाब में जातीय संतुलन में उलझ गई कांग्रेस, हिंदू वोट बैंक के खिसकने की चिंता

Mon, 18 Mar 2019 02:51 PM IST
खुशबू गोयल अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 18 Mar 2019 02:51 PM IST
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Lok Sabha Elections 2019, Congress Confused in Punjab for Ticket Distribution due to Castism
पंजाब कांग्रेस के सदस्य - फोटो : File Photo
टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस फिलहाल धार्मिक और जातीय संतुलन बनाने में उलझ गई है। पंजाब में लोकसभा चुनाव आखिरी चरण में है, इसलिए पार्टी के पास काफी समय है। जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान द्वारा करवाए गए सर्वे में हिंदू वोट बैंक भाजपा की तरफ खिसकने की आशंका जताई गई है। इसके बाद पार्टी ने कम से कम दो सीटों पर हिंदू कैंडिडेट लड़ाने का फैसला लिया है। सुनील जाखड़ का गुरदासपुर से उम्मीदवार बनना लगभग तय है। दूसरी सीट पर मंथन शुरू हो गया है। दस मार्च को राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणु गोपाल ने पंजाब की स्क्रीनिंग कमेटी के साथ बैठक करके उम्मीदवारों पर मंथन किया था। इसमें सामान्य सीटों के पैनल में सारे जट सिखों के नाम थे।
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आनंदपुर साहिब से जयवीर शेरगिल, कैप्टन संदीप संधू पर चर्चा हुई। यहां से चुनाव लड़ने वाली अंबिका सोनी के बेटे अनूप सोनी के नाम पर चर्चा नहीं की गई। यहां से मनीष तिवारी भी टिकट मांग रहे हैं। संगरूर से चुनाव लड़ चुके विजय इंदर सिंगला इस बार लड़ना नहीं चाहते हैं। यहां से रजिंदर कौर भट्ठल और केवल ढिल्लों के नाम पर विचार किया गया। बठिंडा से ब्रह्म मोहिंद्रा अपने बेटे मोहित के लिए टिकट मांग रहे हैं, पर उस पर विचार नहीं किया गया। सूत्रों के मुताबिक, वेणु गोपाल ने पंजाब के नेताओं से कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की आक्रामक रणनीति को देखते हुए पार्टी पंजाब में कोई ऐसा कदम नहीं उठाना चाहती कि किसी तरह की वेव में आकर हिंदू वोट बैंक छिटक जाए।
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पार्टी का आंतरिक सर्वे भी इसी की पुष्टि कर रहा है। इसलिए कम से कम दो सीटों पर हिंदू प्रत्याशी उतारे जाएं। जिसके बाद पंजाब इकाई ने मंथन शुरू कर दिया है। बॉलीवुड अदाकार सोनू सूद से सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की मुलाकात इसी का हिस्सा है। सोनू को लुधियाना से लड़ने का ऑफर दिया गया था, पर वह तैयार नहीं हुए। अब हिंदू कार्ड के नाम पर आनंदपुर साहिब से अनूप सोनी, मनीष तिवारी, बठिंडा से मोहित मोहिंद्रा में से किसी एक की लॉटरी निकल सकती है। संगरूर से पार्टी के पास कोई मजबूत हिंदू चेहरा फिलहाल नहीं है।
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रिजर्व सीटों पर रविदास बिरादरी भारी

हाईकमान ने पंजाब कांग्रेस के पैनलों में एक और चीज पर एतराज जताया है। चारों रिजर्व सीटों से जितने भी उम्मीदवार पैनल में शामिल किए गए, सभी रविदास बिरादरी से थे। मजहबी सिखों को पूरी तरह से नजरंदाज कर दिया गया। जालंधर से चौधरी संतोख, महिंदर सिंह केपी, सुशील रिंकू, तीनों रविदास बिरादरी से हैं। होशियारपुर से संतोष चौधरी, महिंदर सिंह केपी, डॉ. राजकुमार चब्बेवाल, सभी रविदास बिरादरी से हैं। फतेहगढ़ साहिब से शमशेर सिंह दूलो अपने बेटे बनी दूलों के लिए टिकट मांग रहे हैं, वह भी रविदास बिरादरी से हैं। फरीदकोट के प्रमुख दावेदार भी इसी बिरादरी से हैं।

जालंधर और होशियारपुर में इस बिरादरी का बड़ा वोट बैंक है, इसलिए यहां के उम्मीदवार इसी के होंगे। लेकिन पंजाब इकाई को कहा गया है कि सोशल इंजीनियरिंग करें और फरीदकोट या फतेहगढ़ साहिब में दूसरी बिरादरी को प्रतिनिधित्व दें। डॉ. राजकुमार वेरका को पंजाब वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन का चेयरमैन बनाना इसी सोशल इंजीनियरिंग का हिस्सा है। पर टिकटों के मामले में कांग्रेस के सामने एक और समस्या आ रही है। वाल्मीकि, मजहबी सिख बिरादरी से पार्टी को उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं।

शाम चौरासी से विधायक पवन आद्या वाल्मीकि, जंडियाला गुरु से विधायक सुखविंदर डैनी और फगवाड़ा से चुनाव लड़ चुके जोगिंदर मान मजहबी सिख हैं। इनके अलावा कोई नेता नहीं है। डैनी पहले भी फरीदकोट से लड़ चुके हैं। पार्टी अब इन बिरादरियों को संतुष्ट करने का मन बना चुकी है। शिअद- भाजपा में जहां होशियारपुर से रविदास बिरादरी के विजय सांपला चुनाव लड़ेंगे, तो जालंधर से मजहबी सिख चरनजीत अटवाल को टिकट देकर संतुलन बनाया गया है।

दस साल बाद कांग्रेस के साथ आया था हिंदू वोट बैंक
हिंदू वोट बैंक दस साल बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से जुड़ा है। 2002 में इसी की बदौलत कांग्रेस सत्ता में आई थी। लेकिन 2007 में कैप्टन अमरिंदर अकालियों को नुकसान पहुंचाने के लिए पंथक एजेंडे पर चल पड़े। इससे नाराज होकर शहरी हिंदू पूरी तरह भाजपा के पाले में चले गए थे। 2012 में भी इन्होंने अकाली-भाजपा का ही साथ दिया। लेकिन 2017 में आम आदमी पार्टी की कट्टरपंथियों से नजदीकी की चर्चाओं के बाद यह वोट बैंक पूरी तरह कांग्रेस के साथ हो गया।
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