{"_id":"5c8a0c90bdec2213f932e91c","slug":"lok-sabha-elections-2019-clash-in-akali-dal-taksali-and-aap-for-anandpur-sahib-seat","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लोकसभा चुनाव 2019: अकाली दल टकसाली का दो टूक जवाब, हम भी नहीं छोड़ेंगे आनंदपुर साहिब सीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकसभा चुनाव 2019: अकाली दल टकसाली का दो टूक जवाब, हम भी नहीं छोड़ेंगे आनंदपुर साहिब सीट
Thu, 14 Mar 2019 01:47 PM IST
खुशबू गोयल
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 14 Mar 2019 01:47 PM IST
विज्ञापन
रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा
शिरोमणि अकाली दल (टकसाली) ने भी साफ कर दिया है कि वह किसी भी हालत में आनंदपुर साहिब सीट नहीं छोड़ेगी। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी के साथ उनके गठबंधन की उम्मीदें भी टूटती दिखाई दे रही हैं।
शिअद टकसाली के प्रधान व सांसद रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी किसी भी हालत में आनंदपुर साहिब सीट नहीं छोड़ सकती। क्योंकि काफी पहले पूर्व डिप्टी स्पीकर बीर दविंदर सिंह को यहां से उम्मीदवार घोषित किया जा चुका है। इस स्थिति में यह सीट छोड़ना संभव नहीं है। आप एक दिन पहले ही साफ कर चुकी है कि वह किसी भी हालत में आनंदपुर साहिब सीट नहीं छोड़ेगी। आप ने यहां से नरिंदर शेरगिल को उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले विधानसभा चुनाव 2017 में शेरगिल को इसी लोकसभा सीट के हलके खरड़ से उम्मीदवार बनाया गया था।
लेकिन बाद में सीनियर नेता कंवर संधू ने खरड़ से लड़ने की इच्छा जताई तो आखिरी मौके पर शेरगिल को मोहाली से लड़ाया गया था, पर वह चुनाव हार गए थे। आप हाईकमान ने स्पष्ट कर दिया था कि बार-बार शेरगिल की कुर्बानी नहीं दी जा सकती। वह काफी समय से इस सीट पर तैयारी भी कर रहे हैं। आप ने टकसालियों को ऑफर दिया था कि वह चाहें तो बीर दविंदर को आप के टिकट पर बठिंडा सीट से चुनाव लड़वा दें। वहां आप का अच्छा आधार है, लेकिन बीर दविंदर इसके लिए तैयार नहीं हुए। अब दोनों पार्टियों के अलग-अलग ही लड़ने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिअद टकसाली के प्रधान व सांसद रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी किसी भी हालत में आनंदपुर साहिब सीट नहीं छोड़ सकती। क्योंकि काफी पहले पूर्व डिप्टी स्पीकर बीर दविंदर सिंह को यहां से उम्मीदवार घोषित किया जा चुका है। इस स्थिति में यह सीट छोड़ना संभव नहीं है। आप एक दिन पहले ही साफ कर चुकी है कि वह किसी भी हालत में आनंदपुर साहिब सीट नहीं छोड़ेगी। आप ने यहां से नरिंदर शेरगिल को उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले विधानसभा चुनाव 2017 में शेरगिल को इसी लोकसभा सीट के हलके खरड़ से उम्मीदवार बनाया गया था।
विज्ञापन
लेकिन बाद में सीनियर नेता कंवर संधू ने खरड़ से लड़ने की इच्छा जताई तो आखिरी मौके पर शेरगिल को मोहाली से लड़ाया गया था, पर वह चुनाव हार गए थे। आप हाईकमान ने स्पष्ट कर दिया था कि बार-बार शेरगिल की कुर्बानी नहीं दी जा सकती। वह काफी समय से इस सीट पर तैयारी भी कर रहे हैं। आप ने टकसालियों को ऑफर दिया था कि वह चाहें तो बीर दविंदर को आप के टिकट पर बठिंडा सीट से चुनाव लड़वा दें। वहां आप का अच्छा आधार है, लेकिन बीर दविंदर इसके लिए तैयार नहीं हुए। अब दोनों पार्टियों के अलग-अलग ही लड़ने की उम्मीद है।
विज्ञापन
Trending Videos
इसी सीट के चलते पीडीए से हुए अलग
शिरोमणि अकाली दल टकसाली आनंदपुर सीट के कारण ही पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस से अलग हुआ था। सबसे पहले पंजाबी एकता पार्टी के प्रधान सुखपाल खैरा ने ही शिअद टकसाली के प्रधान रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा के साथ गठबंधन की बातचीत शुरू की थी। उनका पीडीए में शामिल होना भी तय हो गया था, लेकिन बसपा आनंदपुर सीट छोड़ने को तैयार नहीं हुई। बसपा का कहना था कि दोआबा में ही उनका आधार है, इसलिए यहीं से लड़ने में उन्हें फायदा होगा। इसके बाद टकसाली अलग हो गए।
दोनों ने बुलाई बैठकें
आम आदमी पार्टी और शिअद टकसाली ने अंतिम रणनीति तय करने के लिए अलग-अलग बैठकें बुला ली हैं। आप की कोर कमेटी की बैठक शनिवार को चंडीगढ़ में होगी। इसमें टकसालियों के साथ गठबंधन पर औपचारिक तौर पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। साथ ही बाकी उम्मीवार भी फाइनल किए जाएंगे। वहीं, टकसालियों ने रविवार को लुधियाना में बैठक बुलाई है।
दोनों ने बुलाई बैठकें
आम आदमी पार्टी और शिअद टकसाली ने अंतिम रणनीति तय करने के लिए अलग-अलग बैठकें बुला ली हैं। आप की कोर कमेटी की बैठक शनिवार को चंडीगढ़ में होगी। इसमें टकसालियों के साथ गठबंधन पर औपचारिक तौर पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। साथ ही बाकी उम्मीवार भी फाइनल किए जाएंगे। वहीं, टकसालियों ने रविवार को लुधियाना में बैठक बुलाई है।