फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Lok sabha election 2019, Union Minister Harsimrat kaur badal sitting on dharna

बीच सड़क धरने पर बैठीं केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, जानें आखिर मामला क्या है

Sun, 12 May 2019 01:06 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बठिंडा (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बठिंडा (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Sun, 12 May 2019 01:06 AM IST
विज्ञापन
Lok sabha election 2019, Union Minister Harsimrat kaur badal sitting on dharna
धरने पर बैठीं हरसिमरत कौर बादल

सिख संगठनों के विरोध के कारण अकाली दल द्वारा शनिवार को मंडी कलां में रखी गई जनसभा को रद्द कर दिया गया। इसके बाद सूबा सरकार पर धक्केशाही का आरोप लगाते हुए अकाली उम्मीदवार हरसिमरत कौर बादल पूर्व मंत्री जनमेजा सिंह सेखों के साथ धरने पर बैठ गई।

विज्ञापन


शुक्रवार को सिख संगठनों और किसान यूनियन ने मिलकर रोष मार्च निकाला था और चेतावनी दी थी कि अकाली दल को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती। 
विज्ञापन


शनिवार को सिख संगठनों और किसान यूनियन ने जनसभा स्थल धर्मशाला को ताला जड़ दिया और काली झंडियां लेकर वाहेगुरु का जाप करने लगे। जैसे ही हरसिमरत का काफिला गांव की ओर आने लगा तो विरोधी संगठनों ने अकाली दल के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी। तनावपूर्ण माहौल को देख पुलिस ने अकाली दल के काफिले को रास्ते में ही रोक दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद हरसिमरत कौर बादल, पूर्व मंत्री जनमेजा सेखों और 20 गांवों के अकाली कार्यकर्ता मौड़-रामपुरा सड़क पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार और कैप्टन अमरिंदर सिंह के इशारे पर उनकी जनसभाओं को रोका जा रहा है और अकाली नेताओं को काली झंडियां दिखाई जा रही हैं।

Lok sabha election 2019, Union Minister Harsimrat kaur badal sitting on dharna
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल

सेखों ने कहा कि वह जिला प्रशासन से मंजूरी लेकर जनसभा करने आए थे लेकिन पुलिस ने भी उन पर न जाने के लिए दबाव बनाया। मौके पर पहुंचे एसएसपी डॉ. नानक सिंह ने दोनो पक्षों को मनाने की कोशिश की लेकिन खबर लिखे जाने तक अकाली दल का धरना जारी था। 

वहीं धरने पर बैठे सिख संगठनों ने कहा कि अगर हरसिमरत कौर बादल उनकी मांगें मान लेती तो वह धरने को खत्म कर देंगे। किसान यूनियन सिद्धूपुरा के जगदेव संदोहा ने कहा कि सरकार किसानों के हक में स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने में विफल रही जबकि हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय मंत्री होते हुए भी किसानों के हक की बात नहीं कर पाई। सिख संगठनों के साथ आए भुल्लर भाईचारे के लोगों ने कहा कि एसजीपीसी से उनके गुरुद्वारे और जमीन को छुड़ाया जाए। 

बठिंडा जोन के आईजी एमएफ फारूकी का कहना है कि इस धरने से पुलिस का कोई वास्ता नहीं है, केवल सुरक्षा के मद्देनजर ही पुलिस तैनात है। हरसिमरत कौर बादल और अकाली दल द्वारा पुलिस पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह झूठे और बेबुनियाद हैं। केंद्रीय मंत्री होने के नाते हरसिमरत कौर बादल के पास पहले से ही काफी फोर्स है, लेकिन फिर भी पुलिस को तैनात किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed