लोकसभा 2019: परमिंदर ढींढसा संगरूर से शिअद के उम्मीदवार, सुखबीर बादल ने किया एलान
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विधायक परमिंदर ढींढसा ही संगरूर लोकसभा सीट से शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार होंगे। इसे लेकर काफी समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए पार्टी प्रधान सुखबीर बादल ने शुक्रवार को इसका एलान कर दिया। शिअद ने एक बार फिर संगरूर हलके में अपने सबसे विश्वस्त परिवार पर भरोसा जताया है।
संगरूर हलका ढींढसा परिवार की परंपरागत सीट रही है। हालांकि 2014 में आप के भगवंत मान ने अरविंद केजरीवाल की लहर में सुखदेव ढींढसा को रिकॉर्ड वोटों से हराया था। काफी मंथन के बाद पार्टी ने परमिंदर ढींढसा को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने पहले ही ढींढसा को लड़ाने के संकेत दे दिए थे। लेकिन न तो परमिंदर, न ही उनके पिता सुखदेव सिंह ढींढसा इसके लिए तैयार थे।
राज्यसभा सदस्य ढींढसा पिछले साल ही सेहत संबंधी कारणों से पार्टी पदों से इस्तीफा दे चुके हैं। बड़े ढींढसा ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि परमिंदर को लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। ढींढसा यह भी कह चुके हैं कि वह परमिंदर के लिए प्रचार नहीं करेंगे। परमिंदर भी राजी नहीं हो रहे थे, पर यह कह रहे थे कि पार्टी का आदेश मानेंगे।
पिछले दिनों संगरूर में हुई पार्टी मीटिंग में पूछा गया कि यहां से कौन कैंडिडेट होना चाहिए तो सभी ने परमिंदर का ही नाम लिया था। आखिर इसका औपचारिक एलान हो गया। संगरूर लोकसभा सीट के लहरागागा विधानसभा हलके से विधायक परमिंदर पिछली सरकार में वित्तमंत्री थे।
वह 2000 में पहली बार सुनाम से विधायक बने थे, अब तक पांच बार लगातार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। आप ने इस बार भी भगवंत मान को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। शिअद अब तक छह उम्मीदवार घोषित कर चुका है।
लुधियाना से मजीठिया हो सकते हैं उम्मीदवार
परमिंदर ढींढसा के बाद सुखबीर बादल अपने एक और खास सिपहसालार बिक्रम मजीठिया पर भी दांव खेल सकते हैं। पार्टी मजीठिया को लुधियाना से लड़ाने पर विचार कर रही है। भाजपा हाईकमान की ओर से शिअद पर ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने का दबाव है। इसलिए पार्टी के कई बड़े नेता चुनाव में उतर सकते हैं। लुधियाना में पार्टी के पास कोई मजबूत उम्मीदवार नहीं है।
पार्टी के थिंक टैंक का मानना है कि मजीठिया के आने से सीट निकल सकती है। इसके पीछे दो दलीलें दी जा रही हैं। सिमरजीत बैंस भी चुनाव लड़ेंगे, वह शहर में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाएंगे। वहीं, विधायक राकेश पांडे समेत पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी का पूरा गुट अंदरखाते कांग्रेस उम्मीदवार रवनीत बिट्टू की मुखालफत करेगा। जिसका फायदा शिअद को सकता है।