अरुण जेटली के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी भी अमृतसर से हारे, आखिरी बार सिद्धू ने खिलाया था 'कमल'
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लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी गुरजीत औजला ने मोदी कैबिनेट में शामिल मंत्री हरदीप पुरी को शिकस्त दी है। आम आदमी पार्टी उम्मीदवार कुलदीप धालीवाल समेत 28 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में आप उम्मीदवार डॉ. दलबीर सिंह को 85 हजार से अधिक मत मिले थे।
2017 के लोकसभा उप चुनाव में आप के उम्मीदवार उपकार सिंह संधू को एक लाख 49 हजार 949 मत मिले थे। इस चुनाव में कुलदीप धालीवाल को मात्र 19792 मत ही मिले। भाजपा के हरदीप पुरी को 344049 और गुरजीत औजला को 444052 मत मिले। औजला ने पुरी को एक लाख तीन वोट से हराया है।
16 राउंड की मतगणना में औजला ने शुरू से बढ़त बना ली थी। औजला ने 2017 के लोकसभा उपचुनाव में भाजपा के राजिंदर मोहन सिंह छीना को लगभग दो लाख वोटों से हराया था। अमृतसर लोकसभा सीट हमेशा से हाई प्रोफाइल और बड़े उलटफेर के लिए जानी जाती रही है।
लगातार ये दूसरी बार हुआ जब अमृतसर की जनता ने भाजपा के दो बड़े नेताओं को नकार दिया। 2014 लोकसभा चुनाव में अमृतसर से वित्तमंत्री अरुण जेटली को पंजाब के मौजूदा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने शिकस्त दी थी। हरदीप पुरी को कांग्रेस प्रत्याशी गुरजीत सिंह औजला ने हराया।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के सीट छोड़ने के बाद वो यहां से जीते थे। हरदीप पुरी 1974 बैच के विदेश सेवा के अधिकारी थे। पुरी का जन्म दिल्ली में हुआ और इनके पिता भी राजनयिक थे। 2004 से 2009 तक नवजोत सिंह सिद्धू भाजपा की टिकट से दो बार अमृतसर के सांसद बने। हालांकि इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया और पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।