धुरंधरों पर दांव खेलेगी कांग्रेस, दिग्गजों की दावेदारी ने कई सीटों को बना दिया हाई प्रोफाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव के लिए हरियाणा में टिकट फाइनल की जद्दोजहद में जुटी कांग्रेस हाईकमान ने यह तय कर लिया है कि इस बार भी पुराने धुरंधरों पर ही दांव खेल जाएगा। पार्टी के रणनीतिकार को पता है खेमे में बंटकर बढ़ना कांग्रेस के लिए बड़ा नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसी के मद्देनजर कांग्रेस ने हर सीट पर टिकटों का पैनल फाइनल किया है। आठ सीटों पर तो नाम लगभग फाइनल है। सोनीपत और करनाल पर मौजूदा समीकरणों को लेकर मंथन चल रहा है।
पैनल तैयार करने में इस बार कांग्रेस हाईकमान ने खास ध्यान रखा है कि पहले पायदान पर ही दिग्गजों में विरोधाभास खत्म कर दिया जाए। इसलिए अधिकतर सीटें ऐसी हैं जहां टिकटों के लिए दिग्गजों के भिड़ने की संभावनाएं कम ही है। जिन सीटों पर दावेदार ज्यादा है। वहां उन्हें मनाने का काम चल रहा है। हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों में से अंबाला सीट पर प्रमुख दावेदारों में कुमारी सैलजा और प्रदेश अध्यक्ष डा. अशोक तंवर का नाम सबसे ऊपर है।
इसी तरह सिरसा सीट पर भी पहला नाम डा. अशोक तंवर का है और दूसरा नाम कुमारी सैलजा का है। दरअसल ये दोनों सीटें आरक्षित है और दोनों ही नेता इन दोनों सीटों पर सांसद रह चुके हैं। अब कौन कहां से लड़ना चाहता है हाईकमान ने फैसला दोनों पूर्व सांसदों पर छोड़ दिया है। कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट पर पूर्व सांसद नवीन जिंदल का नाम पैनल में हैं लेकिन इस सीट से रणदीप सुरजेवाला का नाम भी चर्चा में है।
हिसार सीट पर पूर्व सांसद व मौजूदा विधायक कुलदीप बिश्नोई का नाम पैनल में है लेकिन वह अपने बेटे भव्य बिश्नोई के लिए टिकट मांग रहे हैं। रोहतक से फिलहाल मौजूदा सांसद दीपेंद्र हुड्डा का नाम भेजा गया है। भिवानी से पहला नाम सीएलपी लीडर किरण चौधरी का है और दूसरा नाम उन्हीं की बेटी पूर्व सांसद श्रुति चौधरी का है।
गुरुग्राम से दो पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव व आफताब अहमद और पूर्व सीपीएस राव दान सिंह टिकट मांग रहे हैं। फरीदाबाद से पूर्व सांसद अवतार सिंह भडाना और करतार सिंह भडाना दावेदारी ठोक रहे हैं। लेकिन मौजूदा विधायक करण दलाल, ललित नागर और पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप भी इसी सीट से टिकट की कतार में हैं।
सोनीपत-करनाल पर जातीय समीकरणों में फंसी कांग्रेस
सोनीपत और करनाल सीट पर कांग्रेस जातीय समीकरणों में फंसी हुई है। सोनीपत सीट से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को उतारने की तैयारी है। लेकिन यदि रोहतक में कांग्रेस ने पंजाबी प्रत्याशी उतारने की सोची तो दीपेंद्र को सोनीपत शिफ्ट कर रोहतक से शादीलाल बतरा को उतारने पर विचार हो सकता है।
करनाल में भी कांग्रेस पंजाबी और ब्राह्मण में से किसी एक को टिकट देगी। यदि सीट से पंजाबी प्रत्याशी उतारा जाता है तो यहां से भी शादीलाल बतरा, बुल्लेशाह व तरुण भंडारी का नाम पैनल में हैं। ब्राह्मण प्रत्याशी के लिए पैनल में कुलदीप शर्मा है, जबकि अशोक तंवर की पत्नी अवंतिका माकन भी कतार में है।
विनोद शर्मा वापसी के लिए मार रहे जोर
पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व विधायक विनोद शर्मा भी कांग्रेस में वापसी के लिए जोर लगा रहे हैं। कांग्रेस छोड़कर उन्होंने हरियाणा जनचेतना पार्टी बनाई थी। इतना ही नहीं वापसी के बाद विनोद शर्मा करनाल सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जता रहे हैं। लेकिन उनकी वापसी कांग्रेस में होगी या नहीं, यह हाईकमान तय करेगा।