फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Lockdown, Curfew, Coronavirus, Complaint Via Email against Joint director

हरियाणाः पशुपालन महानिदेशक का जिम्मा संभाल रहे संयुक्त निदेशक के खिलाफ भेजा पत्र बम

Thu, 16 Apr 2020 01:03 PM IST
खुशबू गोयल यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 16 Apr 2020 01:03 PM IST
विज्ञापन
Lockdown, Curfew, Coronavirus, Complaint Via Email against Joint director
सांकेतिक चित्र
हरियाणा पशुपालन विभाग के निदेशक का जिम्मा संभाल रहे संयुक्त निदेशक प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खुल गया है। विभाग के डॉक्टरों ने ही उनके खिलाफ सीएम मनोहर लाल, पशुपालन मंत्री जेपी दलाल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव वी. उमाशंकर व अतिरिक्त मुख्य सचिव आरएस बुंदरु को पत्र लिखकर चार्ज वापस लेने की मांग की है। शिकायत पत्र ईमेल से भेजा गया है। तत्कालीन एसीएस पशुपालन सुनील गुलाटी ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर 14 अक्टूबर 2019 को संयुक्त निदेशक डॉ. ओपी छिक्कारा को महानिदेशक की वित्तीय व प्रशासनिक शक्तियां सौंपी थी।
विज्ञापन


आगामी आदेशों तक यह जिम्मा सौंपा गया था। जिस समय यह जिम्मा दिया गया, उस समय प्रदेश में विधानसभा चुनाव चल रहे थे। तत्कालीन एसीएस ने यह अहम जिम्मा सौंपने के लिए मुख्यमंत्री व सरकार की मंजूरी नहीं ली थी। पशुपालन विभाग में कार्यरत डॉ. सुरेंद्र सिंह दुहन, डॉ. ललित कुमार व डॉ. सुभाष चंद्र ने सीएम व अन्य को भेजी शिकायत में आदेश संख्या के साथ इसका जिक्र किया है। तीनों डॉक्टर भरतीय मजदूर संघ से संबद्ध पशु चिकित्सा परिषद हरियाणा के पदाधिकारी भी हैं। तीनों डॉक्टरों की शिकायत को डॉ. छिक्कारा ने सिरे से नकारते हुए गहरी साजिश बताया है।
विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार सरकार ने शिकायत को गंभीरता से लेते आरोपों की पड़ताल शुरू करा दी है। आरोप सही पाए जाने पर ही आगामी निर्णय लिया जाएगा। सरकार को भेजी गई शिकायत में तीनों डॉक्टरों ने संयुक्त निदेशक को निदेशक पद के लिए अपात्र बताकर शक्तियां वापस लेने की मांग की है। डॉ. सुरेंद्र सिंह दुहन, डॉ. ललित कुमार व डॉ. सुभाष चंद्र ने विभाग में वित्तीय अनियमितताओं के भी आरोप लगाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


साथ ही कहा कि पशु चिकित्सा परिषद पदाधिकारियों को डॉ. छिक्कारा इसलिए भी निशाने पर लेने में लगे हैं, चूंकि वह गलघोंटू व मुंहखुर की बीमारी की रोकथाम के लिए निम्न गुणवत्ता की सिंगल वैक्सीन खरीदना चाहते थे, जिसे उन्होंने नहीं खरीदने दिया था। कोरोना से लड़ाई में पीपीई किट व मास्क मांगने पर भी उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। सरकार संयुक्त निदेशक से अतिरिक्त कार्यभार वापस लेकर नियमानुसार स्थायी निदेशक नियुक्त करे ताकि बिना मानसिक दबाव के काम कर सकें।

हाईकोर्ट के आदेशों का नहीं हुआ पालन

पशुपालन विभाग में सरकार ने आईएएस हरदीप सिंह को निदेशक लगाया था। बीते वर्ष उनकी नियुक्ति को विभाग के चार डॉक्टरों ने हाईकोर्ट में चुनौती दे दी थी। उन्होंने नियुक्ति के नियमों को आधार बनाया था। जिनमें शामिल है कि निदेशक विभाग से ही हो व तकनीकी ज्ञान रखता हो।

इस पर हाईकोर्ट ने 11 सितंबर 2019 को निर्णय सुनाते हुए हरदीप सिंह को हटाने के आदेश के साथ ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को जलाड़ी निदेशक नियुक्त करने के निर्देश दिए थे। विभाग के तत्कालीन एसीएस से वैकल्पिक नियुक्ति तो कर दी, लेकिन सरकार आज तक स्थायी निदेशक नियुक्त नहीं कर पाई।

ये काम न करने वाले लोगों की साजिश : छिक्कारा
निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे संयुक्त निदेशक प्रशासन डॉ. ओपी छिक्कारा ने कहा कि ये काम न करने वाले अधिकारियों की उनके खिलाफ साजिश है। उन्हें परेशान करने की कोशिश की जा रही है। शिकायतकर्ता उन्हें काम नहीं करने देना चाहते। बेबुनियाद आरोप लगाकर सरकार को शिकायत की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed