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पंजाब: गेहूं की खरीद शुरू, पहले दिन खरीदा 3119 टन, फरमान- रुकावट डाली तो होगी कार्रवाई
Thu, 16 Apr 2020 12:11 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 16 Apr 2020 12:11 PM IST
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पंजाब में बुधवार को गेहूं खरीदनें की प्रक्रिया हो गई और इसके पहले दिन सरकारी एजेंसियों द्वारा 3119 टन गेहूं की खरीद की गई। पंजाब के खाद्य और सिविल सप्लाई मंत्री भारत भूषण आशु ने बताया कि राज्य में स्थित 1867 खरीद केंद्रों और 1824 मंडी यार्डों से 3119 टन गेहूं की खरीद सरकारी एजेंसियों द्वारा की गई है।
आशु ने बताया कि पनग्रेन द्वारा 860 टन, मार्कफैड द्वारा 763 टन और पनसप द्वारा 301 टन गेहूं की खरीद की गई है, जबकि पंजाब स्टेट वेयर हाउसिंग कारपोरेशन द्वारा 501 टन गेहूं की खरीद की गई है। केंद्र सरकार की एजेंसी एफसीआई द्वारा 56 टन गेहूं की खरीद की गई है। इसके अलावा पनग्रेन द्वारा पंजाब में सार्वजनिक वितरण के लिए 574 टन गेहूं की भी खरीद की गई है। आशु ने कहा कि खरीद के 48 घंटे बाद फसल की बनती रकम की अदायगी कर दी जाएगी।
गेहूं खरीद में रुकावट पैदा करने वालों पर होगी कार्रवाई
गेहूं की निर्विघ्न खरीद के प्रबंधों में रुकावट डालने की धमकी देने वाले लोगों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब मंडी बोर्ड ने बुधवार को राज्यभर की मार्केट कमेटियों के सभी सचिवों को हिदायत दी कि यदि कोई व्यक्ति खरीद कार्यों में रुकावट डालता है तो उसके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। सचिव रवि भगत के अनुसार, उनके ध्यान में आया है कि आढ़तियों के एक समूह ने रबी मंडीकरण सीजन 2020-21 के दौरान खरीद कार्यों का बायकॉट करने की धमकी दी है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि मंडी बोर्ड ने पहले ही ऐसे आढ़तियों के लाइसेंस रद्द करने के लिए जरूरी हिदायतें जारी कर दी हैं और उन्हें आपदा प्रबंधन एक्ट, 2005 की धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। भगत ने हड़ताल पर जाने की धमकी देने वाले आढ़तियों के पास फसल लेकर जाने वाले सभी किसानों के पास तुरंत रद्द करने और उसी मंडी में काम कर रहे अन्य आढ़तियों के पास फसल ले जाने के लिए इन किसानों को पास फिर से जारी करने के निर्देश दिए हैं।
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आशु ने बताया कि पनग्रेन द्वारा 860 टन, मार्कफैड द्वारा 763 टन और पनसप द्वारा 301 टन गेहूं की खरीद की गई है, जबकि पंजाब स्टेट वेयर हाउसिंग कारपोरेशन द्वारा 501 टन गेहूं की खरीद की गई है। केंद्र सरकार की एजेंसी एफसीआई द्वारा 56 टन गेहूं की खरीद की गई है। इसके अलावा पनग्रेन द्वारा पंजाब में सार्वजनिक वितरण के लिए 574 टन गेहूं की भी खरीद की गई है। आशु ने कहा कि खरीद के 48 घंटे बाद फसल की बनती रकम की अदायगी कर दी जाएगी।
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गेहूं खरीद में रुकावट पैदा करने वालों पर होगी कार्रवाई
गेहूं की निर्विघ्न खरीद के प्रबंधों में रुकावट डालने की धमकी देने वाले लोगों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब मंडी बोर्ड ने बुधवार को राज्यभर की मार्केट कमेटियों के सभी सचिवों को हिदायत दी कि यदि कोई व्यक्ति खरीद कार्यों में रुकावट डालता है तो उसके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। सचिव रवि भगत के अनुसार, उनके ध्यान में आया है कि आढ़तियों के एक समूह ने रबी मंडीकरण सीजन 2020-21 के दौरान खरीद कार्यों का बायकॉट करने की धमकी दी है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि मंडी बोर्ड ने पहले ही ऐसे आढ़तियों के लाइसेंस रद्द करने के लिए जरूरी हिदायतें जारी कर दी हैं और उन्हें आपदा प्रबंधन एक्ट, 2005 की धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। भगत ने हड़ताल पर जाने की धमकी देने वाले आढ़तियों के पास फसल लेकर जाने वाले सभी किसानों के पास तुरंत रद्द करने और उसी मंडी में काम कर रहे अन्य आढ़तियों के पास फसल ले जाने के लिए इन किसानों को पास फिर से जारी करने के निर्देश दिए हैं।
मंडियों में गेहूं लदी ट्रालियों की आवाजाही पर ऑनलाइन नजर
पंजाब सरकार ने ओला के सहयोग से एक अलग केंद्र स्वचालित प्रौद्यौगिकी प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो राज्य के 17 लाख से अधिक किसानों को ई-पास जारी करने के साथ-साथ मंडियों में ट्रॉलियों व अन्य वाहनों की आवाजाही का ऑनलाइन प्रबंधन और नियंत्रण करेगा। पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा ई-पास प्रणाली की शुरुआत करने के लिए एक ऐप प्रशासनिक सुधार एवं सार्वजनिक शिकायतों संबंधी विभाग की सहायता से बनाया है, जिसका उद्देश्य कोविड-19 संकट के दौरान खरीद कार्यों को और सुचारु बनाना है।
किसानों के मोबाइल फोन पर इंस्टाल किए गए यह ऐप, भीड़ को जमा होने से रोकने के लिए मंडी के फाटकों पर ही भीड़ के बारे में किसानों को जागरूक करेगा। इससे भीड़ जमा होने से रोकी जा सकेगी। एप का डैशबोर्ड स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सामाजिक दूरी से संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार पास जारी करने, समय सीमा पूरी होने और प्रमाणिकता संबंधी भी जानकारी प्रदान करवाएगा। पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (विकास) विश्वाजीत खन्ना ने बताया कि ई-पास सिस्टम के अलावा दो मोबाइल एप्लीकेशन में एक सिस्टम भी विकसित किया गया है।
पास जारी होने पर हर आढ़ती को यूनिकोड संदेश भेजा जाता है। आढ़ती इनबिल्ड सिस्टम द्वारा ट्रॉली चालकों को पास अलॉट कर सकते हैं। चालक फिर उसके नंबर पर प्राप्त हुए एसएमएस का प्रयोग करके उसे डाऊनलोड कर सकते हैं और इसे अलग-अलग पुलिस नाकों से निकलने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। खन्ना ने कहा कि ऑनलाइन वाहन प्रबंधन के साथ बोर्ड को कानून व्यवस्था के प्रोटोकोल समेत मंडियों में डीएचएस दिशा-निर्देशों को बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
किसानों के मोबाइल फोन पर इंस्टाल किए गए यह ऐप, भीड़ को जमा होने से रोकने के लिए मंडी के फाटकों पर ही भीड़ के बारे में किसानों को जागरूक करेगा। इससे भीड़ जमा होने से रोकी जा सकेगी। एप का डैशबोर्ड स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सामाजिक दूरी से संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार पास जारी करने, समय सीमा पूरी होने और प्रमाणिकता संबंधी भी जानकारी प्रदान करवाएगा। पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (विकास) विश्वाजीत खन्ना ने बताया कि ई-पास सिस्टम के अलावा दो मोबाइल एप्लीकेशन में एक सिस्टम भी विकसित किया गया है।
पास जारी होने पर हर आढ़ती को यूनिकोड संदेश भेजा जाता है। आढ़ती इनबिल्ड सिस्टम द्वारा ट्रॉली चालकों को पास अलॉट कर सकते हैं। चालक फिर उसके नंबर पर प्राप्त हुए एसएमएस का प्रयोग करके उसे डाऊनलोड कर सकते हैं और इसे अलग-अलग पुलिस नाकों से निकलने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। खन्ना ने कहा कि ऑनलाइन वाहन प्रबंधन के साथ बोर्ड को कानून व्यवस्था के प्रोटोकोल समेत मंडियों में डीएचएस दिशा-निर्देशों को बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
एक ही बार में किसान से सारी फसल खरीदे सरकार
क्रांतिकारी किसान यूनियन ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार गेहूं की सुचारु खरीद प्रबंधों के दावे तो कर रही है, लेकिन खरीद शुरू होने के पहले ही दिन मंडियों में फसल लेकर पहुंचे किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। यूनियन ने मांग की कि सरकार गेहूं खरीद की 50 क्विंटल की शर्त को हटाकर प्रत्येक किसान से एक ही बार में सारी फसल खरीदने की व्यवस्था करे।
यूनियन के नेता डा. दर्शन पाल ने कहा कि सरकार ने किसानों को केवल 50 क्विंटल गेहूं लेकर ही मंडी में आने की शर्त लगा दी है। इससे किसानों के लिए मुश्किल पैदा हो गई है कि वे बार-बार 50-50 क्विंटल गेहूं लेकर मंडी आते रहे और लंबी खरीद प्रक्रिया में उलझे रहें। उन्होंने कहा कि इस शर्त से किसान काफी परेशान हैं। बुधवार को पूरे पंजाब से फोन से मिली जानकारी के अनुसार, गांव और छोटे कस्बों की मंडियों में खरीद प्रबंध पूरे नहीं किए गए हैं। बड़ी संख्या में किसानों और लेबर को पास जारी नहीं किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ज्यादातर किसानों के पास घर में फसल रखने की जगह नहीं है और खेतों में भी अधिक देर तक फसल रखना संकट पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों को 50-50 क्विंटल फसल लेकर बार-बार मंडी के चक्कर न लगवाए जाएं बल्कि उसे एक ही बार में सारी फसल मंडी ले जाने की इजाजत दी जाए।
यूनियन के नेता डा. दर्शन पाल ने कहा कि सरकार ने किसानों को केवल 50 क्विंटल गेहूं लेकर ही मंडी में आने की शर्त लगा दी है। इससे किसानों के लिए मुश्किल पैदा हो गई है कि वे बार-बार 50-50 क्विंटल गेहूं लेकर मंडी आते रहे और लंबी खरीद प्रक्रिया में उलझे रहें। उन्होंने कहा कि इस शर्त से किसान काफी परेशान हैं। बुधवार को पूरे पंजाब से फोन से मिली जानकारी के अनुसार, गांव और छोटे कस्बों की मंडियों में खरीद प्रबंध पूरे नहीं किए गए हैं। बड़ी संख्या में किसानों और लेबर को पास जारी नहीं किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ज्यादातर किसानों के पास घर में फसल रखने की जगह नहीं है और खेतों में भी अधिक देर तक फसल रखना संकट पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों को 50-50 क्विंटल फसल लेकर बार-बार मंडी के चक्कर न लगवाए जाएं बल्कि उसे एक ही बार में सारी फसल मंडी ले जाने की इजाजत दी जाए।