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शराब घोटाला: निलंबित एएसआई जयपाल भेजा जेल, रिमांड में एसआईटी के हाथ लगे कई सुराग

Wed, 27 May 2020 12:54 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, सोनीपत
अमर उजाला, सोनीपत Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 27 May 2020 12:54 PM IST
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Liquor Scam, SET Got Many Clues during Interrogation of Jaipal Singh
प्रतीकात्मक तस्वीर
खरखौदा बाईपास पर गोदाम में रखी शराब तस्करी का षड्यंत्र रचने, धोखाधड़ी, आरोपी को बचाने के लिए उसकी मदद करने और भ्रष्टाचार अधिनियम में दो दिन के रिमांड पर लिए गए जयपाल को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस पूछताछ में एसआईटी को कई सबूत हाथ लगे हैं।
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हालांकि आरोपी ज्यादातर मामलों में भूपेंद्र व जसबीर की मिलीभगत के बारे में ही बोलता रहा। पुलिस अब अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। खरखौदा थाने में तैनात रहे निलंबित एएसआई जयपाल के खिलाफ खरखौदा थाना में दो मुकदमे दर्ज हैं। जयपाल की शराब तस्करी के मुख्य आरोपी भूपेंद्र और खरखौदा थाने के एसएचओ रहे बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर सिंह अच्छी दोस्ती थी। उस पर पुलिस की केस प्रापर्टी को ठिकाने लगाने व आरोपी की मदद करने और भ्रष्टाचार अधिनियम में भी मुकदमा दर्ज हैं।
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जयपाल को एसआईटी ने रोहतक से गिरफ्तार से किया था। दोनों मामलों में तीन दिन का रिमांड लेने के बाद उसे डीएसपी खरखौदा हरेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम ने न्यायालय में पेश किया। दोपहर बाद न्यायालय ने जयपाल के अधिवक्ताओं और पुलिस के पक्ष में पेश सरकारी अधिवक्ताओं की सुनवाई के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। डीएसपी की टीम ने उसको जिला कारागार में भेज दिया।
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पूछताछ में जसबीर और भूपेंद्र को बताता रहा जिम्मेदार

शराब घोटाले में सस्पेंड एएसआई जयपाल सिंह ने पुलिस के सामने खुद को निर्दोष बताने का प्रयास किया। शराब चोरी, तस्करी और भ्रष्टाचार में नामजद आरोपी इसमें दूसरों को ही दोषी बताता रहा। जयपाल खुद को बचाने की गुहार लगाता रहा। जयपाल ने शराब की तस्करी होने, चोरी होने और मनमाने मूल्यों पर बेचे जाने की बात स्वीकार की। इसमें तत्कालीन एसएचओ जसबीर को जिम्मेदार भी बताया, नरेंद्र सहित कई अन्य पुलिसकर्मियों को इसमें भागीदार भी बताया।

लेकिन बस खुद को निर्दोष बताता रहा। जयपाल ने जांच टीम के सामने भूपेंद्र के ट्रक व स्कार्पियो कार से दो हजार से ज्यादा शराब की पेटियां मिलने की बात स्वीकार की। उसने यह भी माना कि उसमें से केवल 1100 पेटियां भी रिकार्ड में लाई गईं और भूपेंद्र को बचाया गया। लेकिन इन 1100 पेटियों में से 151 पेटी चोरी करने का आरोप गलत बताते हुए कहा कि सुरक्षा के चलते दूसरे कमरे में रखवा दिया था।

शराब की गिनती अंतिम दौर में पहुंची

खरखौदा गोदाम में शराब की गिनती का काम अंतिम दौर में पहुंच गया है। डीएसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि गिनती का काम जल्द पूरा हो जाएगा। उसके बाद बुधवार को मिलान किया जाएगा। उसके बाद ही पूरी जानकारी सांझा की जाएगी।

शराब तस्करी का षड्यंत्र रचने, धोखाधड़ी, आरोपी को बचाने के लिए उसकी मदद करने और भ्रष्टाचार अधिनियम के मामले में आरोपी निलंबित एएसआई को अदालत के निर्देश पर जेल भेज दिया गया है। मामले में पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। आरोपी की गिरफ्तारी से कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। वहीं शराब की गिनती बुधवार को पूरी हो सकेगी।
- जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी सोनीपत
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