सफाई कर्मचारी आत्महत्या मामला: लॉयंस कंपनी का दावा-निगम ने नहीं दिया भुगतान, आयुक्त बोलीं-कोई बकाया नहीं
निगम ने लॉयंस कंपनी को नोटिस जारी कर कर्मचारियों को गुड़, तेल, साबुन न देने, कर्मचारियों के स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था और उनके बीमा की स्थिति के बारे में जानकारी न देने का आरोप लगाया था। इस पर कंपनी की ओर से जवाब दिया गया है कि जुलाई माह से कर्मचारियों को गुड़, तेल और साबुन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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चंडीगढ़ में सफाई कर्मचारी के आत्महत्या के मामले में लॉयंस कंपनी और निगम आयुक्त आमने-सामने आ गए हैं। नगर निगम की ओर जारी नोटिस का जवाब देते हुए लॉयंस कंपनी ने कहा है कि अप्रैल से लेकर 25 जुलाई तक निगम ने उन्हें कोई भुगतान नहीं दिया। किसी तरह उन्होंने कर्मचारियों को स्वयं की निधि से वेतन दिया। भविष्य में निगम समय से उनके बिलों का भुगतान करे ताकि वह कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कर सकें। इस संबंध में निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने कहा कि 10 जुलाई को कंपनी की ओर से पिछले माह के बकाया भुगतान का बिल लगाया गया था। इससे पहले कंपनी का कोई बिल नहीं रोका गया था।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों को तीन माह तक समय से वेतन दिया, जुलाई माह का वेतन निगम की ओर से भुगतान न होने के कारण कर्मचारी को नहीं दिया गया। कंपनी ने निगम की ओर से जारी नोटिस में यह भी कहा है कि केवल वेतन न मिलना ही कर्मचारी के आत्महत्या करने का कारण नहीं था, बल्कि उसके कई व्यक्तिगत कारण भी थे जिसकी निगम जांच कर सकता है। कंपनी ने कर्मचारी की पत्नी को नौकरी, अंतिम संस्कार का खर्चा, परिवार को आवास, एक लाख रुपये और बच्चों को दो साल की फीस देने का वादा किया है।
नोटिस मिलते ही शुरू कर दी व्यवस्था
निगम ने लॉयंस कंपनी को नोटिस जारी कर कर्मचारियों को गुड़, तेल, साबुन न देने, कर्मचारियों के स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था और उनके बीमा की स्थिति के बारे में जानकारी न देने का आरोप लगाया था। इस पर कंपनी की ओर से जवाब दिया गया है कि जुलाई माह से कर्मचारियों को गुड़, तेल और साबुन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं कर्मचारियों के बीमा के लिए उनसे अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद कराया जा रहा है जो इस माह के अंत तक हो जाएगा। कंपनी समय समय पर कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर लगाती है। आयुक्त ने नोटिस में कहा था कि मांगने के बावजूद कंपनी ने अब तक यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई।
पुराने भुगतान पर ऑडिट ने जताई है आपत्ति
कंपनी ने पिछली बार बयान जारी करते हुए कहा था कि निगम ने उनका पुराना भुगतान नहीं किया है इसलिए वेतन देने में देरी हुई। वर्ष 2017 में हुए टेंडर के अनुसार कंपनी ने निगम के कुछ अतिरिक्त काम किए थे, इसके कई बिल भी लगे थे लेकिन निगम के ऑडिट विभाग ने इस पर आपत्ति जताते हुए बिलों को रोक दिया है। आयुक्त का कहना है कि इस अनुबंध के अनुसार कोई भुगतान शेष नहीं है।
यह था मामला
दक्षिण के सेक्टरों में काम करने वाली लॉयंस कंपनी के एक कर्मचारी ने कुछ दिन पहले आत्महत्या कर ली थी। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं का आरोप था कि वेतन न मिलने के कारण कर्मचारी आहत था और उसने आत्महत्या कर ली। इसके बाद लॉयंस कंपनी के कर्मचारियों ने भी आक्रोश दिखाया। इस पर निगम ने कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया।
कंपनी पुराने अनुबंध की बकाया राशि को निगम की देनदारी बता रही है, वह गलत है। नए अनुबंध के अनुसार निगम ने समय से कंपनी को भुगतान किया है। जुलाई माह का बिल भी 10 तारीख को आया था। -आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम