हरियाणाः अब जेल में बर्गर, चाऊमीन खाएंगे कैदी, सरकार ने दिया खास तोहफा, जानें मामला
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जेलों में बंद कैदी अब देसी घी के खाने का मजा भी ले पाएंगे। जेल विभाग ने कैदियों को बड़ी सौगात दी है। कैदियों का जेल खर्च सरकार ने दो हजार रुपये प्रतिमाह बढ़ा दिया है। अभी तक कैदियों की खर्च सीमा प्रतिमाह छह हजार रुपये थी, जिसे आठ हजार रुपये कर दिया गया है। जेल विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया था। इसे स्वीकृति मिल गई है। हालांकि यह सुविधा हरियाणा की जेलों में होगी।
खर्च राशि में इजाफा होने पर कैदी मनमाफिक खाद्य पदार्थों का उपभोग कर सकेंगे। छह हजार रुपये खर्च सीमा होने पर कैदी कैंटीन से चाउमीन, बर्गर, ब्रांडेड ब्रेड, बिस्किट-नमकीन, छोले भटूरे और देसी घी के खाने का आनंद नहीं ले पाते थे। कैदियों की ओर से खर्च राशि बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठ रही थी।
जेल मंत्री कृष्ण लाल पंवार के जेल दौरों के दौरान भी इसकी मांग उठाई गई। इसके बाद जेल विभाग से अध्ययन कराया गया कि कैदियों को जरूरत की सभी वस्तुएं कैंटीन से लेने पर कम से कम कितनी राशि पर्याप्त होगी।
इसके बाद सरकार ने दो हजार रुपये और बढ़ाने का निर्णय लिया है। जेल मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बीते दिनों बताया था कि खर्च राशि बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है। इस पर सरकार ने बीते सप्ताह मुहर लगा दी। जेलों की किसी भी कैंटीन में नकद सामान नहीं मिलता। ऑनलाइन भुगतान का ही प्रावधान है। कैदी को कोई भी सामान खरीदने पर जेल की कैंटीन, बेकरी में अंगूठा लगाना पड़ता है, इसके बाद कैदी के खाते से रुपये कट जाते हैं।
सॉफ्टवेयर के माध्यम से सभी कैदियों का खाता खुला हुआ है। खाते में कैदी के परिजन सिर्फ तय खर्च राशि ही डाल सकते हैं। यह रुपये कैदी के खाते में जेल प्रशासन ही हस्तांतरित करता है। इस समय प्रदेश की 19 जेलों में 19 हजार 886 कैदी बंद हैं।