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सभी कस्टम कमिश्नर को लिखा पत्र, कहा- रोकें चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर का निर्यात

Tue, 27 Jul 2021 02:15 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 27 Jul 2021 02:15 AM IST
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Letter written to all custom commissioners, said- stop the export of heritage furniture of Chandigar
चंडीगढ़। शहर के हेरिटेज फर्नीचर की विदेशों में हो रही नीलामी पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने अब गंभीरता दिखाई है। एएसआई ने देश के सभी कस्टम कमिश्नर को पत्र लिखकर कहा है कि वायु के माध्यम और समुद्री बंदरगाह से हो रहे चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर के निर्यात पर रोक लगाई जाए।
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एएसआई ने ये संज्ञान हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा के पत्र पर लिया है। जग्गा ने बीते दिनों पेरिस में चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी को रोकने के लिए पत्र लिखा था। उन्होंने यह मांग की थी कि वायु और समुद्री बंदरगाह से हो रहे चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर के निर्यात पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण रोक लगाए, ताकि शहर की विरासत को बचाया जा सके। इस पर अब एएसआई ने सभी कस्टम कमिश्नरों को पत्र लिखकर कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 22 फरवरी 2011 को आदेश जारी कर चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर के निर्यात पर रोक लगाई है। इसके अलावा चंडीगढ़ के गृह सचिव ने भी हेरिटेज फर्नीचर की तस्करी के एक मामले में 29 नवंबर 2018 को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। एएसआई ने कहा है कि केंद्र सरकार जब तक इन हेरिटेज फर्नीचरों को ‘आर्ट ट्रेजरर्स’ घोषित नहीं करती है, तब तक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है। उन्होंने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर वर्तमान में ‘पुरातनता व आर्ट ट्रेजरर्स’ की सूची में नहीं आते हैं। इसलिए चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर के निर्यात को रोकना होगा, चाहे वह वायु के माध्यम से हो रहा है या फिर समुद्री बंदरगाह से। इस पत्र को लेकर अजय जग्गा ने एएसआई का धन्यवाद किया है और कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि इस आदेश से चंडीगढ़ की विरासत को बचाने में काफी मदद मिलेगी।
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वर्ष 2021 में 12 बार विभिन्न देशों में हुई है नीलामी
पियरे जेनर, फ्रांसीसी आर्किटेक्ट ली कार्बुजिए के साथ काम करते थे। इसी कारण ली कार्बुजिए ने चंडीगढ़ में घरों, सड़कों और पार्कों की प्लानिंग से लेकर सरकारी दफ्तरों में रखी जाने वाली कुर्सियों, मेज आदि को लेकर भी यूनीक स्टाइल के डिजाइन की जिम्मेदारी पियरे जेनरे को दी थी। उन्होंने अलग-अलग डिजाइन के कई फर्नीचर बनाए, जिन्हें विभिन्न सरकारी दफ्तरों व विभागों में रखा गया। तस्करी और जानकारी के अभाव में ये फर्नीचर वायु व बंदरगाहों से विदेश पहुंच रहे हैं और फिर वहां लाखों-करोड़ों में इनकी नीलामी होती है। सिर्फ इस साल ही पेरिस, लंदन समेत कई विदेशी शहरों में 12 बार इन फर्नीचरों की नीलामी हुई है। विभिन्न नीलामी में लगने वाली कीमत ही इन हेरिटेज फर्नीचर की महत्वता की कहानी बयां करते हैं।
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