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लेजर वैली- खूबसूरत मोतियों की चमकदार माला
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 01 Nov 2013 04:43 PM IST
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सर्वविदित है कि चंडीगढ़ को सिटी ब्यूटीफुल कहा जाता है। सिटी ब्यूटीफुल मतलब खूबसूरती का शहर। खूबसूरती मतलब इस शहर के वे पर्यटन स्थल जिन्हें निहारने के लिए विदेशों तक से पर्यटक चंडीगढ़ आते हैं।
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इन्हीं में से एक है लेजर वैली। यह चंडीगढ़ के सबसे लोकप्रिय पयर्टन स्थलों में से एक है। यह चंडीगढ़ की खूबसूरती की माला का एक ऐसा मोती है, जिसे निकाल दिया जाए तो माला की चमक खो जाए।
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लेजर वैली 8 किलोमीटर लंबी है। यह शहर के उत्तर में सेक्टर-1 स्थित राजेंद्रा पार्क से शुरू होकर सेक्टर-3 में बोगेनविले फैली हुई है, लेकिन इसकी जड़ें दक्षिण में सेक्टर-53 तक जमी हैं।
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सेक्टर-16 का रोज गार्डन भी इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाता है। सेक्टर-13 में प्रवेश करते हुए लेजर वैली गोलाकार मोड़ लेती है। आइये इसके बारे में विस्तार से बात करते हैं-
राजेंद्रा पार्क, सेक्टर-1
इस पार्क से लेजर वैली की शुरुआत होती है। शहर के पूर्व में सचिवालय से सटा 400 एकड़ में यह पार्क फैला हुआ है। ली कार्बूजिए ने खुद इस पार्क की परिदृश्य डिजाइन किया था। गोल छतरीनुमा एवं हरे-भरे सदाबहार पेड़ यहां देखने को मिलते हैं। सन् 1954 में बने इस पार्क में लोग सुबह की सैर करते हैं। ड्राइविंग सीखने व घुड़सवारी करने के लिए भी यह लोकप्रिय है।
स्मृति उपवन, सेक्टर-1
इस क्षेत्र में दिवंगतों की याद में पौधारोपण करने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह वह जगह है, जहां दुनिया छोड़ चुके अपनों को यादगार बनाया जाता है। 14 नवंबर, 1998 को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु की याद में बरगद का पेड़ लगाकर इस पार्क की औपचारिक शुरुआत की गई थी। यह रॉक गार्डन और सुखना लेक के बीच स्थित है।
बोगनविलिया गार्डन, सेक्टर-3
यह 20 एकड़ में फैला खूबसूरत गार्डन है। लेजर वैली की खूबसूरती की वास्तविक शुरुआत यहीं से होती है। यहां बोगनविलिया की विविध किस्मों के पेड़ देखने को मिल सकते हैं। क्योंकि बोगनविलिया के फूल समयानुसार ही आते हैं तो उस समय के बीच में गार्डन को हरा-भरा बनाये रखने के लिए कुछ अन्य रंग-बिरंगे फूलों के पौधे भी लगाये गये हैं। यह 1976 में खोला गया था।
फिटनेस ट्रेल्स, सेक्टर-10
शारीरिक व्यायाम एवं लंबी सैर करने के लिए यह पार्क शहरवासियों में बहुत लोकप्रिय है। इस पार्क का डिजाइन प्रकृति के खूबसूरत नजारों के बीच व्यायाम कर दिनभर के लिए शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। पार्क के दक्षिण में एक हिस्से में मौसमी फूलों के पेड़ लगे हैं तो दूसरे हिस्से में जाने-माने कलाकारों की मूर्तियां सजी हैं। पार्क के शेष भाग को सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित करने के लिए खाली छोड़ दिया गया है।
बॉटनीकल गार्डन, सेक्टर-14
सिटी ब्यूटीफुल में दो बॉटनीकल गार्डन हैं। एक रॉक गार्डन और सुखना लेक के बीच में स्थित है। दूसरा पंजाब विश्वविद्यालय में है। एक ओर बॉटनीकल गार्डन सारंगपुर में 110 एकड़ में तैयार किया जा रहा है, जो आने वाले समय में शहर का एक और लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन सकता है।
रोज गार्डन, सेक्टर-16
शहर के सबसे लोकप्रिय एवं युवाओं का पसंदीदा गार्डन है यह। देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन के नाम पर बने इस गार्डन को वर्ष 1967 में चंडीगढ़ के पहले मुख्य आयुक्त स्वर्गीय एम एस रंधावा के मार्गदर्शन में तैयार किया गया था। यह एशिया का सबसे बड़ा रोज गार्डन है। 27 एकड़ में फैल इस गार्डन में गुलाब की 1600 किस्मों के 17 हजार पौधे लगाये गये हैं। इसके अलावा कुछ औषधीय पौधे भी यहां लगे हुए हैं। कुछ सदाबहार फूलों के पौधे भी इसकी खूबसूरती को बढ़ाने में अपना योगदान देते हैं। हर साल फरवरी के महीने में यहां 'फेस्टिवल ऑफ गार्डन्स' का आयोजन किया जाता है। इस फेस्टिवल को 'नेशनल कलेंडर ऑफ इवेंट्स' की सूची में भी शामिल किया गया है।
शांति कुंज, सेक्टर-16
रोज गार्डन और सेक्टर-16 स्थित क्रिकेट मैदान के बीच में यह गार्डन है। यह एक शोररहित क्षेत्र है। प्राकृतिक नजारों की दृष्टि से यह पार्क पांच हिस्सों में बंटा हुआ है। ये पांच हिस्से हैं, औषधीय पौधों वाला हिस्सा, छायादार पौधों वाला हिस्सा, पर्यावरणीय संरक्षण करने वाले पौधों वाला हिस्सा, लंबे आकार के फूलों वाले पौधों का हिस्सा व अन्य।
टैरेसड गार्डन, सेक्टर-33
इस गार्डन में सीढ़ीनुमा छोटे-छोटे पार्कों की एक शृंखला बनी हुई है। म्यूजिकल फाउंटन इस गार्डन का विशेष आकर्षण है। यहां पर हर साल क्रिसएन्थेमम शो आयोजित किया जाता है। 10 एकड़ मे फैला यह गार्डन वर्ष 1973 में खोला गया था।
टोपिएरी पार्क, सेक्टर-35
यह पार्क 1987 में लोगों के लिए खोला गया था। लताओं एवं झाड़ियों में बनी विभिन्न प्रकार के जानवरों की आकृतियां बच्चों को आकर्षित करती हैं। सजावटी पौधों की विशाल विविधता इस पार्क का विशेष आकर्षण है।
हिबिस्कस गार्डन, सेक्टर-36
यह गार्डन 8 एकड़ में फैला हुआ है। गार्डन को रंग-बिरंगा बनाये रखने के लिए यहां हिबिस्कस के फूलों की 40 किस्में लगाई गई हैं।
गार्डन ऑफ फ्रेगरेंस, सेक्टर-36
हिबिस्कस गार्डन के दक्षिण में स्थित यह गार्डन विभिन्न प्रकार के खुशबूदार फूलों वाले पौधों के लिए लोकप्रिय है। जैसे- रात की रानी, चमेली के फूल, गुलाब, मेहंदी, चंपा, हार शृंगार, बूटीदार फूल आदि कई प्रकार के फूलों के पौधों लेजर वैली के इस हिस्से की खूबसूरती को बढ़ाते हैं।