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यूटी प्रशासन को मिली कानूनी राय, सेंट्रल सर्विस रूल्स अपनाने में कई अड़चनें, पंजाब के ही बेहतर
Wed, 11 Mar 2020 11:13 AM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 11 Mar 2020 11:13 AM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
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सेंट्रल सर्विस रूल्स अपनाएं या पंजाब सर्विस रूल्स पर ही बने रहें, इस पर मिली कानूनी सलाह के बाद यूटी प्रशासन पंजाब रूल्स को ही अपनाने पर विचार कर रहा है। पंजाब सरकार की तरफ से रिटायरमेंट उम्र को कम करने के बाद यूटी ने सेंट्रल सर्विस रूल्स को अपनाने पर विचार करना शुरू कर दिया था। अधिकारियों में अलग-अलग मत होने की वजह से प्रशासन ने कानूनी राय मांगी थी। प्रशासन को अब पंजाब सर्विस रूल्स को ही फॉलो करने की कानूनी सलाह मिली है।
एडवाइजर मनोज परिदा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि उन्हें कानूनी राय मिल चुकी है और वह जल्द ही प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को इस बारे में जानकारी देंगे। आखिरी फैसला वीपी सिंह बदनौर का ही होगा। कानूनी राय के अनुसार सेंट्रल सर्विस रूल्स को अपनाने में कई तरह की कानूनी अड़चनें हैं। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ ने तीन मुद्दों पर कानूनी राय मांगी थी। इनमें से एक पंजाब सर्विस रूल्स को मानने के पक्ष में था।
दूसरा यह था कि क्या ऐसा हो सकता है कि प्रशासन पंजाब सर्विस रूल्स को ही माने, लेकिन रिटायरमेंट उम्र सेंट्रल सर्विस रूल्स के अनुसार तय हो। इस पर कहा गया है कि किसी भी सर्विस रूल्स में से ‘पिक एंड चूज’ नहीं कर सकते हैं। अगर अपनाते हैं तो पूरी तरह से अपनाना पड़ेगा। इसके अलावा प्रशासन ने यह भी जानकारी मांगी थी कि क्या चंडीगढ़ के लिए सेंट्रल सर्विस रूल्स को मानना सही होगा।
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इस पर कानूनी सलाह दी गई है कि साल 1992 में चंडीगढ़ ने केंद्रीय कैबिनेट से पास होने के बाद पंजाब सर्विस रूल्स को अपनाया था। इसके अलावा पंजाब सर्विस रूल्स के तहत आने वाले कर्मचारियों को जल्द ही छठे पे कमिशन का लाभ मिलने जा रहा है। इसके तहत मिलने वाली सैलरी, केंद्र सरकार के 7वें पे कमीशन से भी ज्यादा होगी। इसके अलावा कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद बहुत से कर्मचारियों का प्रमोशन होगा और कई पद खाली होंगे।
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एडवाइजर मनोज परिदा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि उन्हें कानूनी राय मिल चुकी है और वह जल्द ही प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को इस बारे में जानकारी देंगे। आखिरी फैसला वीपी सिंह बदनौर का ही होगा। कानूनी राय के अनुसार सेंट्रल सर्विस रूल्स को अपनाने में कई तरह की कानूनी अड़चनें हैं। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ ने तीन मुद्दों पर कानूनी राय मांगी थी। इनमें से एक पंजाब सर्विस रूल्स को मानने के पक्ष में था।
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दूसरा यह था कि क्या ऐसा हो सकता है कि प्रशासन पंजाब सर्विस रूल्स को ही माने, लेकिन रिटायरमेंट उम्र सेंट्रल सर्विस रूल्स के अनुसार तय हो। इस पर कहा गया है कि किसी भी सर्विस रूल्स में से ‘पिक एंड चूज’ नहीं कर सकते हैं। अगर अपनाते हैं तो पूरी तरह से अपनाना पड़ेगा। इसके अलावा प्रशासन ने यह भी जानकारी मांगी थी कि क्या चंडीगढ़ के लिए सेंट्रल सर्विस रूल्स को मानना सही होगा।
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इस पर कानूनी सलाह दी गई है कि साल 1992 में चंडीगढ़ ने केंद्रीय कैबिनेट से पास होने के बाद पंजाब सर्विस रूल्स को अपनाया था। इसके अलावा पंजाब सर्विस रूल्स के तहत आने वाले कर्मचारियों को जल्द ही छठे पे कमिशन का लाभ मिलने जा रहा है। इसके तहत मिलने वाली सैलरी, केंद्र सरकार के 7वें पे कमीशन से भी ज्यादा होगी। इसके अलावा कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद बहुत से कर्मचारियों का प्रमोशन होगा और कई पद खाली होंगे।
सिर्फ 400 कर्मचारी पर ही पड़ेगा असर
एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि प्रशासन के विभिन्न विभागों में करीब 24 हजार कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। बीते दिनों प्रशासन ने आंकड़ा मंगवाया था, जिसके आधार पर पंजाब कैबिनेट के रिटायरमेंट उम्र को घटाने के फैसले का असर सिर्फ 400 कर्मचारियों पर पड़ेगा। इनमें से करीब 200 कर्मचारियों को 31 मार्च को रिटायर करना होगा और करीब 200 कर्मचारियों को सितंबर तक रिटायर करना होगा। उन्होंने बताया कि प्रशासन को जल्द ही इस पर फैसला लेना है क्योंकि पंजाब रूल्स के मुताबिक 200 कर्मचारियों को इसी माह रिटायर करना है।
पंजाब सर्विस रूल्स के समर्थन में उतरीं कर्मचारी यूनियन
चंडीगढ़ सब-ऑर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन यूटी कर्मचारी यूनियन ने भी सोमवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को एक पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि कर्मचारी चाहते हैं कि यूटी पंजाब सर्विस रूल्स को ही फॉलो करता रहे क्योंकि यह सभी के हित में है। कुछ यूनियन सिर्फ अपना हित देख रहे हैं, इसलिए सेंट्रल सर्विस रूल्स को अपनाने की मांग कर रहे हैं। सार्वजनिक हित की बात करें तो पुराने कर्मचारी रिटायर होंगे तो युवाओं को मौका मिलेगा। इसके अलावा यूनियन ने मांग की है कि चंडीगढ़ में जन्मे कर्मचारियों को यूटी में निकली नौकरियों में 85 फीसदी का कोटा मिलना चाहिए।
सर्विस रूल्स के लिए हमने कानूनी सलाह मांगी थी, जोकि प्रशासन के पास आ गया है। सेंट्रल सर्विस रूल्स को अपनाने में काफी कानूनी अड़चनें हैं। इस बारे में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को जल्द ही जानकारी दी जाएगी क्योंकि आखिरी फैसला वही लेंगे।
- मनोज परिदा, एडवाइजर
पंजाब सर्विस रूल्स के समर्थन में उतरीं कर्मचारी यूनियन
चंडीगढ़ सब-ऑर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन यूटी कर्मचारी यूनियन ने भी सोमवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को एक पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि कर्मचारी चाहते हैं कि यूटी पंजाब सर्विस रूल्स को ही फॉलो करता रहे क्योंकि यह सभी के हित में है। कुछ यूनियन सिर्फ अपना हित देख रहे हैं, इसलिए सेंट्रल सर्विस रूल्स को अपनाने की मांग कर रहे हैं। सार्वजनिक हित की बात करें तो पुराने कर्मचारी रिटायर होंगे तो युवाओं को मौका मिलेगा। इसके अलावा यूनियन ने मांग की है कि चंडीगढ़ में जन्मे कर्मचारियों को यूटी में निकली नौकरियों में 85 फीसदी का कोटा मिलना चाहिए।
सर्विस रूल्स के लिए हमने कानूनी सलाह मांगी थी, जोकि प्रशासन के पास आ गया है। सेंट्रल सर्विस रूल्स को अपनाने में काफी कानूनी अड़चनें हैं। इस बारे में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को जल्द ही जानकारी दी जाएगी क्योंकि आखिरी फैसला वही लेंगे।
- मनोज परिदा, एडवाइजर