फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Leasehold property, sky-high prices; no buyers found in the new market.

Chandigarh News: प्रॉपर्टी लीजहोल्ड, कीमत आसमान पर, नई मंडी में नहीं मिल रहे खरीदार

Wed, 14 Oct 2026 01:27 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2026 01:27 AM IST
विज्ञापन
Leasehold property, sky-high prices; no buyers found in the new market.
सेक्टर-39 की 23 एससीओ साइटों की ई-नीलामी को नहीं मिल रहा अच्छा रिस्पांस, कलेक्टर रेट बढ़ने से आरक्षित मूल्य 5.30 करोड़ रुपये से अधिक
विज्ञापन

कारोबारियों का दावा- पहले 3.70 करोड़ रुपये में हुई थी नीलामी, अब कीमत 5.40 करोड़ तक पहुंची; पिछली नीलामी की अलॉटमेंट प्रक्रिया भी अब तक पूरी नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। एक तरफ करोड़ों रुपये की कीमत और दूसरी तरफ मालिकाना हक के बजाय लीज होल्ड संपत्ति। यही वजह है कि सेक्टर-39 के नई अनाज, फल एवं सब्जी मंडी में कारोबार के लिए प्रस्तावित 23 एससीओ साइटों की नीलामी को अच्छा रिस्पांस नहीं मिल रहा है। प्रशासन के लिए इन साइटों में कारोबारियों की दिलचस्पी बढ़ाना चुनौती बन गया है। कारोबारियों का कहना है कि इतनी बड़ी रकम निवेश करने के बाद भी संपत्ति पर मालिकाना हक से जुड़ी सीमाएं उनके लिए चिंता का विषय हैं।
विज्ञापन

सेक्टर-26 के कारोबारी मोहित सूद ने बताया कि पहले इन साइटों की नीलामी करीब 3.70 करोड़ रुपये में हुई थी लेकिन कलेक्टर रेट बढ़ने के बाद कीमत करीब 5.40 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उनका कहना है कि लीज होल्ड संपत्ति के लिए इतनी बड़ी रकम निवेश करने को कारोबारी तैयार नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की ओर से पहले कराई गई नीलामी की अलॉटमेंट प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई है। इससे भी कारोबारियों की दिलचस्पी प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

23 साइटों का आरक्षित मूल्य 122 करोड़ से अधिक
प्रशासन के मुताबिक 23 से 27 अक्टूबर तक मुख्य ई-नीलामी होगी। इसमें साइट नंबर 24 से 46 तक कुल 23 एससीओ शामिल हैं। प्रत्येक साइट का आरक्षित मूल्य 5.30 करोड़ रुपये से अधिक रखा गया है। सभी साइटों का कुल आरक्षित मूल्य करीब 122.08 करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी राशि के निवेश के लिए कारोबारियों को भविष्य में होने वाली कमाई और लागत का आकलन करना पड़ रहा है।
कलेक्टर रेट बढ़ने से निवेश का जोखिम बढ़ा
कारोबारियों को एससीओ की कीमत के अलावा निर्माण, कारोबार स्थापित करने और रोजमर्रा के खर्चों पर भी निवेश करना होगा। यदि नीलामी में प्रतिस्पर्धा के कारण बोली आरक्षित मूल्य से ऊपर जाती है तो लागत और बढ़ सकती है। ऐसे में कारोबारी निवेश से पहले बाजार की स्थिति और संभावित कमाई का आकलन कर रहे हैं।

लीज होल्ड संपत्ति भी बड़ी वजह
फ्री होल्ड की तुलना में लीज होल्ड संपत्ति में आवंटन की शर्तों और लीज संबंधी प्रावधानों को ध्यान में रखना पड़ता है। संपत्ति के उपयोग, लंबे समय के निवेश और भविष्य में हस्तांतरण से जुड़े पहलू भी फैसले को प्रभावित करते हैं। कारोबारियों के मुताबिक, ऊंची कीमत के साथ लीज होल्ड की शर्त होने से निवेश का जोखिम बढ़ जाता है। चंडीगढ़ प्रशासन की पिछली कुछ नीलामियों में भी लीज होल्ड संपत्तियों को अच्छा रिस्पांस नहीं मिला।
18 अक्तूबर तक जमा कराने होंगे दस्तावेज
इच्छुक बोलीदाता 18 अक्टूबर तक जरूरी दस्तावेज और ईएमडी जमा करा सकेंगे। 19 से 22 अक्टूबर तक दस्तावेजों और ईएमडी की जांच होगी। पात्र बोलीदाता 23 से 27 अक्टूबर तक मुख्य ई-नीलामी में हिस्सा ले सकेंगे। इसके लिए eauction.gov.in/eauction पोर्टल पर पंजीकरण और वैध डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) अनिवार्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed