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महाजाम से सीखः पंचकूला से आने-जाने के नए रास्ते तलाशेगा चंडीगढ़ प्रशासन, हरियाणा के साथ हुई बैठक
Mon, 24 Jul 2023 02:21 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jul 2023 02:21 AM IST
सार
चंडीगढ़ से मोहाली आने-जाने के लिए करीब नौ रास्ते हैं, जबकि पंचकूला के लिए मुख्य रूप से तीन ही रास्ते हैं। अगर समय रहते वैकल्पिक रास्तों पर काम नहीं किया गया तो आने वाले समय में हाउसिंग बोर्ड से सेक्टर-26 मध्यमार्ग तक जीरकपुर फ्लाईओवर के नीचे लगने वाले जाम के जैसे हालात हो जाएंगे। पिछले दिनों ऐसा देखने को भी मिला था।
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चंडीगढ़ में मध्य मार्ग पर लगा जाम।
- फोटो : फाइल
विस्तार
चंडीगढ़ में मध्यमार्ग पर बीते दिनों भारी बारिश के बाद लगे महाजाम से सीख लेते हुए यूटी प्रशासन अब पंचकूला से आने-जाने के लिए नए वैकल्पिक रूट तलाश रहा है। इसे लेकर हरियाणा के अधिकारियों के साथ एक बैठक हो चुकी है। रेलवे स्टेशन के पास एक आरयूबी (रेलवे अंडर ब्रिज) समेत अन्य कुछ रूट पर चर्चा चल रही है।
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बीते दिनों भारी बारिश से चंडीगढ़-पंचकूला को जोड़ने वाले अधिकतर रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए थे। सिर्फ एक मध्यमार्ग बाकी रह गया था, जिस पर करीब चार दिन भारी जाम लगा। 20 मिनट की दूरी के लिए भी लोगों को दो-दो घंटे लगे। इससे सबक लेते हुए प्रशासन ने फैसला किया है कि पंचकूला से कनेक्टिविटी को बढ़ाया जाएगा और अतिरिक्त रूट की भी पहचान की जाएगी।
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बीते दिनों मेट्रो को लेकर हुई बैठक में भी इस बात पर चर्चा हुई थी। बताया गया कि पंचकूला और चंडीगढ़ को जोड़ने वाले जितने भी रास्ते हैं वे पुल या फिर अंडरपास आदि से होकर गुजरते हैं। इस लिहाज से सभी रास्ते काफी संवेदनशील हैं। चर्चा की गई कि कुछ ऐसे रास्ते विकसित किए जाने चाहिए, जिनमें कोई बाधा न हो। हालांकि कई चुनौतियां भी हैं, क्योंकि वैकल्पिक रास्तों के प्रस्ताव में काफी जमीन रेलवे की आ रही है, जिसे लेकर जल्द रेलवे के अधिकारियों से भी बैठक की जाएगी।
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मध्यमार्ग के जाम से कराह उठा था चंडीगढ़
दरअसल, चंडीगढ़ से मोहाली आने-जाने के लिए करीब नौ रास्ते हैं, जबकि पंचकूला के लिए मुख्य रूप से तीन ही रास्ते हैं। अगर समय रहते वैकल्पिक रास्तों पर काम नहीं किया गया तो आने वाले समय में हाउसिंग बोर्ड से सेक्टर-26 मध्यमार्ग तक जीरकपुर फ्लाईओवर के नीचे लगने वाले जाम के जैसे हालात हो जाएंगे। पिछले दिनों ऐसा देखने को भी मिला था। आलम यह था कि सुबह और शाम के समय सेक्टर-26 स्थित मंडी चौक से लेकर हाउसिंग बोर्ड लाइटों तक जाम लग रहा था। इतना लंबा जाम चंडीगढ़ और पंचकूला वासियों ने कभी नहीं देखा था। सारा ट्रैफिक का बोझ मध्यमार्ग पर आ जाने की वजह से शहर कराह उठा था।
वैकल्पिक रूट-1
यूटी प्रशासन ने औद्योगिक क्षेत्र से मौलीजागरां चौक के साथ पंचकूला के सेक्टर-17/18 को जोड़ने के लिए रेलवे लाइन के दोनों तरफ डिवाइडर वाली सड़क बनाने का काम पूरा कर लिया है। इस रोड पर स्ट्रीट लाइट तक लगाई जा चुकी है, लेकिन बीच में रेलवे लाइन होने से दोनों तरफ रोड आपस में कनेक्ट नहीं हो पा रहे। यह आरयूबी रेलवे को ही विकसित करना है। रेलवे स्टेशन का जो अपग्रेडेशन चल रहा है, उसी में आरयूबी भी बनना है। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि पहले रेलवे के कॉरपोरेशन बदल गए थे, जिसकी वजह से मामला अधर में लटक गया था।
वैकल्पिक रूट-2
पंचकूला में सेक्टर-5बी और सेक्टर-6 के बीच अंडरपास बनाकर एक रास्ता चंडीगढ़ के मनीमाजरा स्थित स्टेडियम के पास निकालना था। दावा है कि इस अंडरपास के निर्माण से श्री माता मनसा देवी मार्ग पर नवरात्रि के दिनों में लगने वाले जाम से भी लोगों को राहत मिल जाएगी।
वैकल्पिक रूट-3
कलाग्राम के पीछे से एक रास्ता औद्योगिक क्षेत्र फेस-1 से निकाला जाना था। इस पर कई बैठकें भी हुईं, लेकिन प्रोजेक्ट रफ्तार नहीं पकड़ पाया।
बारिश की वजह से कुछ मार्ग क्षतिग्रस्त होने से मध्यमार्ग पर भारी जाम लग गया। चंडीगढ़ और पंचकूला दोनों इस बात पर सहमत हैं कि वैकल्पिक रास्ते होने चाहिए। वैकल्पिक रूट को लेकर हरियाणा के साथ कुछ रास्तों पर चर्चा हुई है। रेलवे ने एक आरयूबी बनाना है। उस पर मामले में भी तेजी लाने की कोशिश चल रही है। कोशिश है कि पंचकूला से जितने ज्यादा रूट बन सकें उतने बनाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो। - नितिन यादव, गृह सचिव, यूटी प्रशासन